The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • income tax department final order under black money act against anil ambani rs 800 crore assets

'दीवालिया' अनिल अंबानी के खिलाफ 800 करोड़ की संपत्ति छिपाने के आरोप में बड़ी कार्रवाई हो गई

साल 2020 के फरवरी महीने में अंबानी ने यूके की अदालत में बताया था कि वे 'दीवालिया' हैं और उनकी संपत्ति 'शून्य' है. लेकिन टैक्स हेवेंस में उनके पास 800 करोड़ की संपत्ति होने का पता चला है.

Advertisement
pic
6 जून 2022 (अपडेटेड: 6 जून 2022, 05:50 PM IST)
Anil Ambani PTI
अनिल अंबानी. (फोटो: पीटीआई)
Quick AI Highlights
Click here to view more

आयकर विभाग की मुंबई इकाई ने बीते मार्च महीने में रिलायंस (एडीए) ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ अघोषित आय का आरोप लगाते हुए आदेश पारित किया था. ये कार्रवाई काला धन अधिनियम, 2015 के तहत हुई थी. इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार रितु सरीन की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले साल 2019 में अनिल अंबानी के खिलाफ इस संबंध में नोटिस जारी किया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने टैक्स बचाने में मदद करने वाले देशों यानी कि टैक्स हेवेंस में कागजी कंपनियां खोल रखी हैं और इन संपत्तियों के बारे में खुलासा नहीं किया है.

अब इस सिलसिले में विभाग ने उद्योगपति अनिल अंबानी के खिलाफ फाइनल ऑर्डर जारी किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, आदेश में इन कंपनियों के नाम और उनसे जुड़े बैंक खातों का विवरण है. आयकर विभाग ने कहा है कि इन संपत्तियों की राशि करीब 800 करोड़ रुपये पहुंचती है. अखबार के मुताबिक सूत्रों ने बताया है कि ये राशि डॉलर की मौजूदा कीमत (रुपये में) के आधार पर निकाली गई है.

अंबानी ने खुद को बताया था दीवालिया

इससे पहले साल 2020 के फरवरी महीने में अंबानी ने यूके की अदालत में बताया था कि वे 'दीवालिया' हैं और उनकी संपत्ति 'शून्य' है. ऐसे में इन अघोषित संपत्तियों का पता चलना अनिल अंबानी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा माना जाना जा रहा है कि काला धन अधिनियम के तहत अनिल अंबानी के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है, वो टैक्स हेवेंस बहामास और ब्रिटिश वर्जिन आईलैड्स में स्थित उनकी कंपनियों से जुड़ी हुई है.

बहामास में उन्होंने साल 2006 में डायमंड ट्रस्ट नाम की एक कंपनी खोली थी, जो ऑफशोर कंपनी ड्रीमवर्क होल्डिंग से जुड़ी हुई है. इसके बारे में खुलासा होने पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने फॉरेन टैक्स एंड टैक्स रिसर्च (एफटीटीआर) डिविजन के माध्यम से बहामास को पत्र लिखा था. इसके बाद स्विस बैंक से जुड़े इसके एक खाते के बारे में पता चला था.

इसके अलावा साल 2010 में अनिल अंबानी ने ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स में 'नॉर्थ अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड' नाम से एक दूसरी ऑफशोर कंपनी खोली थी. इसकी जानकारी लंबे समय तक गोपनीय थी. इस कंपनी का बैंक अकाउंट साइप्रस के बैंक से जुड़ा हुआ पाया गया था. खास बात ये है कि इंडियन एक्सप्रेस ने 'पैंडोरा पेपर्स' नाम से जो खुलासा किया था, उसमें अनिल अंबानी से जुड़ी 18 कंपनियों में से एक कंपनी ये भी थी.

किस धारा के तहत हुई कार्रवाई?

अनिल अंबानी के खिलाफ काला धन अधिनियम 2015 की धारा 10 (3) के तहत कार्रवाई हुई है. इस तरह का आदेश जारी करने से पहले तमाम आरोपों का विस्तृत आंकलन किया जाता है. इसके प्रावधान के मुताबिक सभी उपलब्ध 'अकाउंट्स, दस्तावेज या साक्ष्यों' के आधार पर आंकलन अधिकारी आदेश पारित करते हैं.

बता दें कि 'स्विस लीक' में भी अनिल अंबानी का नाम शामिल था. साल 2015 में किए गए इन्वेस्टिगेशन में पता चला था कि कम से कम 1100 भारतीयों का एचएसबीसी के जेनेवा ब्रांच में बैंक अकाउंट है. इन लोगों में अनिल अंबानी भी शामिल थे. साल 2006-07 में उनके इस अकाउंट का बैंलेस 26.6 मिलियन डॉलर (अभी के हिसाब से 206.56 करोड़ रुपये) था.

तारीख: RAW का ये मिशन सफल हो जाता तो ऑपरेशन ब्लू स्टार होता ही नहीं

Advertisement

Advertisement

()