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हाथरस भगदड़: फरार 'भोले बाबा' के गांव पहुंची पुलिस फोर्स, मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई

Hathras Stampede Updates: Postmortem Reports के मुताबिक, ज्यादातर लोगों की मौत छाती में खून जमा होने, दम घुटने और पसलियों में चोटों की वजह से हुई.

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4 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 08:17 AM IST)
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घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग का गठन (फोटो- PTI)
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हाथरस भगदड़ मामले में फरार चल रहे नारायण साकार उर्फ 'भोले बाबा' को ढूंढने के लिए पुलिस उनके गांव वाले आश्रम पहुंची है. खबर है कि 3 जुलाई की रात को मैनपुरी सिटी SP राहुल मिठास पुलिस फोर्स के साथ मैनपुरी के भोगांव में नारायण साकार के आश्रम गए थे (UP Hathras Stampede Updates). DSP सुनील सिंह ने बताया कि नारायण साकार ना तो 2 जुलाई को वहां थे ना ही 3 जुलाई को. 

इस बीच भगदड़ में मरने वाले लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के बाद मृतकों में से 21 शवों को आगरा के SN मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था. इनमें 35 से 60 साल की महिलाएं शामिल थीं. वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर लोगों की मौत छाती में खून जमा होने, दम घुटने और पसलियों में चोटों की वजह से हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, तीन लोगों की मौत सिर में चोट के चलते हुई. शॉक और हैमरेज से भी लोगों की जान गई है.

बता दें, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भगदड़ घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है. पैनल की अध्यक्षता इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज, जस्टिस ब्रिजेश कुमार श्रीवास्तव करेंगे. इसमें रिटायर्ड IPS अधिकारी हेमंत राव और भावेश कुमार सिंह भी शामिल होंगे. आयोग को दो महीने के अंदर जांच पूरी करने का काम सौंपा गया है.

3 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना में घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात के बाद चूक के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने का वादा किया.

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

सिकंदरा राऊ तहसील के रतिभानपुर गांव में हुए इस हादसे के संबंध में एक FIR दर्ज हुई है. इसमें 'मुख्य सेवादार' देवप्रकाश मधुकर और कार्यक्रम के अन्य आयोजकों को आरोपी बनाया गया है. FIR में बाबा का नाम नहीं है. हालांकि, समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार ने कहा है कि पुलिस बाबा की तलाश में है.

इस बीच बाबा ने हादसे पर लिखित बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है. कहा,

"मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रभु से प्रार्थना करता हूं. सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील डॉ एपी सिंह को भगदड़ मचाने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है.  मैं 2 जुलाई को ग्राम फुलरई, सिकंदरा राऊ, हाथरस में आयोजित सत्संग से काफी समय पहले ही निकल चुका था."

ये भी पढ़ें- हाथरस हादसे पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, कहा- साजिश का नतीजा है भगदड़

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 जुलाई को हुए धार्मिक समारोह में करीब 2.5 लाख लोग शामिल हुए थे. जबकि वहां 80 हजार लोगों को ही इकट्ठा करने की अनुमति थी. 

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: हाथरस बाबा का चौंकाने वाला बयान, वीडियो क्लिप में क्या दिखा?

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