कश्मीर के कर्फ्यू से निकला 6 साल का कराटे चैंपियन
इनकी स्माइल पर मत जाना. बहुत सनन हाथ चलाते हैं.
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फोटो - thelallantop
देखने में एकदम हीरो माफिक ये बालक असल में हीरा है. इसकी कराटे पोज में तनी हथेलियों के पीछे मासूम और दिलकश मुस्कान लिए चेहरा है. इसे पहचान कर नाम डायरी में नोट कर लीजिए. बच्चों को कहानियां सुनाने के लिए. बच्चे का नाम है हाशिम मंसूर. इसने एशियन यूथ कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है.
Image: ANI
जम्मू कश्मीर के बंदीपुरा जिले से है हाशिम. 6 साल का बांका बच्चा. बंदीपुरा. बसा है वुलर झील के किनारे. एशिया में दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील. बंदीपुरा तीन चीजों के लिए फेमस है. आलिम, मतलब ज्ञान. आदाब और आब. आब मतलब पानी. ये वुलर झील के लिए कहा जाता है.
इतनी खूबियों वाला हाशिम मंसूर का घर शहर पिछले काफी समय से मुश्किल में है. कर्फ्यू जैसे हालात हैं. स्कूल बंद. सुविधाएं खत्म. इसी 25 नवंबर को सेना और आतंकियों की मुठभेड़ में एक जवान शहीद हुआ था. दो आतंकी भी निपटाए गए थे. तो इन हालात में हाशिम ने बड़ी मेहनत की ये मकाम हासिल करने में.
Image: ANI
हाशिम कहते हैं "मैं पिछले 1 साल से प्रैक्टिसकर रहा हूं. बहुत मुश्किल था ये सब. लेकिन मैं बहुत खुश हूं. आखिर मैंने फाइट जीत ली."
फाज़िल अली हाशिम के कोच हैं. कहते हैं "इतने कम रिसोर्सेज और ऐसे हालात में चैंपियनशिप जीतना बहुत बड़ी बात है. यहां तक पहुंचने में बड़ी मुश्किलों से दो चार होना पड़ा."
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जम्मू कश्मीर के बंदीपुरा जिले से है हाशिम. 6 साल का बांका बच्चा. बंदीपुरा. बसा है वुलर झील के किनारे. एशिया में दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील. बंदीपुरा तीन चीजों के लिए फेमस है. आलिम, मतलब ज्ञान. आदाब और आब. आब मतलब पानी. ये वुलर झील के लिए कहा जाता है.
इतनी खूबियों वाला हाशिम मंसूर का घर शहर पिछले काफी समय से मुश्किल में है. कर्फ्यू जैसे हालात हैं. स्कूल बंद. सुविधाएं खत्म. इसी 25 नवंबर को सेना और आतंकियों की मुठभेड़ में एक जवान शहीद हुआ था. दो आतंकी भी निपटाए गए थे. तो इन हालात में हाशिम ने बड़ी मेहनत की ये मकाम हासिल करने में.
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हाशिम कहते हैं "मैं पिछले 1 साल से प्रैक्टिसकर रहा हूं. बहुत मुश्किल था ये सब. लेकिन मैं बहुत खुश हूं. आखिर मैंने फाइट जीत ली."
फाज़िल अली हाशिम के कोच हैं. कहते हैं "इतने कम रिसोर्सेज और ऐसे हालात में चैंपियनशिप जीतना बहुत बड़ी बात है. यहां तक पहुंचने में बड़ी मुश्किलों से दो चार होना पड़ा."
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