"दंगे के पीछ मोनू मानेसर..."- नूह हिंसा पर हरियाणा के गृह मंत्री ने क्या बता दिया?
अनिल विज मोनू मानेसर के जिस वीडियो के बारे में बात कर रहे थे, वो उसने 29 जुलाई को अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर शेयर किया था. इसमें उसने कहा था कि वो नूह की रैली में शामिल होगा.

हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने मोनू मानेसर (Monu Manesar) का बचाव किया है. न्यूज़ एजेंसी ANI से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि वो वीडियो में कहीं भी दंगा करने की बात नहीं कर रहा है. मोनू मानेसर के वायरल वीडियो पर गृहमंत्री ने कहा,
"हम जांच कर रहे हैं. मैंने भी मोनू मानेसर का वीडियो देखा है. वो वीडियो में कहीं भी दंगा करने की बात नहीं कर रहा है. वो सिर्फ लोगों को यात्रा में आने के लिए कह रहा है."
अनिल विज मोनू मानेसर के जिस वीडियो के बारे में बात कर रहे थे, वो उसने 29 जुलाई को अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर शेयर किया था. इसमें उसने कहा था कि वो नूह की रैली में शामिल होगा. उसने कहा था कि उसकी टीम भी वहां मौजूद होगी. हालांकि, वो यात्रा में शामिल नहीं हुआ था.
मोनू पर भिवानी में जुनैद और नासिर का अपहरण और हत्या करने का आरोप है. गृहमंत्री विज ने आगे बताया कि नूह को 8 थानों में बांटा गया है. हर थाने को एक IPS अधिकारी देख रहे हैं. सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट्स और वीडियोज़ पर भी हमारी नज़र है. कौन सी पोस्ट या वीडियो इस हिंसा के लिए दोषी हैं.
अनिल विज ने बताया कि लगभग 41 FIR दर्ज हो चुकी हैं. केवल नूह में ही 116 लोगों को गिरफ्तार किया है. कुछ लोगों को रेवाड़ी, गुड़गांव और बाकी जगहों से भी गिरफ्तार किया गया है.
नूह में कर्फ्यूअनिल विज ने बताया कि नूह में कर्फ्यू लगाया गया है. बाकी कई जगहों पर धारा 144 लागू है. वहां के डिप्टी कमिश्नर्स को निर्देश हैं कि हालात को देखते हुए अगर कर्फ्यू लगाना हो तो वो इसके आदेश दें.
हिंसा भड़काने के सवाल पर अनिल विज बोले,
‘सबको अपनी बात कहने का अधिकार’"ये जांच के बाद ही पता चलेगा. इतना बड़ा बवाल एक दिन में नहीं हो सकता. इसके लिए पहले से प्लानिंग की गई है. किसी ने लोगों को इकट्ठा किया है. पत्थर इकट्ठे किए गए, गोलियां चलाई गईं, हथियार लाए गए, ये सब किसने किया? हम इसकी पूरी जांच करेंगे. जिसने ये सब किया, हम प्रदेश और देश के सामने उस आरोपी को बेनकाब करेंगे."
उन्होंने आगे ये भी कि कहा कि ये यात्रा हर साल आयोजित की जाती थी. ये एक स्थानीय कार्यक्रम है. हर साल जितनी पुलिस फोर्स लगाई जाती थी इस बार भी लगाई गई. लेकिन हिंसा हद से ज़्यादा बढ़ गई. सोशल मीडिया पर चल रही बातों पर विज ने कहा कि सबको अपनी बात कहने का अधिकार है. लेकिन सब शांति व्यवस्था को बनाए रखें. कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं करें.
मेवात के इलाके में 31 जुलाई को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से 'बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा' निकाली गई थी. इसमें करीब 1000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. पुलिस ने बताया है कि युवकों के एक समूह ने इस यात्रा को रोका. इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई. फिर पथराव और आगजनी होने लगी. इस हमले में कई पुलिसवाले घायल हुए हैं.
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