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अमेरिका क्या कहता था? ईरान ने F-15 गिराकर जवाब दे दिया, पर किया कैसे?

ईरान ने यह खुलासा नहीं किया है कि अमेरिकी जेट विमानों को कैसे गिराया गया. विश्लेषकों का मानना है कि यह माजिद इंफ्रारेड एयर डिफेंस सिस्टम का काम हो सकता है. या ये कंधे से चलने वाली मिसाइलें हो सकती हैं, जिनका पता लगाना मुश्किल है.

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4 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 4 अप्रैल 2026, 04:28 PM IST)
how iran is shooting us stealth and modern fighter jets using majid air defence system
ईरान ने अमेरिका के फाइटर जेट गिराकर ट्रंप के दावों की हवा निकाल दी. (PGOTO-AFP)
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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप कहते रहे कि ईरान के हवाई इलाके उनके कब्जे में हैं. इधर ईरान ने उनके ताकतवर लड़ाकू विमान F-15 को मारकर जमीन पर गिरा दिया. इतना ही नहीं, F-15 के पायलट को खोजने आए दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को भी तगड़ा हिट किया, जिसके बाद वो जान बचाकर ईरान से भागे. 23 साल में पहली बार अमेरिका का फाइटर जेट किसी ने मार गिराया है. ये काम भी उस उस ईरान ने किया है, जिसके एयर डिफेंस सिस्टम का ट्रंप मजाक उड़ा रहे थे. 

ट्रंप कह रहे थे कि अमेरिका के फाइटर जेट्स और हेलीकाप्टर्स बेखौफ होकर ईरान में घूम रहे हैं और ईरान उनका कुछ भी नहीं कर सकता. लेकिन ईरान ने वो कर दिया है, जिसकी ट्रंप ने कल्पना भी नहीं की होगी. लेकिन ईरान ने ऐसा किया कैसे? 

बेसिक फीचर वाला एयर डिफेंस सिस्टम

इस जंग में एक तरफ अमेरिकी सेना की उन्नत मशीनरी है. दूसरी तरफ ईरान के पास बेहद सीमित सैन्य संसाधन हैं. लेकिन ईरान ने इनका बखूबी इस्तेमाल किया है. उसने अपने बहुत ही बेसिक फीचर वाले एयर डिफेंस सिस्टम और अपनी स्ट्रेटेजी में कई बदलाव किए, जिनका असर भी दिखा है. ईरान ने 3 अप्रैल को एक अमेरिकी F-15 स्ट्राइक ईगल जेट को मार गिराया और दावा किया कि जैसा हमला हुआ है, इसके पायलट की मौत हो गई होगी. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई. इसके बाद अमेरिकी सेना अपने ‘खोए हुए पायलट और क्रू' को ढूंढने पहुंची. इसके लिए उसने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर्स भेजे लेकिन ईरान ने उन्हें भी तगड़ा हिट कर दिया. नतीजा ये हुआ कि दोनों हेलीकाप्टर्स को ईरान का एयरस्पेस छोड़कर भागना पड़ा. 

इतना ही नहीं, ईरान ने एक A-10 Warthog को भी निशाना बनाया. यह विमान कुवैत में क्रैश हो गया. 20 सालों में ऐसा पहली बार है जब अमेरिकी लड़ाकू विमानों को दुश्मन की गोलीबारी से मार गिराया गया है. पिछली बार ऐसा 2003 में हुआ था. तब ईराक में युद्ध के दौरान एक अमेरिकी विमान मार गिराया गया था.

ईरान ने कैसे किया ये कारनामा?

ईरान ने यह खुलासा नहीं किया है कि अमेरिकी जेट विमानों को कैसे गिराया गया? विश्लेषकों का मानना है कि यह माजिद इंफ्रारेड एयर डिफेंस सिस्टम का काम हो सकता है. या कंधे से चलने वाली मिसाइलें हो सकती हैं, जिनका पता लगाना मुश्किल है. हो सकता है ईरान द्वारा मार गिराए गए दो अमेरिकी विमान कम ऊंचाई पर रहे हों, जिससे वो इन हथियारों के लिए आसान टारगेट बन गए. 

माजिद सिस्टम क्या है?

माजिद सिस्टम एक जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल प्लेटफॉर्म है. अमेरिका के सबसे उन्नत स्टील्थ लड़ाकू विमान एफ -35 पर 19 मार्च को हुए हमले के पीछे भी माजिद का हाथ ही माना जाता है. माजिद सिस्टम की खूबी ये है कि ये रडार पर निर्भर नहीं रहता. इसकी जगह ये इंफ्रारेड सिस्टम का इस्तेमाल करता है. चूंकि यह रडार सिग्नल नहीं छोड़ता इसलिए उस पर मिसाइल दागे जाने से पहले विमान के लिए इसका पता लगाना काफी कठिन हो जाता है. 8 किलोमीटर तक के रेंज और ऊंचाई में 6 किमी तक ये सिस्टम कारगर है.

इन्फ्रारेड सेंसर की रेंज 15 किमी तक होती है. यह एक काशेफ-99 ऐरे सिस्टम के साथ जुड़ा होता है. ये इसकी ट्रैकिंग क्षमता को 30 किमी तक बढ़ा देता है. यह एक साथ कई टारगेट्स की निगरानी भी कर सकता है. माजिद सिस्टम एक बार में आठ रेडी-टू-फायर मिसाइलों को ले जा सकता है. चूंकि इसकी मिसाइलें रडार के बजाय इंफ्रारेड का उपयोग करती हैं, इसलिए विमान को इसके आने की चेतावनी नहीं मिल पाती. यही वजह है कि इसने F-35 जैसे उन्नत सिस्टम को भी मार गिराया.

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