पाकिस्तान में सैकड़ों लोगों ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर किया पथराव
ननकाना साहिब का नाम बदलने की दी धमकी.
Advertisement

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ननकाना साहेब गुरुद्वारे पर
सैकड़ों लोगों ने पथराव किया.
Quick AI Highlights
Click here to view more
ननकाना साहिब. पाकिस्तान के पंजाब में पड़ने वाला एक शहर. मगर सिखों के लिए ये सिर्फ एक शहर नहीं है. उनकी श्रद्धा का केंद्र है. वजह ये कि ये शहर सिखों के पहले गुरु गुरुनानक देव का जन्मस्थान है. बैसाखी के मौके पर देश से कई श्रद्धालु ननकाना साहिब जाते हैं. ननकाना साहिब एक बार फिर खबरों में है.
ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पथराव का मामला सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने शुक्रवार को ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पत्थराव किया. लोगों ने गुरुद्वारे को घेर लिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस प्रदर्शन का नेतृत्व मोहम्मद हसन के परिवार ने किया. जिसने कथित तौर पर सिख लड़की जगजीत कौर का अपहरण किया था और उससे निकाह कर लिया था.
घटना का एक वीडियो सामने आया है. उसमें जो व्यक्ति दिख रहा है वो उस लड़के का भाई है जिसने सिख लड़की से जबरन शादी की थी. वो वीडियो में सिख समुदाय उस लड़की को वापस मांग रहा है. लेकिन लड़की वापस नहीं आना चाहती और न ही अपना धर्म बदलना चाहती है. वीडियो में वह आरोप लगा रहा है कि मंत्रियों के आदेश और सिख समुदाय के दबाव के कारण उसकी पिटाई की गई. कोर्ट ने भी कह दिया है कि लड़की की इच्छा के खिलाफ उसे वापस नहीं भेजा जा सकता.
वीडियो में प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे के वहां होने पर सवाल खड़े कर रहे हैं. जगह का नाम बदलने की धमकी दे रहे हैं. जगह का नाम ननकाना साहिब से गुलाम-ए-मुस्तफा करने की बात कह रहे हैं. प्रदर्शनकारी कहते हुए सुने जा सकते हैं कि कोई भी सिख ननकाना में नहीं रहेगा. मौके पर पहुंची पुलिस ने कई पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है. वहीं पत्थरबाजी के दौरान कई लोग गुरुद्वारे में ही फंस गए.
दरअसल ननकाना साहिब गुरुद्वारे के ग्रंथी ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी का अपहरण किया गया. और जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह करा दिया. हालांकि एक वीडियो सामने आया इसमें लड़की ने दावा किया कि उसने खुद अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया और हसन से निकाह किया.
जब पाकिस्तान में फैज़ से मिलने के लिए प्रोटोकॉल तोड़कर पहुंच गए अटल बिहारी वाजपेयी
जब पाकिस्तान में फैज़ से मिलने के लिए प्रोटोकॉल तोड़कर पहुंच गए अटल बिहारी वाजपेयी

