बारह सालों तक एयरलाइन इंडस्ट्री में काम किया और कई अजीब-ओ-गरीब अनुभव हुए लेकिनये वाला जो आज ट्विटर के माध्यम से पता चला कम कमाल नहीं. क्या है पूरा मामला येसीधे सीधे जानने के लिए सीधे लास्ट वाली हैडिंग में स्क्रॉल कर सकते हैं लेकिन इसमामले के बारे में और जर्नली भी कुछ बढ़िया और रोचक जानकारी चाहिए तो शुरू से शुरूकरें:# बैगेज अलाउंस:जब आप कोई यात्रा करते हैं तो आपके पास सामान या लगेज भी होता ही होगा. ट्रेन या बसमें तो आप जितना मर्ज़ी सामान ले जाएं लेकिन फ्लाइट में ऐसा नहीं होता. वहां पर एकनिश्चित सीमा तक ही आप लगेज ले जा सकते हैं. इस ‘निश्चित सीमा’ को ही ‘बैगेजअलाउंस’ कहा जाता है.# ‘चेक-इन’ और ‘कैरी-ऑन’:अब जब आप फ्लाइट में यात्रा करते हैं तो आपके सामान दो तरह के होते हैं. पहला ‘कैरीऑन लगेज’ यानी जो आप अपने साथ फ्लाइट में ले जा सकते हैं. बोले तो, जिसे आप अपनेसाथ ‘कैरी’ करते हैं – जैसे लैपटॉप, ब्रीफ़केस, एक दो किताबें, लेडीज़ पर्स आदि.‘कैरी-ऑन’ को ‘हैंड-बैगेज’ भी कहते हैं क्यूंकि ये सदा आपके पास ही रहता है. दूसरीतरह का बैगेज होता है ‘चेक-इन बैगेज’ या ‘चेक-इन लगेज’ – वो जो आपको ‘चेक-इन’ करनाहोता है यानी ये ‘चेक-इन लगेज’ आपको पूरी यात्रा समाप्त होने पर ही मिलता है – जैसेबक्सा, बिल्ली, कुत्ता, गोल्फ बैग आदि.# क्या होता है ‘पीस’ और ‘वेट’ कांसेप्ट:अब ऐसा नहीं है कि आप जितना चाहें कैरी-ऑन बैग अपने साथ ले जा सकते हैं. होने को तोये एयरलाइन-टू-एयरलाइन बदलता है लेकिन आम तौर पर ‘कैरी-ऑन बैगेज-अलाउंस’ पन्द्रहकिलो होता है. कभी कभी ये पन्द्रह किलो प्लस एक लैपटॉप या पन्द्रह किलो प्लस एकपर्स भी हो सकता है. इसी तरह चेक-इन बैगेज ले जाने की भी अपनी एक लिमिट होती है. औरइस लिमिट के निर्धारण के लिए दो तरह के मानक अपनाए जाते हैं. पहला ‘पीस’ कांसेप्ट –यानी आप कितने पीस या अदद अपने साथ ‘चेक-इन’ कर सकते हैं. और दूसरा होता है ‘वेट’कांसेप्ट – यानी आप कितना वजन अपने साथ ‘चेक-इन’ कर सकते हैं. ‘पीस-कांसेप्ट’ आमतौरपर आपको ट्रांस-अटलांटिक यात्राओं में ही देखने को मिलता है. ‘ट्रांस-अटलांटिक’मतलब वह यात्रा जिसमें आपको अटलांटिक महासागर पार करना होता है. अमेरिका, कनाडा सेभारत या यूरोप. या भारत, यूरोप, एशिया से अमेरिका, कनाडा. ज़्यादातर पीस कांसेप्टमें 2 पीस का अलाउंस होता है – यानि दो अदद. वेट कांसेप्ट डोमेस्टिक यानीअंतर्राज्यीय यात्राओं में और एशिया, यूरोप तक की यात्राओं में देखने को मिलता है.भारत के अंदर यात्रा कर रहे हैं तो ये पन्द्रह से पच्चीस किलो तक हो सकता है. औरभारत से बाहर जा रहे हैं तो तीस तक. बैगेज अलाउंस केवल एयरलाइन-टू-एयरलाइन ही नहींवेरी करता बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपकी ‘क्लास ऑफ़ सर्विस’ क्या है –यानी आप यदि बिज़नस क्लास में है तो आपको इकॉनमी क्लास से ज़्यादा बैगेज अलाउंस मिलसकता है. यानी आप कितने अदद या Piece (पीस) ले जा सकते हो ये पीस-कांसेप्ट वालेबैगेज अलाउंस में निर्धारित होता है और आप कितना किलो या कितने पाउण्ड का सामान लेजा सकते हो ये Weight (वेट)-कांसेप्ट वाले बैगेज अलाउंस में निर्धारित होता है. औरहां ये ज़रुरी नहीं कि ट्रांस-अटलांटिक यात्राओं में हमेशा ही पीस कांसेप्ट और बाकियात्राओं में हमेशा ही वेट कांसेप्ट लागू होगा. ये जरुर है कि कोई भी हवाई यात्राहो इसके अलावा कोई और कांसेप्ट नहीं लागू होगा.# एक्स्ट्रा बैगेज और रीसेंट इंसिडेंट:अब ऐसा नहीं है कि जितना बैगेज अलाउंस आपको मिला है आप उतना ही सामान ले जा सकतेहैं बस. आप अगर कुछ एक्स्ट्रा देने को तैयार हैं तो कुछ एक्स्ट्रा सामान भी ले जासकते हैं. रुकिए इस वाक्य को सही करते हैं – अगर आप ‘बहुत कुछ’ एक्स्ट्रा देने कोतैयार हैं तो 'कुछ एक्स्ट्रा' सामान भी ले जा सकते हैं. मतलब ये कि थोड़ा साएक्स्ट्रा सामान ले जाने के लिए आपको बहुत सारे पैसे देने पड़ते हैं. और इसी से बचनेके लिए लोग कपड़े वगैरह बैग में डालने के बदले उन्हें पहनना पसंद करते हैं. क्यूंकिआपने क्या और कितना अधिक पहना है इसपर कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं होता. तो इसी क्रममें हमारी कहानी का नायक आइसलैंड के एक एयरपोर्ट पहुंच गया दस स्वेटर और आठ पैंटपहनकर. जांचकर्ताओं को ये अजीब लगा, बहुत अजीब. इसलिए उसे रोका. नहीं माना तोगिरफ्तार कर लिया. बंदा डेयरिंग लेकिन डम्ब – ट्वीट कर दिया कि रंग भेद के चलतेमुझे परेशान किया. मुझे उसका ये ट्वीट पढ़कर अजहरुद्दीन की याद आई. क्यूं, ये मतपूछिए, नीचे घटना का वीडियो देखिए:@British_Airways hi being held at Iceland Keflavik airport because I had nobaggage put all the clothes on and they still won't let me on. Racial profiling?Or..... pic.twitter.com/NKgpe1cPFP— Ryan Hawaii (@RYAN_HAWAII) January 10, 2018--------------------------------------------------------------------------------ये रहा दूसरा वीडियो: Disappointing. pic.twitter.com/7f8UFi9jb4 — Ryan Hawaii(@RYAN_HAWAII) January 10, 2018--------------------------------------------------------------------------------और ये रहा ट्वीट:@British_Airways hi being held at Iceland Keflavik airport because I had nobaggage put all the clothes on and they still won't let me on. Racial profiling?Or..... pic.twitter.com/NKgpe1cPFP— Ryan Hawaii (@RYAN_HAWAII) January 10, 2018--------------------------------------------------------------------------------पढ़ें कुछ दस नंबरिया दी लल्लनटॉप पर:5 मजेदार किस्से 'करण अर्जुन' के जो आप नहीं जानते होंगे 5 क्रिकेटर्स जिनके बच्चेभी क्रिकेट में नाम कमा रहे हैं 5 बातें बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहीं पॉर्नस्टार मिया माल्कोवा के बारे में 5 आदतें जो आपके दांत पीले कर रही हैं, बहुत पीले5 मीडिया रिपोर्टें 2017 की जिन्होंने तहलका मचा दिया-------------------------------------------------------------------------------- VIDEO देखें:सिर्री बात: पतंजलि आयुर्वेदिक गुटखा कब आएगा, स्वामी रामदेव ने बताया: