ममता से भरी हैं गांधी के पुतले पर गोली चलाने वाली पूजा शकुन पांडे, ये हैं चार सबूत!
बदनाम होकर नाम करने वाली पूजा शकुन पांडे के 'कम जाने फैक्ट्स.'
Advertisement

फोटो - thelallantop
30 जनवरी अपने देश में राष्ट्रीय शर्म के रूप में याद की जाती है. इस दिन एक आदमी ने उस गांधी को गोली मार दी थी जिसने जिंदगी भर अहिंसा की बात की. वैचारिक मतभेद को कत्ल करके दबाने वाले उस आदमी के कृत्य को इस बार कुछ लोगों ने और घृणित रूप से सेलिब्रेट किया. गांधी के पुतले को नकली पिस्टल से गोली मारकर दांत चियारते हुए वीडियो बनवाया. वीडियो वायरल हो गया. और हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडे को सब पहचानने लगे. वो कहावत है न- बदनाम भी होंगे तो क्या नाम न होगा. तो इन्होंने बदनाम होकर नाम कमाया. इस केस में लेटेस्ट अपडेट नीरज जादोन के हवाले से, जो अलीगढ़ के एएसपी हैं. कहे हैं कि नाथूराम गोडसे को ग्लोरिफाई करने वालों के खिलाफ केस दर्ज हो गया है. 8 लोगों का नामजद और 4 अज्ञात के खिलाफ. 2 लोगों को पकड़ा भी जा चुका है, बाकी पकड़े जाएंगे जल्दी.
पूजा शकुन पांडे के बारे में बता दें कि ये बहुत ममतामयी महिला हैं. इसका पहला सुबूत तो यहीं मिल जाता है कि उन्होंने नकली पिस्टल का इस्तेमाल किया. नहीं तो उनके लिए असली कट्टा जुगाड़ करना इतना मुश्किल थोड़ी था. दूसरा सुबूत ये कि गांधी के पुतले पर गोली चलाई. देश में इतने सारे लोग गांधी की बात करते हैं. कुछ तो उनके जन्मदिन और निर्वाण दिवस पर बाकायदा ट्वीट भी करते हैं. ऐसे किसी भी गांधी के रास्ते पर चलने वाले को पूजा शकुन मार सकती थीं. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि वो ममता से भरी हुई हैं. इससे भी बड़ा सुबूत ये है कि उनको जीवों से बहुत प्यार है. बकरीद पर जो बेजुबान बकरों को मौत के घाट उतारा जाता है वो उन्हें जरा भी पसंद नहीं. इसके लिए 2017 में इन्होंने अलीगढ़ के डीएम को लेटर भी लिखा था.
Image: Pooja Shakun facebook
न सिर्फ बकरियों बल्कि गायों के प्रति भी पूजा शकुन पांडे ममता से भरी हुई हैं. जब गौरक्षकों को पीएम मोदी ने गुंडे कहा था तो इन्हें बहुत बुरा लगा था और 2017 में उसके विरोध में एक फेसबुक पोस्ट लिखा था. फिर से डीएम को चिट्ठी लिखी थी. जिसमें गौरक्षकों के लिए मुआवजे, सरकारी नौकरी और वीरता पुरस्कार आदि की डिमांड रखी थी.
Image: Pooja Shakun Facebook
गांधी के लिए ट्वीट करने वाले पीएम मोदी की नीतियों की भयंकर वाली आलोचक हैं पूजा शकुन. इतनी ज्यादा कि फेंकूनामा नाम के पेज की पोस्ट शेयर करती हैं.
इस पर ये भी कहा जा सकता है कि मोदी और उनकी सरकार की परम आलोचक पूजा शकुन पांडे का बीजेपी से कुछ लेना देना नहीं है. लेकिन तस्वीरें चुगली कर देती हैं. जिनमें वो कभी एमपी के मामा जी शिवराज सिंह चौहान और मोदी सरकार में मंत्री उमा भारती के साथ दिखती हैं.
Image: Facebook
पुतले में आग लगाने वाला
अब उस महानुभाव की बात कर लें जिसने गांधी के पुतले पर पेट्रोल डाला. फिर माचिस की खोज में लग गया. काफी समय बीत जाने पर माचिस मिली तो तीली जलाकर पुतले पर फेंक के झट से पीछे हट गया. डरते हुए. ये लड़ेंगे गांधी के विचारों से. इन्हें साइंस का पता नहीं कि जब कोई पेट्रोल छिड़ककर माचिस छुआता है तब तक पेट्रोल वेपराइज होकर एक बादल जैसा बना लेता है. जो माचिस की जलती तीली के संपर्क में आते ही जल पड़ता है और जलाने वाले के बाल, हाथ के बाल या कपड़े जला देता है. वीडियो जहां मिले खोजकर फिर देख लेना. हम नहीं लगा रहे हैं. चलते चलते हे राम कहें या जय श्री राम. दोनों में राम कॉमन है.
पूजा शकुन पांडे के बारे में बता दें कि ये बहुत ममतामयी महिला हैं. इसका पहला सुबूत तो यहीं मिल जाता है कि उन्होंने नकली पिस्टल का इस्तेमाल किया. नहीं तो उनके लिए असली कट्टा जुगाड़ करना इतना मुश्किल थोड़ी था. दूसरा सुबूत ये कि गांधी के पुतले पर गोली चलाई. देश में इतने सारे लोग गांधी की बात करते हैं. कुछ तो उनके जन्मदिन और निर्वाण दिवस पर बाकायदा ट्वीट भी करते हैं. ऐसे किसी भी गांधी के रास्ते पर चलने वाले को पूजा शकुन मार सकती थीं. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि वो ममता से भरी हुई हैं. इससे भी बड़ा सुबूत ये है कि उनको जीवों से बहुत प्यार है. बकरीद पर जो बेजुबान बकरों को मौत के घाट उतारा जाता है वो उन्हें जरा भी पसंद नहीं. इसके लिए 2017 में इन्होंने अलीगढ़ के डीएम को लेटर भी लिखा था.
Image: Pooja Shakun facebook
न सिर्फ बकरियों बल्कि गायों के प्रति भी पूजा शकुन पांडे ममता से भरी हुई हैं. जब गौरक्षकों को पीएम मोदी ने गुंडे कहा था तो इन्हें बहुत बुरा लगा था और 2017 में उसके विरोध में एक फेसबुक पोस्ट लिखा था. फिर से डीएम को चिट्ठी लिखी थी. जिसमें गौरक्षकों के लिए मुआवजे, सरकारी नौकरी और वीरता पुरस्कार आदि की डिमांड रखी थी.
Image: Pooja Shakun Facebook
गांधी के लिए ट्वीट करने वाले पीएम मोदी की नीतियों की भयंकर वाली आलोचक हैं पूजा शकुन. इतनी ज्यादा कि फेंकूनामा नाम के पेज की पोस्ट शेयर करती हैं.
इस पर ये भी कहा जा सकता है कि मोदी और उनकी सरकार की परम आलोचक पूजा शकुन पांडे का बीजेपी से कुछ लेना देना नहीं है. लेकिन तस्वीरें चुगली कर देती हैं. जिनमें वो कभी एमपी के मामा जी शिवराज सिंह चौहान और मोदी सरकार में मंत्री उमा भारती के साथ दिखती हैं.
Image: Facebook
पुतले में आग लगाने वाला
अब उस महानुभाव की बात कर लें जिसने गांधी के पुतले पर पेट्रोल डाला. फिर माचिस की खोज में लग गया. काफी समय बीत जाने पर माचिस मिली तो तीली जलाकर पुतले पर फेंक के झट से पीछे हट गया. डरते हुए. ये लड़ेंगे गांधी के विचारों से. इन्हें साइंस का पता नहीं कि जब कोई पेट्रोल छिड़ककर माचिस छुआता है तब तक पेट्रोल वेपराइज होकर एक बादल जैसा बना लेता है. जो माचिस की जलती तीली के संपर्क में आते ही जल पड़ता है और जलाने वाले के बाल, हाथ के बाल या कपड़े जला देता है. वीडियो जहां मिले खोजकर फिर देख लेना. हम नहीं लगा रहे हैं. चलते चलते हे राम कहें या जय श्री राम. दोनों में राम कॉमन है.

.webp?width=60)

