पुलिस को जिस ख़ून से सने कपड़े मिले हैं, क्या वो ख़ून जुनैद का है?
12 दिन बाद आखिरकार मिला एक बड़ा सबूत.
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फोटो - thelallantop
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16 साल के जुनैद की ट्रेन में हुई हत्या में पुलिस प्रोग्रेस करती नज़र आ रही है. पुलिस को कुछ पुख्ता सबूत मिले हैं. कल हरियाणा रेलवे पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया था. उनके पास से कुछ ख़ून से सने कपड़े बरामद हुए हैं. पुलिस का कहना है कि ये ख़ून जुनैद का है.

16 साल का जुनैद.
इन चारों को फरीदाबाद कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जुडिशल कस्टडी भेज दिया गया. इससे पहले कोर्ट ने उन्हें 2 दिन की पुलिस कस्टडी में सौंपा था. उन्हीं दो दिनों की ग्रिलिंग का नतीजा है कि पुलिस ये सबूत कलेक्ट कर पाई. फिलहाल चारों आरोपी फरीदाबाद की नीमका जेल में हैं. ये वही जेल है, जहां पांचवां आरोपी रमेश कुमार बंद है.
मेन आरोपी की गिरफ्तारी की बात पर डीएसपी मोहिंदर सिंह ने कहा,
22 जून को दिल्ली से मथुरा जाती ईएमयू ट्रेन में जुनैद का चाकू मार कर मर्डर कर दिया गया था. तीन और लड़के घायल हो गए थे. उस दिन की पूरी कहानी यहां पढ़ें: ईद की शॉपिंग से लौट रहे जुनैद को ट्रेन में किस बात पर मार डाला गया?
सीट से शुरू हुआ झगड़ा पल भर में सांप्रदायिक बन गया. भीड़ दरिंदगी पर उतर आई. 16 साल के एक लड़के की बलि लेकर ही मानी. तबसे अब तक 12 दिन हो चुके हैं. अब तक मेन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है. देश भर में मॉब लिंचिंग की घटनाओं के खिलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन हत्याओं की निंदा की है. उम्मीद है जुनैद को इंसाफ जल्द मिलेगा.
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पुलिस ने बताया कि उन्हें दो शर्ट और एक साफा मिला है जिस पर ख़ून के दाग हैं. ये कपड़े आरोपियों के हैं. इन्हें डीएनए टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा. अगर टेस्ट से कन्फर्म हो जाता है कि ये ख़ून जुनैद का ही था, तो ये एक मज़बूत सबूत होगा आरोपियों के खिलाफ़.चारों आरोपी पलवल के खंबी गांव के रहने वाले हैं. इनके नाम हैं, रामेश्वर शर्मा, प्रदीप कुमार, चंद्रप्रकाश शर्मा और गौरव कुमार. इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के अनुसार इन चारों ने घटना के वक़्त उस कोच में मौजूद होना कबूल किया है. उन्होंने ये भी कबूला कि वो उस भीड़ का हिस्सा थे, जिसने जुनैद और उसके भाइयों पर मज़हब को लेकर टिप्पणियां की थीं. उन्होंने लड़कों को गालियां दी थीं और उनसे हाथापाई भी की थी.

16 साल का जुनैद.
इन चारों को फरीदाबाद कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जुडिशल कस्टडी भेज दिया गया. इससे पहले कोर्ट ने उन्हें 2 दिन की पुलिस कस्टडी में सौंपा था. उन्हीं दो दिनों की ग्रिलिंग का नतीजा है कि पुलिस ये सबूत कलेक्ट कर पाई. फिलहाल चारों आरोपी फरीदाबाद की नीमका जेल में हैं. ये वही जेल है, जहां पांचवां आरोपी रमेश कुमार बंद है.
मेन आरोपी की गिरफ्तारी की बात पर डीएसपी मोहिंदर सिंह ने कहा,
“चारों आरोपियों से हमें ऐसी कोई जानकारी हासिल करने में मदद नहीं मिली है, जिससे मेन आरोपी तक पहुंच बन सके. हम जांच कर रहे हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लेंगे.”पुलिस सीसीटीवी फुटेज को विस्तार से खंगाल रही है. असावटी रेलवे स्टेशन के पास एक कम्युनिटी सेंटर है. उसके बाहर लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में नज़र आ रहा है कि ट्रेन रुकने के थोड़ी ही देर बाद, तीन लोग एक बाइक पर सवार होकर जल्दबाज़ी में भाग रहे हैं.
22 जून को दिल्ली से मथुरा जाती ईएमयू ट्रेन में जुनैद का चाकू मार कर मर्डर कर दिया गया था. तीन और लड़के घायल हो गए थे. उस दिन की पूरी कहानी यहां पढ़ें: ईद की शॉपिंग से लौट रहे जुनैद को ट्रेन में किस बात पर मार डाला गया?
सीट से शुरू हुआ झगड़ा पल भर में सांप्रदायिक बन गया. भीड़ दरिंदगी पर उतर आई. 16 साल के एक लड़के की बलि लेकर ही मानी. तबसे अब तक 12 दिन हो चुके हैं. अब तक मेन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है. देश भर में मॉब लिंचिंग की घटनाओं के खिलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन हत्याओं की निंदा की है. उम्मीद है जुनैद को इंसाफ जल्द मिलेगा.
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