खोया हेलमेट लेने गए भारतीय जवान आतंकी कैसे पकड़ लाए?
कमांडिंग ऑफिसर ने हेलमेट लाने के लिए वापस ऑपरेशन साइट पर भेज दिया.

दी लल्लनटॉप के स्पेशल शो 'गेस्ट इन द न्यूजरूम' (GITN) में इस बार के मेहमान लेफ्टिनेंट जनरल कंवलजीत सिंह ढिल्लों (रिटायर्ड) थे. हाल में उनकी किताब 'कितने गाजी आए, कितने गाजी गए' आई. पुलवामा हमले के बाद जनरल ढिल्लों के नेतृत्व में सेना ने कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया था. पुलवामा हमले के दौरान जनरल ढिल्लों श्रीनगर की 15वीं कोर (चिनार कोर) के जीओसी थे. उन्होंने कार्यक्रम में आर्मी से जुड़े कई अनसुने किस्से सुनाए. एक किस्सा तब का है जब वो मणिपुर में तैनात थे.
जनरल ढिल्लों बताते हैं कि अगर सेना में आदेश का पालन करते हैं तो सफलता जरूर मिलती है. आर्मी का एक किस्सा सुनाते हुए जनरल ढिल्लों कहते हैं- मणिपुर में एक लोकटक झील है. उस झील में कई सारे तैरने वाले (फ्लोटिंग) आइलैंड हैं. मतलब आज कोई आइलैंड किसी खास जगह पर है तो कल सुबह वो खिसककर दूसरी जगह भी हो सकता है. वहां एक फिक्स्ड आइलैंड भी है- थांगा. ये इलाका मिलिटेंट्स के लिए काफी लोकप्रिय था. मिलिटेंट अपने हथियारों को पॉलिथीन में बांधकर झील में डाल देते थे. और आम नागरिक की तरह वहीं रहते थे.
उस दौरान वहां आर्मी यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर थे ब्रिगेडियर शशि नायर. जनरल ढिल्लों के मुताबिक,
जनरल ढिल्लों आगे बताते हैं,
गेस्ट इन द न्यूजरूम में जनरल KJS ढिल्लों ने 2019 के पुलवामा हमले, बालाकोट एयर स्ट्राइक और कश्मीर में आंतकवाद को लेकर कई अनसुनी बातें बताईं. आप इस पूरे एपिसोड को इस लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं.
वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: ले. जनरल (रिटायर्ड) केजेएस ढिल्लों ने पुलवामा हमले और बालाकोट एयर स्ट्राइक पर क्या बताया?

.webp?width=60)

