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हिंदू भाई मुस्लिम बहन मां के अंतिम संस्कार पर उलझ पड़े, कौन जीता?

भाई-बहन की बहस इतनी आगे बढ़ी कि दोनों समुदाय के लोग सड़क पर जमा होने लगे.

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पुलिस ने भाई-बहन के बीच समझौता करवाया. (फोटो- Unsplash.com)
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मनीषा शर्मा
24 मई 2023 (Updated: 24 मई 2023, 12:17 AM IST)
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हैदराबाद के दो भाई बहन. भाई हिंदू धर्म को मानने वाला तो बहन मुस्लिम धर्म को मानने वाली. 23 मई को उनकी मां की मृत्यु हुई. तो दोनों के बीच इस बात पर बहस हुई की मां का अंतिम संस्कार किस रीति-रिवाज़ के साथ किया जाएगा. बहस इतनी आगे बढ़ी कि दोनों समुदाय के लोग सड़क पर जमा होने लगे. पुलिस को बुलाना पड़ा. बाद में पुलिस ने भाई-बहन के बीच राजी-खुशी वाला समझौता करवा दिया. ना कोई हारा, ना कोई जीता.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ये वाकया हैदराबाद के मदन्ना पेट की दरब जंग कॉलोनी का है. 23 मई को युवक-युवती की 95 साल की मां की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई. अखबार के मुताबिक दो दशक पहले महिला की बेटी ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था. बेटी का कहना था कि उसकी मां ने भी इस्लाम कबूला था और यह उनकी अंतिम इच्छा थी कि इस्लाम की परंपरा के अनुसार उन्हें दफनाया जाए. 

लेकिन इस बात पर महिला के बेटे और पोते ने आपत्ति जताई जो हिंदू धर्म को मानते हैं.

बेटी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

‘मेरी मां पिछले 12 सालों से मेरे साथ रह रही थीं. मैं उनकी देखभाल कर रही थी. किसी और ने उनकी देखभाल नहीं की. मैंने हाल ही में 5 लाख रुपये में उनकी सर्जरी करवाई, और कोई भी मदद के लिए नहीं आया था. मेरी मां ने मुझसे कहा था कि उनकी मृत्यु के बाद कोई भी उन्हें पूछने नहीं आएगा. इसलिए उनकी विदाई हमारी परंपरा के अनुसार की जाए. उन्हें दफनाया जाए.’

मदन्ना पेट पुलिस स्टेशन के हाउस ऑफिसर बी जनैया ने बताया कि रात पौने 12 बजे से देर रात 1.30 बजे के बीच परिवार के दोनों पक्षों से बातचीत की गई और 2.30 बजे तक मामला सुलझा लिया गया. उन्होंने कहा,

‘बेटी ने हमें मां के इस्लाम कबूलने के डॉक्यूमेंट्स और वीडियो दिखाए थे. 2023 में उन्होंने इस्लाम कबूल लिया था. हमने सभी चीज़ों को चेक किया और बड़ों के आपस में सलाह करने के बाद पहले बेटी और उसके परिवार ने अपने रिवाज़ो के हिसाब से अंतिम विदाई दी. बाद में महिला की डेड बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए बेटे के परिवार को सौंप दिया गया.’

रिपोर्ट के मुताबिक साउथ ईस्ट के डिप्टी कमिश्नर रूपेश चेन्नुरी ने दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह की लड़ाई से इनकार करते हुए कहा कि यह एक पारिवारिक विवाद था. जिसे समझौते से सुलझा दिया गया है.

वीडियो: मुस्लिम लड़के से बेटी की शादी रोकने वाले BJP नेता ने सफाई में क्यों कहा 'अभी माहौल ठीक नहीं' ?

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