मनी ट्रांसफर के लिए 'जिंदा कुरियर' इस्तेमाल करता था आसाराम
आसाराम के भक्तों पर 3800 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं. पुलिस के बाद अब इनकम टैक्स वालों ने आसाराम को याद दिलाए बापू.
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फोटो - thelallantop
खराब दिन क्या होते हैं ये कोई आसाराम से पूछे. अइसी तइसी हुई पड़ी है. आसाराम को बापू याद आ रहे होंगे. अइसी तइसी के क्रम में अब इनकमटैक्स वालों ने मोर्चा संभाल लिया है. आसाराम को पहले इनकम टैक्स में छूट मिलती थी. अब वहां से भी कृपा मिलनी लगभग बंद हो गई है. आसाराम के जित्ते संगठन हैं, अब किसी को भी इनकम टैक्स पर छूट नहीं मिलेगी. इनकम टैक्स वालों ने रिक्मेंड कर दिया है.
अइसा हुआ इसलिए है क्योंकि इनकम टैक्स वालों ने की एक जांच. अब जांच हुई तो आएगी रिपोर्ट. जिसमें आसाराम की 2008-09 से छिपी हुई करीब 2 हजार 300 करोड़ की इनकम का खुलासा हुआ है. बहुत से बेनामी इन्वेस्टर्स का नाम इसमें सामने आया है, जिसमें आसाराम या उनके भक्तों ने रियल स्टेट, म्यूचुअल फंड, किसान विकास पत्र और फिक्स्ड डिपोजिट के जरिए करोड़ों रुपया लगाया हुआ है.
ज्यादातर इंवेस्टमेंट कोलकाता बेस्ड 7 कंपनियों से आया है. ये कंपनियां या तो आसाराम की हैं या उनके भक्त चला रहे हैं. रिपोर्ट से पता चला है कि आसाराम अपने समर्थकों के साथ मिलकर एक लोन देने की स्कीम भी चलाया करते थे. जो कि लोगों को पर मंथ 1 से 2 परसेंट की दर से लोन दिया करती थी.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 1400 लोन लेने वाले लोगों के पास 3800 करोड़ रुपया फंसा हुआ है. कैश ट्रांसफर की इनकी तकनीक बहुत धांसू थी. ये जिंदा कुरियर भेजा करते थे. मतलब आसाराम के समर्थक खुद पैसे इधर-उधर ले जाया करते थे.
जब संत श्री आसाराम आश्रम (माफ कीजिएगा, यहां संत और श्री आश्रम के नाम में जुड़ा हुआ है, इस वजह से लिखना मजबूरी है.) की प्रवक्ता नीलम दुबे से इनकम टैक्स की इस जांच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,

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