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असम CM ने मणिपुर हिंसा के लिए कांग्रेस को बताया जिम्मेदार, बदले में मिला ऐसा जवाब

हिमंता बिस्वा सरमा कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की बात भी ले आए.

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9 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 9 अगस्त 2023, 03:00 PM IST)
Jairam ramesh attacks himanta vishwa sharma
हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर जयराम रमेश का पलटवार (PTI)
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मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर कांग्रेस और BJP के नेता आमने-सामने आ गए हैं. एक तरह जहां असम के मुख्यमंत्री और BJP नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि पूर्वोत्तर में कांग्रेस के हाथ खून से रंगे हैं. वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें BJP की वॉशिंग मशीन का प्रोडक्ट बताया है.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 8 अगस्त की रात ट्वीट कर कहा,

''असम के मुख्यमंत्री, जो कि बीजेपी वॉशिंग मशीन के प्रोडक्ट हैं, अब पूर्वोत्तर में कांग्रेस की तरफ से किए गए सभी तथाकथित पापों को याद कर रहे हैं. लेकिन वास्तव में केवल दो ही पाप हैं. एक पाप हितेश्वर सैकिया की तरफ से किया गया. जब आत्मसमर्पित उल्फा का हिस्सा बने एक युवक को सम्मान दिलाने की प्रतिबद्धता दिखाई. जबकि दूसरे तरुण गोगोई थे, जिन्होंने उसे सत्ता और अधिकार के अवसरवादी पद दिए."

हिमंता बिस्वा सरमा ने क्या कहा?

इससे पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि जहां तक पूर्वोत्तर का सवाल है, कांग्रेस के हाथ खून से सने हुए हैं. कांग्रेस के किसी भी प्रधानमंत्री ने पिछले 75 साल में क्षेत्र के जख्मों पर मरहम नहीं लगाया. कांग्रेस को चिंतन करना चाहिए कि कैसे उसकी गलत नीतियों की वजह से मणिपुर जल रहा है. उन्होंने पूर्वोत्तर में एक दुखद स्थिति पैदा की. सरमा ने आगे कहा कि जब इंदिरा गांधी ने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान असम का दौरा किया था, तो जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें इस डर से राज्य का दौरा ना करने की चेतावनी दी थी कि चीनी सेना उनका अपहरण कर सकती है.

दरअसल, असम के मुख्यमंत्री का ये बयान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई द्वारा सदन में प्रधानमंत्री मोदी पर उठाए गए सवाल के बाद आया था. गौरव गोगोई ने 8 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री महोदय ने एक मौन व्रत लिया कि ना लोकसभा में कुछ बोलेंगे ना राज्यसभा में कुछ बोलेंगे, इसलिए यह नौबत आई है कि हम अविश्वास प्रस्ताव लाकर प्रधानमंत्री मोदी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं. 

वहीं मणिपुर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महीनों तक चुप रहने को लेकर सरमा ने कहा कि कभी-कभी चुप्पी अधिक शक्तिशाली होती है. हम चुप रहे क्योंकि शब्दों से मणिपुर में हंगामा हो सकता था. मैं चुप रहने के लिए केंद्र सरकार का आभारी हूं.

बताते चलें कि मणिपुर में हो रही हिंसा के चलते अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. यहां करीब 50 हजार लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है. 

वीडियो: CM अशोक गहलोत बोले मैं CM का पद छोड़ना चाहता हूं लेकिन...

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