हॉस्पिटल में ICU बेड न मिलने पर गुस्साए परिजन खून-खच्चर पर उतर आए
अस्पताल के कर्मचारियों को ब्लेड से मारा, दहशत का माहौल.
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ये तस्वीरें वायरल वीडियो से ली गई हैं. जिसमें अपोलो अस्पताल के बाहर गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया है.
देश में करोना की स्थिति बदतर होती जा रही है. ऑक्सीजन की किल्लत से लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. इतने ज्यादा मामले आ रहे हैं कि ज्यादातर अस्पताल फुल हो चुके हैं. मरीजों को बेड भी नहीं मिल रहा है. कोरोना पेशेंट को बेड नहीं मिला, बिना इलाज के एक मरीज की मौत हो गई. इसके चलते दिल्ली के एक हॉस्पिटल में मरीज के परिवारवालों ने जमकर हंगामा किया. कर्मचारियों पर ब्लेड से हमला भी किया.
घटना दिल्ली के सरिता विहार स्थित अपोलो अस्पताल में हुई. सोशल मीडिया पर घटना की तस्वीरें और वीडियो वायरल हैं. वीडियो में मृतक के परिवार वाले हॉस्पिटल के गार्ड और वर्कर्स को लाठी-डंडों से पीटते हुए दिख रहे हैं.
दरअसल 26 अप्रैल कि देर रात ओपोलो अस्पताल में 62 साल की एक महिला को लाया गया. महिला मदनपुर खादर की रहने वाली थी. वो कोविड 19 पॉज़िटिव थीं. महिला को ICU बेड की ज़रूरत थी, लेकिन अस्पताल में ICU बेड उपलब्ध नहीं था. परिवार वाले सुबह तक इंतज़ार करते रहे लेकिन महिला को ICU बेड नहीं मिल पाया. उनका अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में इलाज चलता रहा, लेकिन 27 अप्रैल की सुबह तक उनकी मौत हो गई.
ये तस्वीर अपोलो हॉस्पिटल की है जहां तोड़-फोड़ के बाद चीज़ें बिखरी हुई पड़ी हैं.
महिला की मौत के बाद परिवार वाले भड़क गए. वो अस्पताल पर पेशेंट को नज़रअंदाज़ करने और ठीक से इलाज नहीं करने के आरोप लगाने लगे. सुबह नौ बजे के करीब परिजन हिंसा पर उतर आए. उन्होंने हॉस्पिटल स्टाफ, डॉक्टर्स और नर्स पर हमला कर दिया. तोड़-फोड़ से शुरू हुआ ये मामला खून-खच्चर तक पहुंच गया.
घटना की ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें अस्पताल के फ्लोर पर खून ही खून बिखरा दिखाई दे रहा है. ये तस्वीरें हम आपको नहीं दिखे सकते हैं. हॉस्पिटल काउंटर और रिसेप्शन के शीशे भी टूटे और ज़मीन पर बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं.
अस्पताल के अंदर की ये तस्वीर सच्चाई बयां कर रही है.
इस पूरे मामले पर अस्पताल की तरफ से कहा गया कि कोई भी आईसीयू बेड खाली नहीं था. महिला को इमरजेंसी वॉर्ड में रखा गया था, वहीं उनका इलाज चल रहा था. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. हिंसा के बाद अस्पताल में दहशत का माहौल है. इसे देखते हुए वहां की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
घटना दिल्ली के सरिता विहार स्थित अपोलो अस्पताल में हुई. सोशल मीडिया पर घटना की तस्वीरें और वीडियो वायरल हैं. वीडियो में मृतक के परिवार वाले हॉस्पिटल के गार्ड और वर्कर्स को लाठी-डंडों से पीटते हुए दिख रहे हैं.
दरअसल 26 अप्रैल कि देर रात ओपोलो अस्पताल में 62 साल की एक महिला को लाया गया. महिला मदनपुर खादर की रहने वाली थी. वो कोविड 19 पॉज़िटिव थीं. महिला को ICU बेड की ज़रूरत थी, लेकिन अस्पताल में ICU बेड उपलब्ध नहीं था. परिवार वाले सुबह तक इंतज़ार करते रहे लेकिन महिला को ICU बेड नहीं मिल पाया. उनका अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में इलाज चलता रहा, लेकिन 27 अप्रैल की सुबह तक उनकी मौत हो गई.
ये तस्वीर अपोलो हॉस्पिटल की है जहां तोड़-फोड़ के बाद चीज़ें बिखरी हुई पड़ी हैं.
महिला की मौत के बाद परिवार वाले भड़क गए. वो अस्पताल पर पेशेंट को नज़रअंदाज़ करने और ठीक से इलाज नहीं करने के आरोप लगाने लगे. सुबह नौ बजे के करीब परिजन हिंसा पर उतर आए. उन्होंने हॉस्पिटल स्टाफ, डॉक्टर्स और नर्स पर हमला कर दिया. तोड़-फोड़ से शुरू हुआ ये मामला खून-खच्चर तक पहुंच गया.
घटना की ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें अस्पताल के फ्लोर पर खून ही खून बिखरा दिखाई दे रहा है. ये तस्वीरें हम आपको नहीं दिखे सकते हैं. हॉस्पिटल काउंटर और रिसेप्शन के शीशे भी टूटे और ज़मीन पर बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं.
अस्पताल के अंदर की ये तस्वीर सच्चाई बयां कर रही है.
इस पूरे मामले पर अस्पताल की तरफ से कहा गया कि कोई भी आईसीयू बेड खाली नहीं था. महिला को इमरजेंसी वॉर्ड में रखा गया था, वहीं उनका इलाज चल रहा था. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. हिंसा के बाद अस्पताल में दहशत का माहौल है. इसे देखते हुए वहां की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

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