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मीडिया के मालिक मेरा एहसान भूल गए हैं: विजय माल्या

भारी बमचक, सुप्रीम कोर्ट की चढ़ाई, बैंकों के धरा लोटन के बाद पहली बार विजय माल्या नजर आए. वो भी ट्विटर पर. फिर दर्द छलक आया.

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आशुतोष चचा
11 मार्च 2016 (Updated: 11 मार्च 2016, 05:56 AM IST)
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बैंक विजय माल्या के नाम की माला जपे पड़े हैं. माल्या अब तक गायब थे. इस पूरे मामले के तूल पकड़ने का बाद वो पहली बार दिखे हैं. वो भी ट्विटर पर. बहुत ज्यादा गुस्साए हुए हैं. सबसे ज्यादा मीडिया से. उनके कई ट्वीट्स काफी जले भुने से हैं. ये बताते हुए कि मीडिया ट्रायल के जरिए उनको विलेन बनाया जा रहा है. पहला ट्वीट ये देखो. जिसमें वो बता रहे हैं कि टाइम्स नाउ के एडिटर को जेल में होना चाहिए. धोखे, बदनाम करने और सनसनीखेज झूठ फैलाने के लिए. https://twitter.com/TheVijayMallya/status/708056179814100993 फिर बताया कि अपन इंटरनेशनल बिजनेसमैन हैं. इंडिया से बाहर आते जाते रहते हैं. भगोड़ा नहीं हैं बे हम. बकवास करते हैं सब. https://twitter.com/TheVijayMallya/status/708057289467547649 आगे लिखा कि इंडियन सांसद होने के नाते देश के कानून पर पूरा भरोसा है. फुल रेस्पेक्ट है. हमारा ज्यूडिशियल सिस्टम बहुत अच्छा है. लेकिन मीडिया ट्रायल बर्दाश्त नहीं है. https://twitter.com/TheVijayMallya/status/708060410134601729 फिर अगले ट्वीट में वो दर्द छलक उठा जो हमको कॉमन मैन बनाता है. भावना थी "कोई किसी का नहीं ये झूठे नाते हैं नातों का क्या." ट्वीट में लिखा है कि मीडिया के मालिक उनका एहसान भूल गए. कितनी मदद की, एहसान किए, घरबार दिया. सब भूल गए. TRP के चक्कर में झूठ फैला रहे हैं. https://twitter.com/TheVijayMallya/status/708071945238085633 कहते हैं कि न्यूज रिपोर्ट्स में दिखाया जा रहा है मुझे अपनी संपत्ति का खुलासा करना चाहिए. इसका क्या मतलब है? बैंकों को पता नहीं क्या मेरी संपत्ति का? https://twitter.com/TheVijayMallya/status/708090907481022464

'सामना' ने क्या लिखा

ये तो थी विजय माल्या की बात. जो ट्विटर के जरिए रखी गई. अब वो बात जो शिवसेना ने रखी. अपने मुखपत्र सामना के जरिए. हम उसमें लिखी बातों को प्वाइंटर्स में समझा रहे हैं. ताकि कुछ छूटे न और आसानी से समझ आ जाए. 1. विजय माल्या इस देश का आर्थिक आतंकी है. देश के कानून की पुंगी बजा कर धर्मात्मा विजय माल्या देश से भाग गए. अर्थव्यवस्था को चौपट करना भी आतंकवाद और राष्ट्रद्रोह ही है.2. माल्या देश से बाहर भाग गए, ये जानकारी केंद्र सरकार ने सीना चौड़ा करके अत्यंत गर्व और अभिमान के साथ सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी.3. देश के बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपए का कर्ज दबाकर, सरकारी तिजोरी को चूना लगाकर, एक उद्यौगपति कैसे भाग जाता है? ये सवाल सरकार से कोई न पूछे.4. देश की अर्थव्यवस्था कितने कामचलाऊ पैरों पर खड़ी है इसका ये एक उत्तम एक्जांपल है.5. कर्ज देने का राष्ट्रीय कार्यक्रम UPA सरकार के कार्यकाल में हुआ, और कर्ज डुबा कर भाग जाने का कार्यक्रम NDA सरकार के कार्यकाल में हुआ.6. महाराष्ट्र का किसान कर्ज वसूली की परेशानी से आहत होकर आत्महत्या कर रहा है. उसका कर्जा 5 से 25 हजार होता है.7. स्वाभिमानी किसान शर्मिंदगी के कारण आत्महत्या करता है. वह माल्या की तरह कर्ज नहीं डुबा सकता और भाग भी नहीं सकता. भाग भी गया तो पुलिस उसका पीछा करेगी और घसीटते हुए जेल में डाल देगी.8. लेकिन माल्या और ललित मोदी के लिए अलग कानून है. राजनेताओं ने कई बार माल्या का नमक खाया है. सभी क्षेत्रों के लोगों ने माल्या की खूब सेवा की. किसी ने उसे कर्ज दिया. किसी ने कर्ज डुबाने दिया. तो किसी ने देश से बाहर भाग जाने में मदद की.9. ललित मोदी भाग गया, ऐसा जिन लोगों ने शोर मचाया था. उन्हें अब माल्या कैसे भाग गया, इसका जवाब देना ही पड़ेगा.10. दाऊद को हिंदुस्तान लाया जाए. इसके लिए सरकार पाकिस्तान से याचना कर रही है. लेकिन उसी सरकार की आंखों के सामने व्हाइट कॉलर आर्थिक आतंकवादी भाग गया. माल्या की अमीर पार्टी का नशा हर किसी की नस में बह रहा है. वह उतरने के बाद ही बोलना होगा. बात बहुत खिंच गई है गुरू. लेकिन प्लीज बोर न हो इतनी जल्दी. माल्या पर वित्तमंत्री अरुण जेटली भी बोले थे संसद में. उस पर भी गौर फरमा लिया जाए लगे हाथ.
'माल्या को लोन यूपीए सरकार के दौरान मिला था. जिस वक्त वो देश छोड़कर गए, तब उन्हें विदेश जाने से रोकने जैसा आदेश नहीं था. बैंकों की लीगल प्रोसेस शुरू करने में देर की. पैसों की रिकवरी के लिए बैंकों को कदम उठाने दीजिए.'
हालांकि जेटली साहेब शायद ये भूल गए कि माल्या के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ था, ऐसे लोगों को एयरपोर्ट पर रोक लिया जाता है. राहुल गांधी भी फॉर्म में आ गए. बोले- मोदी नहीं चाहते कि विजय माल्या के मुद्दे पर बहस हो. सरकार मुझे बोलने नहीं देती.' जेटली ने कहा, राहुल गांधी याद रखें कि क्वात्रोची और माल्या के बाहर जाने में अंतर है. https://twitter.com/ANI_news/status/707844285761085441 अरुण जेटली ने कहा, 'जब ललित मोदी विदेश गए थे. तब कांग्रेस सत्ता में थी और केस दर्ज हुआ था FEMA के अंतर्गत. माल्या केस में ऐसा क्यों हुआ, सीबीआई इसकी जांच करेगी. ' अरुण जेटली ने लोकसभा में कहा, 'माल्या के खिलाफ देशभर में केस दर्ज हैं. बैंकों को हर कदम उठाने की छूट है.'

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