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हिंडनबर्ग के बंद होने की अंदर की कहानी आई सामने, अडानी को लगाई थी अरबों की चपत

Hindenburg Research Shut Down: इस कंपनी ने जनवरी 2023 में एक रिपोर्ट पब्लिश की थी. जिसमें Adani Group पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे. हालांकि अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था लेकिन इसके बाद भी ग्रुप के मार्केट कैप में भारी गिरावट आई थी.

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Hindenburg Research Shut Down his report accused Adani Group of billions is closed Nathan Anderson
हिंडनबर्ग रिसर्च के फाउंडर ने अपनी कंपनी बंद करने का एलान किया है (फोटो: आजतक)
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अर्पित कटियार
16 जनवरी 2025 (Published: 11:10 AM IST)
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हिंडनबर्ग रिसर्च के फाउंडर ने अपनी कंपनी बंद करने का एलान किया है (Hindenburg Research Shut Down). इसकी जानकारी कंपनी के फाउंडर नाथन ‘नैट’ एंडरसन (Nathan Anderson) ने 'X' पर पोस्ट कर दी. उन्होंने कहा कि हमारे काम के जरिए रेगुलेटरों द्वारा लगभग 100 लोगों पर दीवानी या आपराधिक आरोप लगाए गए हैं. जिनमें कई अरबपति भी शामिल हैं. हमने कुछ ऐसे साम्राज्यों को हिला दिया, जिन्हें हमें हिलाने की ज़रूरत थी. 

बता दें कि इस कंपनी ने जनवरी 2023 में एक रिपोर्ट पब्लिश की थी. जिसमें अडानी ग्रुप (Adani Group) पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे. हालांकि, अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था लेकिन इसके बाद भी ग्रुप के मार्केट कैप में भारी गिरावट आई थी. 

क्या बोले एंडरसन?

कंपनी के फाउंडर ने बुधवार, 15 जनवरी को इसका एलान किया. ये एलान ऐसे वक्त में हुआ, जब अमेरिका में जो बाइडन का कार्यकाल खत्म हो रहा है और 20 जनवरी को डॉनल्ड ट्रंप की राष्ट्रपति के तौर पर वापसी हो रही है. नैट एंडरसन ने अपने सफर, संघर्ष और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा, 

“मैंने पिछले साल के अंत में ही अपने परिवार, दोस्तों और हमारी टीम के साथ ये बात शेयर की थी कि मैं हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का निर्णय ले रहा हूं. हमने जो विचार तय किए थे, उन्हें पूरा करने के बाद इसे खत्म करना था. आज आखिरी मामलों को नियामकों के साथ शेयर करने के बाद वो दिन आ गया है.”

ये भी पढ़ें: हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में ऐसा भी क्या था, जिससे अडानी समूह को कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ गए

‘निकोला’ के खिलाफ बड़ी सफलता

हिंडनबर्ग को सबसे बड़ी सफलता इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माता निकोला (Nikola) के खिलाफ मिली थी. सितंबर 2020 में, हिंडनबर्ग रिसर्च ने निकोला कॉरपोरेशन पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. जिसमें कंपनी पर धोखाधड़ी करने के आरोप शामिल थे और कहा गया था कि इसके संस्थापक ट्रेवर मिल्टन धोखाधड़ी की ज्यादातर गतिविधियों के लिए जिम्मेदार थे.

‘हमें बस सच्चाई पर भरोसा है…’

हिंडनबर्ग रिसर्च के फाउंडर ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए अपने मैसेज में लिखा, 

“हम सभी ने सटीकता पर ध्यान केंद्रित करते हुए और सबूतों के आधार पर अपने शब्दों को तय करते हुए बहुत मेहनत की है. कभी-कभी इसका मतलब होता है बड़े झटके लेना और ऐसी लड़ाइयां लड़ना जो हममें से किसी भी व्यक्ति से कहीं बड़ी होती हैं. धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और नकारात्मकता अक्सर भारी लगती हैं. आखिरकार हमने अपने काम से असर डाला- जितना मैंने शुरू में सोचा था उससे कहीं ज़्यादा असर हुआ. हमारे काम के ज़रिए रेगुलेटरों द्वारा लगभग 100 लोगों पर दीवानी या आपराधिक आरोप लगाए गए हैं. जिनमें कई अरबपति भी शामिल हैं. हमने कुछ ऐसे साम्राज्यों को हिला दिया जिन्हें हमें हिलाने की ज़रूरत थी.”

एंडरसन ने लिखा कि समय के साथ लोगों ने वह देखना शुरू कर दिया, जिसकी मुझे उम्मीद थी कि हम दिखा सकते हैं कि प्रभाव डालना संभव है, चाहे आप कोई भी हों. हम निडर नहीं हैं, हमें बस सच्चाई पर भरोसा है और उम्मीद है कि यह हमें सही रास्ते पर ले जाएगा. मैं इसके लिए आभारी हूं.

वीडियो: खर्चा पानी: हिंडनबर्ग ने अडानी पर क्या खुलासा किया? केन्या और बांग्लादेश से भी बुरी खबर!

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