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'घमंड से भरे राहुल गांधी खुद को समझते हैं भगवान'

पढ़िए वो किस्सा, जब एक बार कांग्रेसी सीएम और लीडर्स के लिए टेबल पर रखे बिस्किट को चढ़कर खाने लगा राहुल गांधी का कुत्ता. और राहुल बाबा मुस्कियाते रहे.

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विकास टिनटिन
17 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 17 अप्रैल 2016, 05:10 AM IST)
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साल 2013. यूपीए-2 सरकार एक अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही थी. दिल्ली में कांग्रेस लीडर अजय माकन बिल को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. तभी अचानक होती है राहुल की एंट्री. राहुल अपनी ही सरकार से उलट जाते हुए कहते हैं, 'ये बिल बकवास है. इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए.' अजय मकान सुट्ट रह जाते हैं. राहुल बाबा इतना कह प्रेस कॉन्फ्रेंस से चले जाते हैं. ये शायद पहला मौका था, जब आम पब्लिक ने राहुल का ऐसा रूप देखा था. लेकिन अब जब पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. तब कांग्रेस के एक पुराने सिपहसलार ने राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी के अंदर बिहेवियर को लेकर पूरी पोल खोल दी है.
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क्या आप राहुल गांधी से तेज हैं? सीनियर जर्नलिस्ट शेखर गुप्ता को NDTV के लिए दिए एक इंटरव्यू के दौरान हेमंता ने कहा, 'राहुल गांधी घमंड से भरे रहते हैं. और खुद को भगवान समझते हैं.' हेमंता ने बताया कि पार्टी में राहुल गांधी का बिहेवियर कैसा रहता है. पढ़िए राहुल गांधी कैसे करते हैं पार्टी में काम और बाकी लोगों के साथ बिहेव, कांग्रेस के पुराने राजदार और अब असम में बीजेपी के खास आदमी हेमंता बिस्वा सरमा की जुबानी:
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राहुल गांधी पार्टी के लोगों के साथ कैसा बिहेव करते हैं? 'मैं आपको इसका एक एग्जाम्पल देता हूं. मान लीजिए कि चुनावी रैली है. सोनिया गांधी आती हैं. सबसे मिलती हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ऐसे रिएक्ट करती हैं, जैसे वो हमारे काम या मेहनत को पहचान करती हैं. उनके व्यवहार से पार्टी के लोगों को अपनेपन की झलक मिलती है. फिर चाहे नमस्ते पर उनकी पॉजिटिव प्रतिक्रिया ही बात क्यों न हो. लेकिन जब राहुल गांधी आते हैं तो वो ऐसे रिएक्ट करते हैं जैसे भगवान आ गए हों और सबको उनकी पूजा करनी है. राहुल भीड़ में से एक बंदे को चुन लेते हैं. और इस पूरी प्रोसेस में वो बाकी सब लोगों को पूरी तरह इग्नोर कर देते हैं. इस तरह से राहुल कांग्रेस को काफी नुकसान पहुंचाते हैं.

'बच्चों राहुल गांधी का मजाक नहीं उड़वाना है!'

अब अगर मैं उनसे फेस टू फेस मिलने की बात करूं, तो राहुल गांधी से 7 या 8 मुलाकातों में मैंने उन्हें बेहद घमंडी पाया. राहुल में बिलकुल भी इंटेलेक्चुअल साउंडनेस नहीं है. 'तुम क्या हो. ये मेरा डिसीजन है. ये मेरी लाइन है. तुम्हें इसे फॉलो करना ही होगा.' जैसा बिहेव राहुल पार्टी के लोगों के साथ करते हैं. स्टेट लीडरशीप के साथ राहुल गांधी का व्यवहार काफी खराब रहता है.'
  'चुगलखोर हैं राहुल गांधी' 'एक बार मैं राहुल गांधी से मिला था. मेरे बाद राहुल को कांग्रेस के नए प्रेसिडेंट अंजन दत्ता से मिलना था. राहुल गांधी ने मुझसे अंजन दत्ता के बारे में पूछा. मैंने राहुल से कहा, 'आपने अंजन को चुना. सही है. पर मुझे नहीं लगता कि अंजन आने वाले चुनावों में कांग्रेस को लीड कर सकते हैं.' मेरे बाद राहुल और अंजन की मुलाकात हुई. मुलाकात में राहुल ने अंजन से कहा कि हेमंता तुम्हारे खिलाफ बोल रहा था. अंजन दत्ता बाहर आकर मुझसे पूछने लगे कि तुमने राहुल से क्या कहा. मैंने अंजन से तब सिर्फ इतना ही कहा कि ये हमारी कॉन्फिडेंसियल बात थी. राहुल गांधी पार्टी की लड़ाई खत्म करने की बजाय उसे बढ़ाने का काम करते हैं. बिहेवियर को लेकर मैंने जो सोनिया गांधी में देखा, वो मैंने राहुल गांधी में कभी नहीं देखा.'
  लड़ाई को सुलटाने की बजाय कुत्ते को खिलाते रहे राहुल गांधी...
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अगर राहुल गांधी जैसा पप्पू देश का पीएम बन जाए तो क्या होगा?

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