सफाईकर्मी की जॉब की दौड़ में 45000 BA-MA डिग्री धारक, बेरोजगारी की ये तस्वीर डराने वाली
Unemployment in Haryana: हरियाणा कौशल रोजगार निगम, Haryana Government का ही एक निगम है. इनकी निकाली गई नौकरी के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने अप्लाई किया.

1.5 अरब आबादी वाले भारत में रह-रहकर बेरोजगारी की अलग-अलग तस्वीरें सामने आती रहती हैं. ऐसी ही एक तस्वीर हरियाणा में संविदा सफाई कर्मचारियों की नौकरी के लिए अप्लाई करने वाले लोगों की संख्या से सामने आई है (HKRN contractual sweepers job). इस नौकरी के लिए 3 लाख 95 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने आवेदन किया है. इनमें 39,990 ग्रैजुएट्स, 6,112 पोस्ट ग्रैजुएट्स और क़रीब 1.2 लाख 12वीं की पढ़ाई कर चुके लोगों ने एप्लीकेशन किया है. अगले महीने की शुरुआत में ही हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election) होने हैं.
ये एप्लीकेशन 6 अगस्त से 2 सितंबर, 2024 के बीच किए गए. दरअसल, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) ने सरकारी विभागों, बोर्ड्स और निगमों में संविदा सफाई कर्मचारियों के लिए भर्ती निकाली. बता दें, HKRN हरियाणा सरकार का ही निगम है. इन एप्लीकेंट्स में से नौकरी पाने वाले लोगों की सैलरी 15,000 रुपये हर माह होगी. इनका काम होगा- सार्वजनिक जगहों, सड़कों और इमारतों में सफाई, झाड़ू लगाना और कचरा हटाना.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, HKRN के एक अफ़सर ने बताया कि आवेदकों को नौकरी की ज़िम्मेदारी के बारे में पूरी जानकारी दी गई है. उन्हें अपने साइन के साथ ये बताना होगा कि वो नौकरी के बारे में दी गई जानकारी के बारे में समझते हैं और सिर्फ़ अपने गृह ज़िले में ही तैनात होने के लिए सहमत हैं. इसकी बहुत कम संभावना है कि किसी ने ग़लती से नौकरी के लिए एप्लीकेशन किया हो.
हताशा और पैसों की कमी के कारण युवा छोटी-मोटी नौकरियों के लिए अप्लाई कर रहे हैं. इसका अंदाजा अप्लाई करने वाले कुछ एप्लीकेंट्स की बातों से भी लगाया जा सकता है. सिरसा की रहने वाली 29 साल की रचना देवी नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग में ग्रैजुएट हैं. फिलहाल राजस्थान से इतिहास में पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं. वो पिछले चार सालों से नौकरी की तलाश में हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में उन्होंने बताया,
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वहीं, चरखी दादरी में शादीशुदा कपल ने भी इस नौकरी के लिए अप्लाई किया है. सहायक नर्सिंग दाई (Auxillary Nursing Midwife) मनीषा और उनके पति दानिश कुमार ने अपनी कहानी सुनाई. बताया कि दोनों ग्रैजुएट हैं और ख़राब माली हालत से जूझ रही हैं. दानिश कुमार हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में बताते हैं,
बताते चलें, केंद्र सरकार की ही रिपोर्ट से पता चलता है कि हरियाणा में बेरोजगारी बढ़ रही है. केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यन्वयन मंत्रालय (MoSPI) का पीरियोडिक लेबर फ़ोर्स सर्वे (PLFS). इसके आंकड़ों से पता चलता है कि हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में 15-29 आयु वर्ग में बेरोजगारी दर अप्रैल से जून, 2024 तिमाही में बढ़कर 11.2% हो गई है. जबकि पिछली जनवरी से मार्च तक की तिमाही में यह 9.5% थी. वहीं, शहरी क्षेत्रों में 15-29 आयु वर्ग की महिलाओं के लिए बेरोजगारी दर जनवरी-मार्च अवधि में 13.9% की तुलना में अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर 17.2% हो गई. केंद्रीय मंत्रालय की PLFS रिपोर्ट में कहा गया है कि बेरोजगारी दर को लेबर फ़ोर्स में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया गया है.
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