सैकड़ों पुलिसवाले, एनएसजी, सेना के जवान और अधिकारी. इसके साथ ही सुरक्षा की वोव्यवस्था, जो इस देश में सिर्फ एक आदमी के लिए ही उपलब्ध हो सकती है और वो हैं देशके राष्ट्रपति. इतनी सुरक्षा व्यवस्था की मौजूदगी के बाद भी बारिश के दौरानराष्ट्रपति को एक अदद छाता न मिले तो ये थोड़ा अजीब लग सकता है. ऐसा हुआ है. केरलमें अाठ अक्टूबर को बारिश के दौरान राष्ट्रपति को भीगना पड़ा है, लेकिन ऐसा छाते कीकमी की वजह से नहीं, खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की वजह से हुआ है.केरल में राष्ट्रपति की अगवानी के लिए मुख्यमंत्री पी. विजयन पहुंचे थे.दरअसल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आठ अक्टूबर को केरल के वल्लीक्कावू के अमृतानंदमयीमठ के एक समारोह में हिस्सा लेने गए थे. इस दौरान वहां सेना की यूनिट ने उन्हेंसलामी दी. इसके लिए राष्ट्रगान बज रहा था, तभी बारिश होने लगी. उनके साथ के एकअधिकारी राष्ट्रपति के लिए आगे बढ़े, लेकिन उन्होंने इशारे से मना कर दिया और बारिशमें ही तिरंगे की सलामी के लिए खड़े रहे.पहली बार केरल गए थे राष्ट्रपतिराष्ट्रपति ने माता आनंदमयी मठ में राष्ट्रपति ने 100 करोड़ रुपए की योजना कीशुरुआत की.राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद पहली बार केरल गए थे. उन्होंने माताअमृतानंदमयी मठ मुख्यालय में 100 करोड़ रुपए की योजनाओं की शुरुआत की. इस योजना केतहत 5000 गांवों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया जाएगा.--------------------------------------------------------------------------------यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का लल्लनटॉप इंटरव्यूये भी पढ़ें:रामनाथ कोविंद अपने पहले भाषण में नेहरू का नाम लेना कैसे भूल गए?राष्ट्रपति कोविंद ने अपने भाषण में क्या कहा, पढ़ लोराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों की एक बात ने मुझे शर्मसार कर दिया