नूह हिंसा के बाद हरियाणा में सड़कों पर हनुमान चालीसा का पाठ क्यों कर रहे लोग?
पिछले कुछ दिनों से हरियाणा के कई हिस्सों में इसी तरह की सभाएं देखी जा रही हैं.

हरियाणा के सोनीपत में कुछ हिंदू संगठनों के सदस्यों ने नूह हिंसा के विरोध में 12 अगस्त को खुले में सामूहिक हनुमान चालीसा की. नारे लगाते हुए मार्च भी निकाला. पिछले कुछ दिनों से हरियाणा के कई हिस्सों में इसी तरह की सभाएं देखी जा रही हैं. आजतक के पवन राठी की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार, 12 अगस्त को भी सोनीपत में कुंडली के प्याऊ मनियारी इलाके में कुछ लोग जुटे. आयोजकों ने बताया कि उन्होंने नूह में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर अपना आक्रोश जाहिर करने के लिए हनुमान चालीसा कार्यक्रम किया.
एक हिंदू संगठन के नेता दीपक चौहान ने आजतक से बातचीत करते हुए बताया,
"देश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं और हम धार्मिक जुलूस भी नहीं निकाल पा रहे हैं. मेवात में हुई हिंसा के विरोध में हमने हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है. सोनीपत में जितने भी सार्वजनिक जगह हैं, हम वहां हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे."
रिपोर्ट के मुताबिक, मीडिया से बात करते हुए दीपक चौहान ने 'खास समुदाय' के लोगों के बहिष्कार की बात तक कह दी. बाद में कहा कि अपराधी किस्म के लोगों को क्षेत्र में आने से रोका जाना चाहिए. हाल ही में हरियाणा में कई पंचायतों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें मुसलमानों को व्यवसाय और दुकान चलाने या गांव में प्रवेश करने से रोकने की बात कही गई थी. कहा गया था कि उन्हें "डर है कि बाहरी लोग" या एक विशेष समुदाय के लोग "फेरीवालों की आड़ में उनके गांव की शांति बिगाड़ सकते हैं."
हालांकि, राज्य सरकार ने शुक्रवार, 11 अगस्त को चेतावनी दी कि जो लोग ऐसे प्रस्ताव पारित करेंगे, उन्हें पंचायती राज अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी हरियाणा के नूह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद मुस्लिम समुदाय के बहिष्कार के लिए की जाने वाली अपील पर आपत्ति जताई है. 11 अगस्त को नूह हिंसा को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि बायकॉट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बता दें कि 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद की 'बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा' के दौरान नूह में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. पत्थरबाजी और आगजनी हुई. बाद में ये हिंसा राज्य के दूसरे हिस्सों में भी भड़क उठी थी. इस हिंसा में छह लोग मारे गए हैं.
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