हिमाचल प्रदेश: BJP विधायक ने छात्र को मारा 'थप्पड़', पिता बोले- प्यार से छुआ था
Himachal Pradesh: कांग्रेस ने विधायक को मेंटल हॉस्पिटल भेजने की बात कही है.

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) विधानसभा के उपाध्यक्ष हंसराज (Hansraj) इस समय विवादों के घेरे में आ गए हैं. मामला है चंबा जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्र को कथित थप्पड़ मारने का. इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है. इस मामले में भाजपा नेता पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. वहीं छात्र के पिता का कहना है कि उनके बेटे की गलती थी, उपसभापति ने उसके हल्के से मार दिया था. वो इस घटना को नजरंदाज करते हैं.
मामला क्या है?इंडिया टुडे से जुड़े मंजीत सहगल की रिपोर्ट के मुताबिक, घटनाक्रम गुरुवार, 19 मई का है. भाजपा नेता हंसराज अपने विधानसभा क्षेत्र रैला में स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पहुंचे थे. यहां वो एक क्लास में पहुंचे और बच्चों से उनकी पढ़ाई से जुड़े कुछ सवाल पूछने लगे. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बीजेपी नेता ने एक छात्र से पूछा कि क्या उसकी तबीयत ठीक है. तभी एक दूसरा छात्र हंस पड़ा. इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने पूछा,
"क्यों हंस रहा है भाई"
और हंसने वाले छात्र को एक थप्पड़ मार दिया. वीडियो में थप्पड़ की आवाज भी सुनी जा सकती है.
पिता ने क्या कहा?इस मामले को लेकर छात्र के पिता रियाज ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है. बल्कि उनका कहना है,
"मेरे बेटे की गलती थी. विधायक जी कुछ समझा रहे थे, लेकिन वो हंस रहा था इसलिए उनका हाथ चल गया. ये थप्पड़ नहीं था उन्होंने. बल्कि उसे प्यार से छुआ था. मैं उनका शुक्रगुजार हूं."
वहीं कांग्रेस विधायक विक्रमदित्य सिंह ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य करार दिया है. साथ ही हंसराज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. विक्रमादित्य सिंह का कहना है,
हंसराज ने क्या कहा?"विधानसभा के उप-सभापति को अपने दिमाग का चेकअप कराने के लिए मेंटल हॉस्पिटल जाना चाहिए. वो सार्वजनिक रूप से अधिकारियों को धमकाते हैं. गलत भाषा का इस्तेमाल करते हैं और भद्दे मैसेज भेजते हैं. यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और मुख्यमंत्री को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए."
इधर विधानसभा उपाध्यक्ष डा. हंसराज का कहना है कि कांग्रेस के नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए उनकी छवि खराब करने के लिए रोज नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग लोगों को शिक्षित नहीं देखना चाहते और ऐसे कारनामों के जरिए यहां के शिक्षण संस्थानों में जेएनयू वाले हालात पैदा करने की फिराक में हैं. हंसराज का कहना है कि वो अपने विधानसभा क्षेत्र में स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए अपनी सैलरी का तीस फीसदी हिस्सा खर्च कर रहे हैं. इस दौरान अगर वो किसी बच्चे को डांटते या पुचकारते हैं, तो कांग्रेस के लोग मुद्दा बना रहे हैं.

