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हाथरस में धार्मिक सत्संग में भगदड़ मचने से 50 लोगों की मौत, 100 से ज़्यादा घायल

एटा मेडिकल कॉलेज के CMO राजकुमार अग्रवाल ने पुष्टि की है कि Hathras Stampede में 27 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज़्यादा हताहत हैं.

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2 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 2 जुलाई 2024, 06:37 PM IST)
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घायलों को एटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया जा रहा है. (फ़ोटो - आजतक)
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यूपी के हाथरस में 2 जुलाई को एक धार्मिक सत्संग में भगदड़ मचने से बहुत बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं. बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है. वहीं घायलों का आंकड़ा 100 के आसपास हो सकता है. शुरुआती रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 27 बताई गई थी. लेकिन थोड़ी देर बाद ये आंकड़ा बढ़ गया. इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में मरने वालों की संख्या 50 से ज्यादा बताई है.

कैसे हुई दुर्घटना?

रिपोर्ट्स के मुताबिक हाथरस के रतिभानपुर में एक सत्संग कार्यक्रम चल रहा था. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के समापन के दौरान भगदड़ (Hathras Stampede) मच गई. लोग बाहर निकलने की कोशिश में दूसरों को कुचलते हुए निकल गए. इस अफरातफरी में फंस गए बच्चे और महिलाएं. मृतकों में महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है.

इंडिया टुडे के शुरुआती इनपुट्स के मुताबिक़, एटा मेडिकल कॉलेज के CMO राजकुमार अग्रवाल ने भी पुष्टि की थी कि 27 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज़्यादा हताहत हैं.

एटा के SSP राजेश कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी दी,

हाथरस ज़िले के मुग़लगढ़ी गांव में एक धार्मिक आयोजन चल रहा था. समापन के वक़्त वहां भगदड़ मच गई. एटा अस्पताल में अब तक 27 शव आए हैं, जिनमें 23 महिलाएं, 3 बच्चे और 1 पुरुष हैं. घायल अभी अस्पताल पहुंच रहे हैं. आगे की जांच की जा रही है. इन 27 शवों की पहचान की जा रही है.

हालांकि अब मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की खबर आ रही है.

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस हादसे का संज्ञान लिया है. उन्होंने ज़िला प्रशासन के अफ़सरों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का फ़ौरन इलाज किया जाए. साथ ही मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के लिए संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है.

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री - लक्ष्मी नारायण और संदीप सिंह - और मुख्य सचिव के भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं.

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इंडिया टुडे के देवेश पाल सिंह को एक पीड़ित महिला ने बताया कि वो दर्शन करने गई थीं. भीड़ बहुत ज़्यादा थी. भगदड़ मची, तो वो और उनका बच्चा भी भीड़ के नीचे आ गया. मगर वो किसी तरह बचे. अपनी घायल मां के साथ अस्पताल पहुंची एक युवती ने बताया कि सत्संग ख़त्म होने के बाद वहां भगदड़ मची है. लोग खेत की तरफ से निकल रहे थे, तभी अचानक भीड़ ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी. इससे कई लोग नीचे दब गए.  

आगरा के ADG और अलीगढ़ कमिश्नर के नेतृत्व में घटना के कारणों की जांच की जा रही है. 

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