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लापरवाही की हद! कोरोना टेस्ट के लिए लोगों को खुद ही अपना स्वाब सैम्पल कलेक्ट करना पड़ रहा है

अस्पताल के कर्मचारी सैम्पल लेने के लिए मौजूद नहीं थे.

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अस्पताल में लोगों का स्वाब सैम्पल जमा करने के लिए कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था.
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मेघना
25 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 25 अप्रैल 2021, 08:05 AM IST)
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कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है. राज्यों में लगातार लोगों की टेस्टिंग हो रही है. इस बीच पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के एक सरकारी अस्पताल में घोर लापरवाही का मंज़र देखने को मिला. जांगीपुर स्थित एक अस्पताल में लोग कोरोना टेस्ट के लिए स्वाब से खुद अपना सैम्पल निकालकर जमा करते नज़र आए. अस्पताल में लोगों का स्वाब सैम्पल जमा करने के लिए कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल से इस पर जवाब मांगा है. नेटवर्क 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, जांगीपुर हॉस्पिटल के बाहर कई लोग अपने स्वाब सैम्पल खुद लेते हुए दिखाई दिए थे. जबकि उनको पता ही नहीं था कि इसे कैसे कलेक्ट करना है. अपना सलाइवा का सैंपल निकालने के बाद वो इसे एक ट्यूब में जमा कर रहे थे. हॉस्पिटल का सिर्फ एक स्टाफ उन सभी के पर्सनल डीटेल्स को लिख रहा था. वहां मौजूद एक महिला ने बताया,
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महिला ने बताया कि वो अपनी मां के कोविड-19 जांच के लिए आई थी. जहां उनकी मां की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई. जो शख्स उनकी मां की रिपोर्ट लेकर आया वो खुद को हॉस्पिटल का स्टाफ बता रहा था. उसने बताया कि हॉस्पिटल के ज़्यादातर स्टाफ या तो बीमार हैं या उन्होंने छुट्टी ले रखी है. ऐसे में पेशेंट को अपना स्वाब खुद की कलेक्ट करना पड़ रहा है. इस बारे में जब हेल्थ डिपार्टमेंट से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा,
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क्या होता है स्वाब टेस्ट दुनिया भर के डॉक्टर आरटी-पीसीआर को सबसे अच्छा टेस्ट मानते हैं. आरटी-पीसीआर का मतलब है रियल टाइम रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन. इस टेस्ट में नाक या गले से एक नमूना (स्वाब) लिया जाता है. इस टेस्ट में नाक के पिछले हिस्से से स्वाब लिया जाता है. नाक और गले के बीच के जिस हिस्से से स्वाब निकाला जाता है उसे नेज़ोफ्रेंज़ियल एरिया कहते हैं. साथ ही स्वाब एक तरह का इंस्ट्रूमेंट होता है. कान साफ करने का जो ईयर बड होता है न, वैसा ही दिखता है. बस उससे थोड़ा लंबा होता है. नेज़ोफ्रेंज़ियल एरिया से सैम्पल इसलिए लिया जाता है क्योंकि शरीर में उसी जगह पर वायरस या बैक्टीरिया का लोड सबसे ज्यादा होता है.

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