नोट बैन के बाद पहली बड़ी खुशखबरी नरेंद्र भाई ने दी है
नोट बैन के नफा-नुकसान पर चर्चा हो रही है. ऐसे में पीएम-मुख से निकली ये बातें याद रखी जाएं.
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फोटो - thelallantop
प्रधानमंत्री रविवार को आगरा में बोले. कुछ अतिरिक्त आक्रामक होकर बोले. वो यहां एक हाउसिंग स्कीम के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे, जिसके तहत 3 साल में 1 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य लिया गया है. लेकिन उन्होंने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा नोटबंदी के बचाव में खर्च किया.
उन्होंने जोर देकर इस फैसले को डिफेंड किया और कहा कि इससे गरीब और मध्यवर्ग को थोड़ा कष्ट हो रहा है, लेकिन कुछ अमीर लोग तो पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं.
https://twitter.com/narendramodi/status/800331067886424064
प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के पक्ष में जो बातें कहीं, उन्हें आप दावों की तरह भी ले सकते हैं और वादों की तरह भी. प्रधानमंत्री ने ब्याज दर घटाए जाने की बात कही और इशारा किया कि स्कूलों में एडमिशन और मकान की खरीद मे जो व्हाइट मनी को ब्लैक बनाकर देना पड़ता था, वो खत्म होगा. और भी कई वादे हैं.
अभी जब नोटबंदी के नफा-नुकसान पर चर्चा हो रही है, लोग पीएम-मुख से निकली इन बातों को याद रख सकते हैं ताकि सनद रहे.
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यानी हम उम्मीद कर सकते हैं कि नोट बैन के बाद बिल भुगतान अस्थायी बनकर नहीं रहेगा. प्रधानमंत्री ये सुनिश्चित करेंगे कि नए नोट पूरी तरह सर्कुलेशन में आने के बाद भी इन शहरों का कलेक्शन इतना बना रहेगा.
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प्रधानमंत्री ने उचित ही इस समस्या को रेखांकित किया है. इससे हम सब पीड़ित हैं. इसका ये अर्थ भी निकाला जा सकता है कि क्या प्रधानमंत्री ये काम भी रुक जाने का दावा कर गए. रुके न सही, पर मंद पड़ने की उम्मीद तो कर सकते हैं? है ना!
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क्या उम्मीद लगाई जाए कि आने वाले सालों में काला धन जमा करने वालों को गाहे-बगाहे सजा मिलती रहेगी?
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हम भी इसी इंतज़ार में हैं, सर. आपके वादे पर ऐतबार है. उम्मीद करते हैं कि जितना व्यापारिक घाटा भारत ने उठाया है, अर्थव्यवस्था को उससे ज्यादा फायदा आने वाले समय में होगा. आंकड़े सामने आएंगे. देखेंगे सर.
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यानी हमारी EMI घटेगी और नए लोन भी सस्ते होंगे.
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अगले सेशन के एडमिशन चार महीने बाद शुरू हो जाएंगे. अगर आप बच्चे का एडमिशन कराने जा रहे हैं तो टेस्ट कीजिएगा. व्हाइट मनी को ब्लैक में मांगने का धंधा रुका है या नहीं.
सारे वादे नोट कर लीजिए. पूरे न हों तो अपने लोकतांत्रिक हक के तहत सवाल पूछिएगा. प्रधानमंत्री से जवाब भी मांगिएगा. जै जिनेंद्र.इधर भी पढ़ लो, चक्षु खुलेंगे मोदी का मंसूबा टूट रहा है, बैंक खुद ब्लैक मनी को वाइट कर रहे हैं ये कैसी तैयारी, नए नोट आधे छपे हुए निकल रहे हैं एटीएम से!

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