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एक मिठाई को लेकर पश्चिम बंगाल में हो रही है पॉलिटिकल लड़ाई

चूड़ा समझते हो? उसमें खजूर का गुड़ मिलाओ और राजनीति करने निकल जाओ.

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आशीष मिश्रा
29 मार्च 2016 (अपडेटेड: 29 मार्च 2016, 12:02 PM IST)
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एक चीज होती है ज्योग्राफिकल आइडेन्टिफिकेशन माने GI. ये टैग सरीखा होता है. मान लो रीवा की इंदरहर को मिल गया तो ये माना जाएगा कि इंदरहर यहीं बनी थी. ये किसी भी प्रोडक्ट के बनने वाली जगह को बनाता है. पश्चिम बंगाल में होने को हैं चुनाव, और चुनाव टाइम सब चीजें हो जाती हैं सेंसिटिव. तो हुआ क्या कि बंगाल में बड़े दिन से दहकुच्च मचा था. जयनगर के मोआ, कृष्णनगर के सरपुरिया, वर्धमान के सीताभोग और मिहीदाना को GI टैग दिलाने की. मोआ को टैग मिल गया. मोआ को चूड़े, (धान का होता है यार पोहे जैसा! संक्रांति टाइम खाते तो हो दूध में फुला के) और खजूर के गुड़ में मिलाकर बनाया जाता है. अब क्रेडिट लेने की बारी थी. तो TMC की प्रतिभा मोंडल और सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया के नेताओं में ठन गई, हर कोई कह रहा है हमारे सुकर्मों से GI टैग मिला है. पॉलिटिक्स गरम है. और मिठाई के लिए जुज्झ मचा है.

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