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केरल में भारी बारिश से तबाही, 25 से ज़्यादा मौतें, कई लापता

पीएम मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री से की बात.

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NDRF की 11 टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं (फोटो - एएनआई)
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सोम शेखर
17 अक्तूबर 2021 (Updated: 17 अक्तूबर 2021, 12:10 PM IST)
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केरल में लगातार भारी बारिश हो रही है. बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से अबतक 25 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कई लापता हैं. राज्य सूचना विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक कोट्टायम जिले में 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि इडूकी में 9 लोग मारे गए हैं. अलापुरा जिले में 4 लोगों की मौत हुई है. कुट्टीकल और मुंडाकायम इलाके में सेना को तैनात किया गया है. सभी प्रभावित जगहों पर एनडीआरएफ की टीम भी तैनात है. प्रभावित इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. बारिश का सबसे ज़्यादा असर केरल के मध्य और दक्षिणी इलाक़ों में दिखाई दे रहा है. केरल के कोट्टायम ज़िले से रविवार को, भूस्खलन के बाद तीन लाशें बरामद हुई हैं. लगातार भारी बारिश के बाद, शनिवार को कोट्टायम ज़िले में 6 और इंडुक्की ज़िले में 2 मौतें रिपोर्ट की गई थी. अब तक की जानकारी के अनुसार, 7 महिलाओं और 8 बच्चों समेत कुल 33 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. बचाव कार्यों में NDRF की टीमों लगाया गया है.  सेना की ओर से बताया गया है कि इंजीनियरिंग और मेडिकल यूनिट के साथ कन्नूर से सेना के जवानों का दल बचाव कार्यों के लिए वायनाड पहुंच गया है. बेंगलुरु से इंजीनियरिंग टास्क फोर्स के भी वायनाड पहुंचने की उम्मीद है. सेना की ओर से अब तक कुल 3 कॉलम तैनात किए गए हैं. राहत सामग्री के साथ नेवी चॉपर के जरिए बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा जारी है. वायुसेना स्टेशन शंगमुघम में वायु सेना के 2 हेलिकॉप्टर MI-17 स्टैंडबाय पर हैं. अधिकारियों ने बताया कि कोट्टायम, इंडुक्की और पठानमथिट्टा जैसे पहाड़ी इलाक़ों के बाद, मैदानी इलाकों में बाढ़ की आशंका है. मीनाचल और मणिमाला नदियां उफान पर हैं. बारिश से कई लोग विस्थापित हुए हैं. कई ज़िलों में बांध पूरी क्षमता के क़रीब पहुंच गए हैं. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि प्रदेश की स्थिति गंभीर है. कहा कि IMD ने अरब सागर के ऊपर बने कम दबाव प्रणाली के कारण राज्य में व्यापक भारी बारिश की चेतावनी दी है. आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर खोले गए हैं. संबंधित अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा है कि राहत शिविरों में कोविड-19 हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन हो. वहीं केंद्र की तरफ़ से‌ डिफेंस के प्रवक्ता ने बताया कि मिग-17 और सारंग हेलीकॉप्टर को बचाव कार्यों के लिए स्टैंडबाई पर रखा गया है. एनडीआरएफ़ की 11 टीमों के अलावा, बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में आर्मी की तैनाती की गई है. मौसम खराब होने की वजह से राहत कार्यों में दिक़्क़तें आ रही हैं.   देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि केरल की बाढ़ से निपटने के लिए जितना सहयोग चाहिए होगा, केंद्र देगा. उन्होंने ट्वीट किया,
हम भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर केरल के कुछ हिस्सों में स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं. केंद्र सरकार जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर संभव मदद करेगी. बचाव कार्यों में मदद के लिए NDRF की टीमें पहले ही भेजी जा चुकी हैं. सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.
बाक़ी दक्षिणी प्रदेशों में क्या स्थिति है? केरल के आसपास के राज्यों में स्थिति गंभीर होने की आशंका है. बाढ़ और बारिश ने तमिलनाडु में तबाही मचानी शुरू कर दी है. कन्याकुमारी के पास कुलशेखरम में, बारिश के बाद झरने में इतना पानी आ गया है कि लोगों को आसपास से हटाना पड़ा.    आंध्र प्रदेश के भी कई शहरों में भारी बारिश के बाद जलभराव हो गया है. तमाम घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है. श्रीकाकुलम और तीर्थनगरी तिरुपति भी भारी बाढ़ का सामना कर रही है. चित्तूर में सड़कों पर पानी ही पानी दिख रहा है.

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