5 सौ और हजार रुपये के नोट बैन हो गए. इस पर कोई कह रहा है पीएम मोदी ने सर्जिकलस्ट्राइक कर दी तो कोई कह रहा है ये खेला मास्टर स्ट्रोक. लोगों में अफरा-तरफी मचीहै. कुछ हो-हल्ला कर रहे हैं तो कुछ छाती पीट रहे हैं कि उनके पैसों का क्या होगा.मैंने भी लैंडलेडी को पैसे देने के लिए निकाल रखे थे. कल दे नहीं पाई और रात मेंबैन वाला कांड हो गया. लेकिन घबराने की बात नही है. पता चला है कि गुरुवार कोमार्केट में 5 सौ और 2 हजार के नोट आ जाएंगे. अब नए नोट बनेंगे तो उन्हें बनाने मेंभी खर्च आएगा. बहुत लोग सोच रहे हैं कि 5 सौ और हजार के नोट लेकर सरकार फिर उसकाकरेगी क्या. नये नोट छापने में तो RBI को काफी खर्चा आएगा . फिर तो ये नुकसान वालालक्कड़ लिया है मोदी जी ने. हिसाब लगाकर बताया जा रहा है कि 12 करोड़ के करीब खर्चआएगा नए नोट बनाने में. खर्च को लेकर न कोसे पीटें. क्योंकि देखा जाए तो ये एकअच्छा स्टेप है. और वो इसलिए क्योंकि लोग अब ज्यादा से ज्यादा पैसे बैंक में जमाकराएंगे. ताकि वो नुकसान से बचें. इससे होगा ये कि सरकार को इस बात का अंदाजा होचलेगा कि देश में व्हाइट मनी है कितना. लोग बैंकों के सामने अपने पैसों का प्रदर्शनकरेंगे. जितना ज्यादा करेंगे उस हिसाब से उनको टैक्स भी भरना पड़ेगा. मिन्ट की एकरिपोर्ट के मुताबिक, RBI के लिए कम वैल्यू वाले नोट छापने से महंगा, ज्यादा वैल्यूवाले नोट को रिटायर करना है. ये रिपोर्ट मार्च 2016 की है. स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंकके पूर्व CE पीटर सैंड्स ने कहा था कि ज्यादा वैल्यू वाले नोट्स करप्शन औरफाइनेंशियल क्राइम का जन्मदाता है. RBI के डाटा के मुताबिक , 10 रुपये का एक नोटछापने में उसे 0.96 रुपये लगता है. वहीं हजार रुपये का एक नोट छापने में 3.17 रुपयेकी लागत आती है. सीधे शब्दों में समझ लीजिए की बड़े वैल्यू वाले नोट छापने में RBIको खर्चा भी ज्यादा आता है. साल 2014-15 में 5 सौ और हजार के नोट छापने में करीब 3करोड़ की लागत लगी थी.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़िये... काले धन को सफेद बनाने आधी रात को यहां पहुंचे लोग 500 और 1000 केनोट बंद, जानें अब क्या करें इधर बड़े नोट बैन हुए, उधर दूल्हा बिदक गया अब से 500और 2000 रुपए के बस यही वाले नोट लेना