स्टोरी हमारी इंटर्न आकांक्षा ने एडिट की है--------------------------------------------------------------------------------IIT की फीस दुगनी से ज्यादा हो गई है. पहले 90,000 सालाना हुआ करती थी. अब 2 लाख होगई है. बस सुनते ही भौंहें चढ़ जाती हैं. चढ़नी भी चाहिए. गुस्सा भी आना चाहिए.लेकिन अगर हम कहें कि गुस्सा जायज़ नहीं, तो? मसला ये है कि अखबारों ने खबर को पेशकिया. लेकिन हेडिंग में खबर का सिर्फ एक हिस्सा पढ़ाया आपको. और आपने भी पूरी खबरनहीं पढ़ी. पढेंगे तो जानेंगे कि फीस बढ़ने के साथ-साथ ऐसे बहुत सारे कदम उठाए हैं जोस्टूडेंट्स के हित में हैं. देखिए कैसे: आईआईटी की स्टैंडिंग कमिटी ने फीस को तीनलाख करना अप्रूव किया था. इस कमिटी के हेड IIT रुड़की के चेयरमैन हैं अशोक मिसराहैं. इसे क्लियरेंस के लिये HRD मिनिस्ट्री को भेजा था. HRD ने इसे दो लाख किया. येपुरानी फीस का 122% है. लेकिन कुछ कैटेगरी हैं जिसमें फीस 0 हो गई है. 1. ScheduleCaste, Schedule tribe के स्टूडेंट और फिज़िकली डिसेबल्ड को ट्यूशन फीस के नाम परएक पैसा नहीं देना पड़ेगा. 2. जिन परिवारों की ऐनुअल इनकम 1 लाख से कम है, उनकेबच्चों को भी फीस नहीं देना है. 3. जिनके परिवार की ऐनुअल इनकम 5 लाख से कम है,उनके लिए टोटल फीस का 2/3rd माफ है. 4. इन सब को मिला लें तो आईआईटी के सिर्फ 18% स्टूडेंट्स हैं जिन्हें बढ़ी हुई फीस पूरी देनी होगी. 5. इन स्टूडेंट्स के लिए भीएजुकेशन लोन का इंटरेस्ट हटा दिया गया है. और हां, ये बढ़ी हुई फीस आने वाले नएस्टूडेंट्स को देना होगी. पुराने स्टूडेंट्स को पुरानी फीस ही देनी है . अभी IITमें करीब 80,000 स्टूडेंट पढ़ते हैं. सैलरी हेड और मेनटेनेंस में IITs का करीब25,000 करोड़ का खर्च आता है. हाल ही में एजुकेशन मिनीस्ट्री ने टॉप कॉलजों कीरैंकिंग निकाली थी. इस लिस्ट में IITs ने डॉमिनेट किया.