अभी तक मौजूदा सरकार में हो ये रहा था कि आप किसी बात पर कुछ कहिये देशभक्ति कासर्टिफिकेट तलब कर लिया जा रहा था. सवाल करने पर सोल्जर, सोल्जर चिल्ला दिया जाताथा. आर अब जब सोल्जर ने खुद ही बोलना शुरू कर दिया. तो सरकार के देशभक्ति वालेगुब्बारे की हवा निकलनी शुरू हो गई है. गुब्बारे की हवा न निकले इस कोशिश में सरकारजुट गई है. तभी तो जवानों के लिए ऐसी गाइडलाइन जारी की हैं कि सोल्जर खामोश हो जाएऔर वो खुद सोल्जर सोल्जर चिल्लाकर आपको डरा सके. हालांकि सुरक्षा के लिहाज़ से सोशलमीडिया के इस्तेमाल में एहतियात बरतना बहुत जरूरी है.मिनिस्टर किरण रिजिजू का कहना है, 'हमारी सरकार जवानों की परेशानियों को निपटाने केलिए कमिटेड है. आर्मी के अनुशासन में कोई गिरावट नहीं आए, इसके लिए गाइडलाइंस जारीकर दी गई हैं'होम मिनिस्ट्री के एक अफसर का कहना है, 'ये दोनों वाकये हैरान करनेवाले हैं. अब बगैर इजाजत के वीडियो और तस्वीरों को शेयर करने पर सर्विस रूल्ज केतहत कार्रवाई की जाएगी. यह सरकार के लिए चुनौती बन गया है. सोशल मीडिया पर गुप्तजानकारी शेयर होने से अनुशासन पर भी आंच आती है.' पहले BSF जवान, फिर CISF का जवानऔर इसके बाद आर्मी का जवान. तीनों ने सिस्टम की शिकायत की. और माहौल गरमा गया.अफसरों पर कहीं ये इल्ज़ाम लगा कि जवानों का राशन बेचकर खा जा रहे हैं तो कहीं अफसरजूता पॉलिश करा रहे हैं. जवानों के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. जवानोंकी शिकायतें दूर करने से पहले होम मिनिस्ट्री ने जवानों पर ही पाबंदी लगा दी है. वोपाबंदी ये है कि पैरामिलिटरी जवान सोशल मीडिया पर बगैर इजाज़त तस्वीरें और वीडियोशेयर नहीं करेंगे. एक के बाद एक पैरामिलिटरी जवानों के वीडियो सामने आ रहे थे, उनवीडियो में जवानों ने ड्यूटी के दौरान खराब खाने से लेकर अपने खिलाफ होने वालीज्यादती की शिकायत कर रहे थे. जिस तरह ये वीडियो सामने आ रहे थे तभी लग रहा था किकहीं जवानों के मोबाइल रखने पर पाबंदी न लग जाए. कहीं सोशल मीडिया यूज़ करने परपाबंदी न लग जाए. ऐसा पूरी तरह तो हुआ नहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटोअपलोड करने पर पाबंदी लगा दी गई है. खबर ये भी है कि कुछ यूनिट में स्मार्टफोन परभी पाबंदी लगा दी गई है. आर्मी चीफ ने स्मार्टफ़ोन पर पाबंदी से इंकार किया है. दटेलिग्राफ के मुताबिक, अगर कोई भी जवान ट्विटर, फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब यानी सोशल मीडिया पर तस्वीर या वीडियो पोस्ट करना चाहता है तो उसके लिए अपनीफोर्स के डायरेक्टर जनरल से इसकी इजाजत लेनी होगी. निजी मेसेज पोस्ट करने पर कोईपाबंदी नहीं है. सात सेंटर पैरामिलिटरी फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल को ये गाइडलाइंसभेज दी गई हैं कि सर्विस रूल्ज प्रविजन को सख्ती से लागू कराया जाए. इस प्रविजन केतहत किसी भी जवान को ऑफिशियल मामलों पर अपनी राय पब्लिक बीच लाने का कोई हक़ नहींहै. पहले बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो अपलोड किए.इसमें उन्होंने दिखाया कि जवानों को कितना घटिया खाना दिया जाता है. कई बार तो भूखेपेट ही सोना पड़ जाता है और अफसर सरकार का भेजा हुआ राशन बेचकर खा जाते हैं. इसकेबाद सीआरपीएफ के जवान जीत सिंह का वीडियो सामने आया. उन्होंने सैलरी, पेंशन और खानेको लेकर आर्मी और पैरामिलिटरी फोर्सेज में भेदभाव किए जाने की शिकायत की. गाइडलाइंसमें इस बात का भी जिक्र किया गया है कि अगर किसी जवान की कोई शिकायत है तो वहई-लेटर्स के जरिए कंप्लेन कर सकेगा और इसपर फौरन सुनवाई के साथ ही इसका निपटारासुनिश्चित किया जाएगासेना में स्मार्टफोन पर पाबंदी!एबीपी का सूत्रों के हवाले से कहना है कि सेना में भी कई यूनिट्स में स्मार्ट फोनपर पाबंदी लगा दी गई है. सरकार ने कहा है कि जवानों को इसका सख्ती से पालन करनाहोगा. इस आदेश के बाद जवान तस्वीरें खींचकर ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप्प, यूट्यूबया इंस्टाग्राम पर नहीं डाल सकते. हालांकि यह नियम पहले से था कि ड्यूटी के समय आपमोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकते. अब इस नियम को सख्ती के साथ लागू किया जाएगा.आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा है कि स्मार्टफोन पर बैन की खबर झूठी है. आर्मी ने ऐसीकोई पाबंदी नहीं लगाई है.-------------------------------------------------------------------------------- 'आर्मी अफसर जितना प्रताड़ित करते हैं, कोई और होता तो सुसाइड कर लेता'‘अगर मेरे पति पागल हैं, तो क्यों दी हुई है बंदूक’इस BSF जवान को जली रोटी खाकर ड्यूटी देनी पड़ रही है: वायरल वीडियोBSF के अफसर बाज़ार में आधे दाम पर बेच रहे हैं राशन!बख्श दो, सरहद पर खड़ा ये जवान गोलियों से नहीं गालियों से मर जाएगातेज बहादुर शराबी, बदतमीज़ और आदतन अनुशासनहीन: BSFसीमा पर लड़कर नहीं, इस वजह से मारे जाते हैं सबसे ज्यादा BSF जवान