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विकलांग कोटे पर IAS अधिकारी ने कुछ ऐसा लिख दिया कि हल्ला कट गया!

तेलंगाना कैडर की सीनियर IAS अधिकारी स्मिता सभरवाल ने अपने एक पोस्ट में ऑल इंडिया सर्विसेज में विकलांगता कोटे की जरूरत पर सवाल उठाया है.

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22 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 22 जुलाई 2024, 07:02 PM IST)
IAS Smita Sabharwal
IAS स्मिता सभरवाल ने अपने पोस्ट पर सफाई भी दी है. (फोटो: X/@SmitaSabharwal)
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IAS प्रोबेशनर पूजा खेडकर से जुड़े विवाद के साथ सिविल सर्विसेज में विकलांगता कोटे को लेकर बहस शुरू हो गई है. सिविल सर्विसेज में विकलांगता कोटे के 'दुरुपयोग और समीक्षा' को लेकर अलग-अलग राय रखी जा रही है. इस बीच एक सीनियर IAS अधिकारी के सोशल मीडिया पोस्ट पर बवाल हो गया है. तेलंगाना कैडर की सीनियर IAS अधिकारी स्मिता सभरवाल ने अपने पोस्ट में ऑल इंडिया सर्विसेज में विकलांगता कोटे की जरूरत पर सवाल उठाया है.

तेलंगाना कैडर की सीनियर IAS अधिकारी स्मिता सभरवाल ने 21 जुलाई को X पर पोस्ट किया,

"जैसे कि ये बहस जोर पकड़ रही है-
दिव्यांगों के प्रति पूरा सम्मान रखते हुए.
क्या कोई एयरलाइन विकलांग पायलट को काम पर रखती है? या आप विकलांग सर्जन पर भरोसा करेंगे.
AIS (IAS/IPS/IFoS) की प्रकृति फील्ड-वर्क, लंबे समय तक काम के घंटे, लोगों की शिकायतों को सीधे सुनना है-जिसके लिए फिजिकल फिटनेस की जरूरत होती है.
पहली बात तो ये कि इस प्रीमियर सर्विस को इस कोटे की जरूरत क्यों है!"

ये भी पढ़ें- IAS पूजा खेडकर को किन नियमों के तहत मिला विकलांगता का कोटा?

स्मिता सभरवाल के इस पोस्ट पर बहस शुरू हो गई. कई यूजर्स की ओर से स्मिता के पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया आई. सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट करुणा नंदी ने स्मिता के पोस्ट पर लिखा,

“हैरान हूं कि एक IAS अधिकारी विकलांगता के बारे में बुनियादी रूप से इस कदर अनभिज्ञ है.ज्यादातर विकलांगताओं का शक्ति या बुद्धिमत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. लेकिन ये ट्वीट दिखाता है कि इस पर जानकारी की बहुत जरूरत है.” 

अपने रुख का बचाव करते हुए स्मिता सभरवाल ने जवाब दिया,

"मैडम, मैं नौकरी की जरूरतों से बुनियादी तौर पर वाकिफ हूं. यहां मुद्दा जमीनी स्तर पर नौकरी के लिए अनुकूलता का है. साथ ही मेरा मानना है कि सरकार में दूसरी सेवाएं जैसे डेस्क/थिंक-टैंक वाले काम ज्यादा अनुकूल हैं. कृपया निष्कर्ष पर न पहुंचें. लीगल फ्रेमवर्क समानता के अधिकारों की समग्र सुरक्षा के लिए है. इस पर कोई बहस नहीं है."

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शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी स्मिता सभरवाल के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और इसे 'बहिष्कार वाला' दृष्टिकोण बताया. प्रियंका चतुर्वेदी ने X पर लिखा,

"ये बहुत दयनीय और बहिष्कारपूर्ण नज़रिया है. ये देखना दिलचस्प है कि नौकरशाह किस तरह से अपनी सीमित सोच और विशेषाधिकार दिखा रहे हैं." 

वहीं IAS अधिकारी स्मिता सभरवाल ने प्रियंका चतुर्वेदी को जवाब दिया, 

"मैडम, पूरे सम्मान के साथ, अगर नौकरशाह शासन के प्रासंगिक मुद्दों पर बात नहीं करेंगे, तो कौन करेगा? मेरे विचार और चिंता, 24 साल के करियर से उपजे हैं... ये कोई सीमित अनुभव नहीं है.

कृपया पूरा नजरिया पढ़ें. मैंने कहा है कि दूसरी सेंट्रल सर्विसेज की तुलना में AIS की अलग जरूरतें हैं. प्रतिभाशाली दिव्यांगों को निश्चित रूप से बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं."

स्मिता के इस जवाब पर प्रियंका चुतर्वेदी की दोबारा प्रतिक्रिया आई. उन्होंने लिखा,

"मैंने नौकरशाहों को EWS/नॉन क्रीमी लेयर या दिव्यांगता जैसे कोटे के दुरुपयोग और सिस्टम में शामिल होने की आलोचना करते नहीं देखा, बल्कि विविधता और समावेश को बढ़ावा देने वाले आरक्षण को खत्म करने की बात करते देखा है. मुझे नहीं पता कि आपने सेवा में बिताए वर्षों के बारे में जो बताया है, वो आपके दृष्टिकोण से किस तरह प्रासंगिक है. फिर भी धन्यवाद." 

इन सबके बाद स्मिता सभरवाल ने 22 जुलाई को एक और पोस्ट किया. अपने टाइमलाइन पर जाहिर की जा रही नाराज़गी को लेकर उन्होंने लिखा कि जिस समस्या पर लोग बात नहीं करना चाहते, उसे उठाने से ऐसी प्रतिक्रिया मिलती है. स्मिता ने पोस्ट किया,

"मेरी टाइमलाइन पर बहुत ज़्यादा नाराजगी देखी जा सकती है. मुझे लगता है कि किसी स्पष्ट समस्या पर बात करने से ऐसी प्रतिक्रिया मिलती है.

मैं अधिकार कार्यकर्ताओं से अपील करूंगी कि वे इस बात की भी जांच करें कि ये कोटा अभी तक IPS/IFoS और डिफेंस जैसे कुछ सेक्टर में क्यों लागू नहीं किया गया है.

मेरा सीमित पॉइंट ये है कि IAS अलग नहीं हैं.

एक समावेशी समाज में रहना एक सपना है जिसे हम सभी मानते हैं. असंवेदनशीलता के लिए मेरे दिमाग में कोई जगह नहीं है.

जय हिंद"

बता दें कि IAS प्रोबेशनर पूजा खेडकर पर सिविल सेवा परीक्षा में विकलांगता और OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) कोटे के दुरुपयोग का आरोप लगा है. UPSC (Union Public Service Commission) ने पूजा खेडकर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है. 

वीडियो: IAS पूजा खेडकर मामले में UPSC ने लिया एक्शन, दर्ज करवाई FIR

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