हमने टॉयलेट बनाए क्योंकि आपने नहीं बनाए: पीएम मोदी
पीएम ने विपक्षियों की हर बात का एक एक कर जवाब दिया बड़ी तसल्ली से. यहां पढ़ो उनकी खास बातें. एकदम कट टू कट.
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फोटो - thelallantop
लोकसभा में पीएम ने धाकड़ स्पीच दी. बिना नाम लिए विपक्षियों को लिटाय दिया. लोकसभा न चलने देने के लिए विपक्ष को घेरा. नेहरू, इंदिरा गांधी के कहे की दुहाई दी. पुराणों शास्त्रों की बात की. कहा "हमारे शास्त्रों में बड़ी अच्छी बात कही है. कि पर उपदेश कुशल बहुतेरे, जे आचरहिं ते नर न घनेरे". मने मोेदी को सलाह बहुत लोग देते हैं. दूसरों को सलाह देना बहुत आसान है. अब उनकी स्पीच की खास बातें जानो. एक के बाद एक, लाइन से.
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1: प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि संसद में बोलते वक्त लोग दूसरों का टाइम गोंच लेते हैं. उनको बोलने का मौका मिले तो उनका भी हुनर निखर कर सामने आए.
2: बहस संसद में होगी और टॉयलेट पर होगी. रहती दुनिया तक.
3: किसी ने कहा कि आपकी कथनी करनी में फर्क होता है. तब उनका जवाब आया. सर्टिफिकेट देने वालों के नाम पीएम का संदेश है ये. इसे हर तरह के लोग जिंदगी में उतारें. क्योंकि आगे ये भी बोला है "पर उपदेश कुशल बहुतेरे"
4: आप कहेंगे कि मोदी जी हमने नहीं बनवाया तभी तो आप बनवा रहे हो. लेकिन नोट किया जाए, यहां टॉयलेट बनवाने की बात हो रही है.
5: अब इत्ते भोले भंडारी तो हो नहीं. जो ये भी न समझो कि वो किसके लिए कहे हैं. अच्छा लगा. तो हाथ मार दीजिए न थोड़ा सा.
6: प्रधानमंत्री बनने का रास्ता गुजरात से होकर निकला. इसलिए हर स्पीच में गुजरात का नाम न आए तो कुछ कमी सी रह जाती है. और ये कमी किसी तरह रहनी नहीं चाहिए.
7: इस स्पीच में सलाहों पर काफी जोर दिया प्रधानमंत्री ने. 'पर उपदेश' वाली बात भी उसी कैटेगरी से मैच करती है. सो अगर वो सलाह दे रहे हैं तो सबको माननी चाहिए.
8: यहां 1000 परसेंट लिखा है. लेकिन असल में वो थाउजैंड परसेंट है.
9: बहुब्बड़ी बात कही है पीएम ने. प्वाइंट टू बी नोटेड. लेकिन एक मिनट. ये बात इंदिरा गांधी ने कही थी. बस उसको दोबारा याद दिलाया है.
10: कहने को तो कोई भी कुछ भी कह सकता है. इसमें इत्ता लोड लेने वाली बात नहीं.
11: राहुल गांधी ने कल की स्पीच में लोहे वाले कजरौटे शेर के बारे में बोला था न. ये उसी पर काउंटर अटैक है.
12: ये दार्शनिक टाइप की बात है. हर पढ़ने वाला अपने मन से समझ ले.
13: आह्वान किया जा रहा है. अलग स्टाइल में. कि खूब जमेगा रंग जब मिल बैठेंगी दो सरकारें. नई और पुरानी.
14: परिवर्तन की स्पीड बहुत ज्यादा है. लोगों की एक्सेप्ट करने की स्पीड बहुत कम. इस रगड़घिस में कहीं नुकसान न हो जाए.
15: हमें चिन्ता नहीं उनकी उन्हें चिन्ता हमारी है. हमारी नाव के रक्षक सुदर्शन चक्रधारी हैं.
16: ये तो कुछ कुछ कविता सी हो गई. लेकिन जो बात है वो बात है.
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