वैज्ञानिकों का दावा, गाय की मदद से बना टीका एड्स से बचा सकता है!
क्या है ये रिसर्च और कहां हुई.
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आंकड़े बताते हैं एचआर्इवी से साल 2016 में 10 लाख लोगों की मौत हुई. 3.67 करोड़ एचआर्इवी से पीड़ित लोगों में से 1.95 करोड़ लोग इलाज करा रहे हैं.सोचो अगर मरीजों को दवाई मिल जाए तो कितने लोगों की जान बच जाए. और अगर ये दवाई गायों से बनाई जाने लगे तो चौंकाना मत. क्योंकि रिसर्च में पता चला है कि गाय एड्स से बचाने के काम आ सकती है. जर्नल 'नेचर' में एक रिपोर्ट छपी है, जिसमें कहा गया है कि गाय से तैयार की गई वैक्सीन एचआईवी से बचा सकती है. ये दावा एचआईवी वैक्सीन पर रिसर्च कर रही एक टीम ने किया है. कहा गया है कि गायों के प्रतिरक्षा सिस्टम (immune system) से एचआईवी से निपटा जा सकता है. इंटरनेशनल एड्स वैक्सीन इनिशिएटिव, द स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट और टेक्सास ए एंड एम यूनिर्वसिटी के वैज्ञानिकों ने टेस्ट के दौरान गायों में एचआर्इवी का इंजेक्शन लगाया, जिससे 35 दिनों के भीतर उनकी प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो गर्इ. इसके बाद जब गायों की प्रतिरक्षा कोशिकाओं की पड़ताल की गर्इ तो पता चला कि इनमें से एक में एचआर्इवी को फैलने से रोकने के गुण मौजूद थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिकों ने ऐसी प्रतिरक्षा कोशिकाओं का एक इंजेक्शन तैयार किया, जिसे एचआईवी पीड़ित को लगाया गया. इससे मरीज में एचआईवी का प्रभाव बेअसर हो गया. रिपोर्ट में अभी इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है कि ये इंजेक्शन वैक्सीन की शक्ल में कब आएगा?
इस तरह हुआ प्रयोग
नेचर की रिपोर्ट में बताया गया है कि वैज्ञानिकों ने चार गायों को प्रयोग के लिए चुना. गायों को एचआईवी के दो-दो इंजेक्शन लगाए गए. करीब 30 दिन बाद उनमें एंटीबॉडीज बनने लगीं. वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर गाय एचआर्इवी या उसके जैसे वायरस से संक्रमित नहीं होतीं. उनकी प्रतिरोधक क्षमता यूनीक तरह की होती है. गाय जब एचआईवी जैसे वायरस के संपर्क में आती है तो उनकी बॉडी में एंटीबॉडीज़ प्रोड्यूस होने लगते हैं. कहा जा रहा है कि कॉप्लेक्स और बैक्टीरिया युक्त पाचन तंत्र की वजह से गायों में प्रतिरक्षा की क्षमता ज़्यादा विकसित हो जाती है. टाइम मैग्जीन की रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेशनल एड्स वैक्सीन इनीशिएटिव से जुड़े डेविड सोक का कहना है,'रिसर्च के नतीजों ने हमें हैरान कर दिया. यह बेहद उत्सुक कर देने वाला मौका था. इंसानों में इस तरह के एंटीबॉडी बनने में क़रीब 3 से 5 साल लग जाते हैं.'सोक का कहना है कि किसे पता था कि एचआईवी के इलाज में गाय का योगदान होगा. यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके पहले यह इतना आसान नहीं लग रहा था. गाय एड्स से बचाने में मददगार साबित हो सकती हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक शोधकर्ता डॉक्टर डेनिस बर्टन का कहना है कि इस अध्ययन में मिली जानकारियां बेहतरीन हैं. इंसानों की तुलना में जानवरों के एंटीबॉडीज ज्यादा यूनीक होते हैं और एचआईवी को खत्म करने की क्षमता रखते हैं. रिसर्च के नतीजों में बताया गया है कि गाय की एंटीबॉडीज से एचआईवी के असर को 42 दिनों में 20 फ़ीसदी तक खत्म किया जा सकता है. प्रयोगशाला परीक्षण में पता चला कि 381 दिन में ये एंटीबॉडीज़ 96 फीसदी तक एचआईवी को बेअसर कर सकते हैं.
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