The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Haryana Palwal Mahapanchayat Hate speech FIR registered over provocative statements

नूह हिंसा वाली महापंचायत में हुई थी भड़काऊ बयानबाजी, पुलिस ने अब क्या एक्शन लिया?

हिन्दू समूहों ने इस महापंचायत को बुलाया था. इसमें ऐलान किया गया कि 28 अगस्त को एक बार फिर बृजमंडल यात्रा निकाली जाएगी.

Advertisement
pic
17 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 17 अगस्त 2023, 01:45 PM IST)
FIR registered against Hindu Mahapanchayat over provocative speeches in Palwal, Haryana.
पलवल में हुई हिन्दू महापंचायत में दूसरे समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने पर दर्ज़ हुई FIR. (फोटो क्रेडिट - पीटीआई)
Quick AI Highlights
Click here to view more

पुलिस ने पलवल में हुई महापंचायत में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज़ की है. हरियाणा के पलवल में 13 अगस्त को सर्व हिन्दू समाज महापंचायत हुई थी. ये FIR प्रोबेशन पर काम कर रहे सब-इंस्पेक्टर सचिन की शिकायत पर दर्ज़ हुई है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पोंडरी गांव में हुई महापंचायत में कुछ लोगों ने दूसरे समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए.

न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक,  पुलिस ने बताया कि 14 अगस्त को हथीन पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज़ कराई गई. इसमें IPC की धारा 153 A (विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (सार्वजनिक रूप से हानि पहुंचाने वाले बयान) के तहत शिकायत लिखी गई. हथीन पुलिस स्टेशन के SHO मनोज कुमार ने 16 अगस्त को कहा,

"हमने FIR दर्ज़ कर ली है. और कानून के हिसाब से लोगों पर कार्रवाई की जाएगी."

हिन्दू समूहों ने इस महापंचायत को बुलाया था. इसमें ऐलान किया गया कि 28 अगस्त को एक बार फिर बृजमंडल यात्रा निकाली जाएगी. नूह में 31 जुलाई को हुई विश्व हिन्दू परिषद की इस यात्रा में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. इसमें 6 लोगों की जान चली गई थी.

महापंचायत ने की NIA जांच की मांग

इस महापंचायत में कई और मांगें की गई थीं. महापंचायत के दौरान नूह हिंसा की NIA जांच करने की मांग की गई थी. इसके साथ ही नूह को गोहत्या मुक्त जिला घोषित करने की मांग की गई थी. इसके अलावा सांप्रदायिक हिंसा के मामलों की सुनवाई नूह से बाहर ट्रांसफर करने की मांग भी हुई थी. साथ ही यहां केंद्रीय बलों का मुख्यालय स्थापित करने के लिए कहा गया था. मारे गए लोगों के परिवार को 1 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई.

महापंचायत में बात करते हुए कुछ लोगों ने ये भी कहा था कि नूह एक मुस्लिम बहुल जिला है, इसलिए यहां हिन्दुओं को आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार रखने की छूट दी जानी चाहिए.

वीडियो: नूह कांड के बाद घसीटकर बिट्टू बजरंगी को ले गई पुलिस से किसने की थी शिकायत?

Advertisement

Advertisement

()