कोरोना वैक्सीन को लेकर हेल्थ मिनिस्ट्री ने अब क्या कहा है?
स्कूल खोलने को लेकर एक जरूरी बात भी कही.
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देश के हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा कि हम वैक्सीनेशन का प्रोसेस शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
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हेल्थ मिनिस्ट्री ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का खुलासा किया कि वो वैक्सीन को जल्दी लॉन्च करने के लिए तैयार है. जैसे ही इमरजेंसी अप्रूवल मिलेगा उसके 10 दिन के भीतर वैक्सीन लगाने के लिए उपलब्ध होगी. हालांकि हेल्थ सेक्रेटरी ने कहा कि इस बात का फैसला सरकार को करना है कि कब से वैक्सीनेशन शुरू किया जाए.
हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा,
हम अप्रूवल मिलने के 10 दिन के अंदर कोविड 19 की वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं. We are prepared to roll out vaccine within 10 days of emergency use authorisation approvals. The final call will be taken by the government: Union Health Secretary Rajesh Bhushan
DGCI gave approval to two vaccines on January 3 pic.twitter.com/g6sWMsX4cG — ANI (@ANI) January 5, 2021बता दें, कि हाल ही में भारतीय ड्रग रेग्युलेटर ने कोवीशील्ड और कोवैक्सीन के इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन दे दिया है. मतलब अब सरकार के हाथ में है कि वह वैक्सीनेशन का प्रोसेस कब शुरू करे. फ्रंट लाइन वर्कर्स को नहीं करना होगा रजिस्टर हेल्थ सेक्रेटरी ने बताया कि हेल्थ वर्कर्स या फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन के लिए सेल्फ रजिस्टर करने की जरूरत नहीं होगी. इनका डेटा पहले से ही कोविन वैक्सीन डिलीवरी सिस्टम में मौजूद है. कोविन पर सेल्फ रजिस्टर होने की प्रक्रिया सिर्फ आम लोगों के लिए होगी. यह पूरा प्रोसेस डिजिटल होगा. रजिस्ट्रेशन से लेकर वैक्सीन दिए जाने और दूसरे डोज के लिए आने तक की जानकारी डिजिटल तरीके से ही दी जाएगी. वैक्सीन लेने के बाद मेसेज से पता चल जाएगा कि किस लोकेशन पर किस वैक्सीनेटर से वैक्सीन लगावाई गई है. दोनों डोज लेने के बाद क्यूआर बेस डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा. इस सर्टिफिकेट को मोबाइल या क्लाउड पर मौजूद डिजी लॉकर में भी रख सकते हैं. इसमें एक यूनिक हेल्थ आईडी लेने का भी ऑप्शन होगा.
Healthcare workers and frontline workers would not need to register themselves as a beneficiary as their data is bulk database that has been populated on the Co-WIN vaccine delivery management system in a bulk manner: Union Health Secretary Rajesh Bhushan pic.twitter.com/NHrl0r8YED — ANI (@ANI) January 5, 2021हेल्थ सेक्रेटरी भूषण ने यह भी बताया कि वैक्सीन को लेकर 4 प्राइमरी वैक्सीन स्टोर GMSD बनाए गए हैं. ये स्टोर करनाल, मुंबई, चैन्नै और कोलकाता में हैं. इसके अलावा 37 दूसरे स्टोर भी हैं जहां पर वैक्सीन को रखा जाएगा. यहां वैक्सीन के सारे स्टॉक रहेंगे. यहां से ही देश भर में वैक्सीन भेजी जाएगी. स्टोर करने की ये सभी सुविधाएं भारत मे पिछले दशक से ही मौजूद हैं और पूरी तरह से भरोसेमंद हैं. जुलाई तक 30 करोड़ डोज़ का टारगेट प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल का जवाब देते हुए नीति आयोग के मेंबर हेल्थ ने कहा कि हमारा टारगेट है कि जुलाई तक कम से कम 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का इंतजाम कर लिया जाए. इसलिए वैक्सीन में हर तरह के ऑप्शन पर नजर रखी जा रही है. अगर कोई और विकल्प होगा तो हम उस पर भी विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि पहले वो फ्रंट लाइन वर्कर्स को सेफ रखना चाहते हैं. उसके बाद ही दूसरे ऑप्शन पर विचार करेंगे. बच्चों के स्कूल वापसी के सवाल पर जवाब देते हुए डीजी ICMR ने कहा कि हम ब्रिटेन के उदाहरण से देख चुके हैं. ब्रिटेन बच्चों को जल्दी स्कूल भेज कर अपने हाथ जला चुका है. सबसे पहले टीचर और व्यस्कों को वैक्सीनेट करना होगा. उसके बाद ही बच्चों को स्कूल भेजने के बारे में सोचा जा सकता है.

