सुब्रमण्यन स्वामी की दाद देनी होगी, पब्लिक में घटिया बात कहने के लिए भी जिगर चाहिए
ऐसा जिगर कि बड़े-बड़े बीजेपी नेताओं के जिगर छलनी हो जाएं.
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स्वामी भी शायद इस मामले में रुचि लेने लगे थे.
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'मैं ब्राह्मण हूं, इसलिए चौकीदार नहीं बन सकता.'
ये कहना है बीजेपी के नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी का. उन्होंंने खुद को चौकीदार मानने से इनकार कर दिया है. और इसके पीछे उन्होंने जो लॉजिक दिया है, उससे घटिया कुछ नहीं हो सकता है.
सुब्रमण्यन स्वामी एक तमिल न्यूज चैनल थांथी टीवी को इंटरव्यू दे रहे थे. उनसे सवाल हुआ कि अब तक उन्होंने ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द क्यों नहीं जोड़ा है. इसके जवाब में उन्होंने कहा-
चायवाला से चौकीदार तक का सफर
2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक शब्द लोगों की जुबान पर चढ़ गया था. चायवाला. पांच साल बाद एक बार फिर एक शब्द लोगों के जेहन में घर कर गया है. चौकीदार. दोनों ही शब्द पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़े हुए हैं. बीजेपी ने एक कैंपेन भी लॉन्च किया है, 'मैं भी चौकीदार', आजकल बीजेपी के नेता और समर्थक खुद को चौकीदार बता रहे हैं. पीएम मोदी के अलावा बीजेपी के बड़े नेता ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार लिख रहे हैं. बीजेपी के समर्थक भी खुद को चौकीदार बता रहे हैं. 'मैं भी चौकीदार नाम' से टी-शर्ट और कैप मार्केट में आ गई है. पीएम मोदी खुद लोगों से इसे खरीदने की अपील कर रहे हैं. जब पूरी बीजेपी खुद को चौकीदार बता रही है, तो ऐसे में बीजेपी के नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने खुद को चौकीदार मानने से इनकार कर दिया है.
जातिवादी सोच!
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि जिस दिन मैं भी चौकीदार कैंपेन लॉन्च हुआ उस दिन MaiBhiChowkidar हैशटैग से 20 लाख से ज्यादा ट्वीट किए गए. बीजेपी के इस नेता ने बताया कि इस कैंपेन से सोशल मीडिया और नमो ऐप पर एक करोड़ लोग जुड़े. बीजेपी 31 मार्च को मैं भी चौकीदार कैंपेन के तहत बड़ा कार्यक्रम करने जा रही है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी 500 जगहों पर लाखों लोगों से बात करेंगे. उन्होंने देश के डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, आईटी प्रोफेशनल्स और अन्य लोगों से इस कैंपने का हिस्सा बनने की अपील की है. बीजेपी के समर्थक और नेता जो मैं भी चौकीदार कैंपेन से जुड़ रहे हैं वे हर जाति और धर्म के हैं. ऐसे में सुब्रमण्यन स्वामी का ये कहना कि ब्राह्मण होने की वजह से मैं चौकीदार नहीं हो सकता, उनकी जातिवादी सोच को दिखाता है.
बीजेपी ने उम्मीद्वारों की लिस्ट में स्मृति ईरानी के नाम के साथ पहले पारसी लिखा, बाद में हटाया
'मैं ब्राह्मण हूं, मैं चौकीदार नहीं बन सकता. यह फैक्ट है. मैं चौकीदारों को आदेश दे सकता हूं कि उन्हें कैसे काम करना है.'सोशल मीडिया पर स्वामी के इंटरव्यू का 15 सेकेंड का ये वीडियो वायरल हो गया. इसके बाद वो लोगों के निशाने पर आ गए और सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. सफाई देने के लिए सुब्रमण्यन स्वामी ट्वीटर पर आए और लिखा-
'मुझे खुशी है कि ब्राह्मण होने के मेरे बयान ने देश विरोधी ताकतों द्वारा वित्त पोषित ब्राह्मण विरोधी अभियान को खत्म कर दिया है. कुछ लोगों ने बीजेपी में ऐसे लोगों को संरक्षण दिया हुआ है जो भविष्य के बढ़ते हिंदुत्व के डर से शोर मचा रहे हैं.'
इस इंटरव्यू से पहले ट्विटर पर किसी ने स्वामी से पूछा था कि सर आप अब तक चौकीदार क्यों नहीं बने. इसके जवाब में उन्होंने लिखा, क्योंकि वह गुरु हैं, चौकीदार का काम गलती को रोकना है. जबकि गुरु सलाह देता है कि चीजें कैसे बेहतर हों.Frank ஆ பேசராப்ல. Wish he campaigns for BJP in TN 😂 pic.twitter.com/TkQCqbX66S
— Dhanapal (@balu_twits) March 24, 2019
चायवाला से चौकीदार तक का सफर
2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक शब्द लोगों की जुबान पर चढ़ गया था. चायवाला. पांच साल बाद एक बार फिर एक शब्द लोगों के जेहन में घर कर गया है. चौकीदार. दोनों ही शब्द पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़े हुए हैं. बीजेपी ने एक कैंपेन भी लॉन्च किया है, 'मैं भी चौकीदार', आजकल बीजेपी के नेता और समर्थक खुद को चौकीदार बता रहे हैं. पीएम मोदी के अलावा बीजेपी के बड़े नेता ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार लिख रहे हैं. बीजेपी के समर्थक भी खुद को चौकीदार बता रहे हैं. 'मैं भी चौकीदार नाम' से टी-शर्ट और कैप मार्केट में आ गई है. पीएम मोदी खुद लोगों से इसे खरीदने की अपील कर रहे हैं. जब पूरी बीजेपी खुद को चौकीदार बता रही है, तो ऐसे में बीजेपी के नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने खुद को चौकीदार मानने से इनकार कर दिया है.
जातिवादी सोच!
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि जिस दिन मैं भी चौकीदार कैंपेन लॉन्च हुआ उस दिन MaiBhiChowkidar हैशटैग से 20 लाख से ज्यादा ट्वीट किए गए. बीजेपी के इस नेता ने बताया कि इस कैंपेन से सोशल मीडिया और नमो ऐप पर एक करोड़ लोग जुड़े. बीजेपी 31 मार्च को मैं भी चौकीदार कैंपेन के तहत बड़ा कार्यक्रम करने जा रही है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी 500 जगहों पर लाखों लोगों से बात करेंगे. उन्होंने देश के डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, आईटी प्रोफेशनल्स और अन्य लोगों से इस कैंपने का हिस्सा बनने की अपील की है. बीजेपी के समर्थक और नेता जो मैं भी चौकीदार कैंपेन से जुड़ रहे हैं वे हर जाति और धर्म के हैं. ऐसे में सुब्रमण्यन स्वामी का ये कहना कि ब्राह्मण होने की वजह से मैं चौकीदार नहीं हो सकता, उनकी जातिवादी सोच को दिखाता है.
बीजेपी ने उम्मीद्वारों की लिस्ट में स्मृति ईरानी के नाम के साथ पहले पारसी लिखा, बाद में हटाया

