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यूपी : HIV पॉजिटिव थी गर्भवती, सरकारी डॉक्टर-नर्स 6 घंटे तक नहीं आए, बच्चे की मौत!

6 घंटे तक तड़पती रही, रात के 9 बजे डिलीवरी कराई गई!

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HIV positive pregnant woman left unattended in Firozabad
परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल की लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई (फोटो: आजतक)
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सुरभि गुप्ता
23 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 23 नवंबर 2022, 03:11 PM IST)
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उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद (Firozabad) के मेडिकल कॉलेज पर एक गर्भवती महिला की डिलीवरी में लापरवाही करने का आरोप लगा है. आरोप है कि गर्भवती महिला HIV पॉजिटिव थी, इसलिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ ने गर्भवती महिला को न तो वॉर्ड में एडमिट किया और न ही डिलीवरी कराई. 5-6 घंटे तक गर्भवती महिला स्ट्रेचर पर पड़े-पड़े तड़पती रही. जब मामला मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल के संज्ञान में आया, तब जाकर महिला की डिलीवरी कराई गई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. नवजात शिशु की मौत हो गई.

डिलीवरी में देरी से हुई नवजात की मौत!

आजतक के सुधीर शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना 21 नवंबर की है. थाना दक्षिण इलाके की रहने वाली एक HIV संक्रमित महिला को डिलीवरी के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के महिला एवं शिशु चिकित्सालय लाया गया था. आरोप है कि जब यहां महिला के परिजनों ने बताया कि वो HIV पॉजिटिव है, तो डॉक्टरों ने उसे वॉर्ड में एडमिट नहीं किया. 5-6 घंटे बीत जाने के बाद जब मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ संगीता अनेजा को ये बात पता चली, तो उन्होंने दूसरे डॉक्टरों को डिपार्टमेंट भेजा.

लगभग 9 बजे महिला की डिलीवरी कराई गई. लेकिन महिला के बच्चे की जान नहीं बच सकी. डॉक्टरों का कहना है कि नवजात ने प्रसव के बाद दम तोड़ा, जबकि महिला के परिजनों का कहना है कि डिलीवरी में देर होने से बच्चे की पहले ही मौत हो गई थी.

मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल ने क्या बताया

महिला के पिता ने बताया कि वह अपनी बेटी को पहले एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए थे. लेकिन वहां 20 से 25 हजार का खर्च बताया गया. इसलिए वो अपनी बेटी को दोपहर 3 बजे मेडिकल कॉलेज लेकर आए. लेकिन रात के 8 बजे तक किसी ने गर्भवती महिला को छुआ तक नहीं. महिला के पिता के मुताबिक रात को डिलीवरी के बाद उन्हें बताया गया था कि नवजात सीरियस है. इसलिए उसे मशीन में रखा जा रहा है. फिर सुबह उन्हें फोन आया कि नवजात की मौत हो गई है.

वहीं मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता अनेजा ने बताया कि उन्होंने खुद हॉस्पिटल जाकर डॉक्टर और स्टाफ से बात की थी. उन्होंने कहा कि महिला मरीज की जांच और इलाज किया गया था. इस मामले में जांच बैठा दी गई है. प्रिंसिपल ने कहा है कि अगर कोई लापरवाही हुई है, तो ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

वीडियो- नसबंदी के बाद गर्भवती महिला पहुंची कोर्ट, सरकार को तगड़ी डांट पड़ गई

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