अमेरिका में बीते 100 सालों की सबसे भीषण आग लगी, कम से कम 93 लोगों की मौत हुई
हवाई द्वीप के जंगलों में लगी आग में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

अमेरिका में हवाई द्वीप के जंगलों में लगी आग काफी खतरनाक होती जा रही है. हवाई के माउई द्वीप पर बसा पूरा लहैना शहर इस आग की चपेट में आ चुका है. इलाके में अब तक कुल 93 लोगों की जान जा चुकी है. जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. ये पिछले 100 साल के इतिहास में अमेरिका की सबसे घातक आग की घटना मानी जा रही है.
अधिकारियों ने शनिवार, 12 अगस्त को बताया कि माउई जंगल की आग से मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है. हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने भी ऐसी आशंका जताई है. ब्रिटिश अखबार 'द गार्डियन' में छपी खबर के मुताबिक जोश ग्रीन ने बताया,
“ये आग निश्चित रूप से हवाई में अब तक की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा है. हम केवल उन लोगों की मदद कर सकते हैं, जो जिंदा हैं. अब हमारा ध्यान लोगों को फिर से एकजुट करना, उन्हें घर दिलाना और उनके स्वास्थ्य की देखभाल करना है. और फिर शहर का पुनर्निर्माण करना है.”
जोश ग्रीन ने आगे कहा कि आग की घटना में अपने घर खोने वाले लोगों के लिए हमनें 1,000 होटल के कमरे बुक किए हैं. साथ ही उन परिवारों के लिए किराए के मकान की मुफ्त में व्यवस्था कर रहे हैं. 1,400 से अधिक लोगों को इमरजेंसी शेल्टर्स में ले जाया जा चुका है.
नए जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक, ये घटना उत्तरी कैलिफोर्निया में कैंप फायर में मरने वाले लोगों की संख्या को भी पार कर चुकी है. साल 2018 में हुई उस घटना में 85 लोग मारे गए और पूरा पैराडाइज शहर नष्ट हो गया. इससे पहले साल 1918 में क्लॉक्वेट आग ने उत्तरी मिनेसोटा और विस्कॉन्सिन में हजारों घरों को नष्ट कर दिया था. इस घटना में लगभग 453 लोगों की मौत हो गई थी.
बताते चलें कि हवाई के माउई में स्थित लहैना में मंगलवार, 8 अगस्त को आग भड़क उठी थी. आग लगने की वजह अभी साफ नहीं है. माना जा रहा है कि तापमान बढ़ने और तेज हवाओं से आग लगी है. आग के कारण पूरा ऐतिहासिक रिसॉर्ट शहर नष्ट हो गया. इस आग ने बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों और गाड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया. अमेरिका की इमरजेंसी सेवा एजेंसी (FEMA) के अनुसार, लहैना के रेनोवेशन की लागत करीब 5.5 बिलियन डॉलर यानी 45 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है.
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