पंचकुला में डिस्ट्रिक्ट लेवल पर गणतंत्र दिवस फंक्शन मनाया गया. और जिन लोगों कोसम्मान के तौर पर स्टेज पर बुलाया गया, उनमें शामिल था SPS राठौड़. वो DGP, जिसे 14साल की लड़की के यौन शोषण का दोषी पाया गया था. हम बात कर रहे हैं रुचिका गिरहोत्राकेस की. अगर आपको याद न हो, तो बता दें कि इस वाकये के बाद के बाद रुचिका के परिवारको लगातार शोषण झेलना पड़ा था, जिसके चलते रुचिका ने सुसाइड कर लिया था.हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ राठौड़ फंक्शन में कुर्सियों की पहलीपंक्ति में बैठे देखे गए थे.इस समय हरियाणा सरकार की अगर किसी चीज के लिए सबसे ज्यादा आलोचना हो रही है, तो वोहै वहां लगातार हो रहीं रेप की घटनाएं. ऐसे समय में भारत के गणतंत्र को मनाने केलिए इस आदमी को गेस्ट के तौर पर बुलाना, वो भी तब जब उसकी वजह से एक परिवार उजड़ गयाहो, हमें बताता है कि हरियाणा औरतों के लिए कैसी जगह है.राठौर (बीच में)रुचिका गिरहोत्रा का पूरा केस और 26 साल तक चलने वाले केस के बाद राठौड़ को न केबराबर मिलने वाली सजा ये साफ़ करती है कि एक ताकतवर आदमी के सामने एक औरत की अस्मिताऔर एक परिवार की इज्ज़त के कोई माने नहीं हैंराठौड़ ने रुचिका का यौन शोषण किया. मगर ये काफी नहीं था. उस पर चले लंबे केस के बादउसे महज 18 महीने की सजा हुई. ये सजा भी उसे काटनी नहीं पड़ी, क्योंकि वो सीनियरसिटीजन था और केस की सुनवाइयों के दौरान 6 महीने पहले ही जेल में काट चुका था.जिस पल राठौड़ के खिलाड़ यौन शोषण की शिकायत हुई, उसी पल से रुचिका और उसकी एक सहेलीके परिवार का जीना दूभर कर दिया गया. क्योंकि ये लोग वाकये के गवाह थे. इन दोनोंपरिवारों को बाकायदा टॉर्चर किया गया.आराधनारुचिका के पिता एक बैंक में मैनेजर थे. रुचिका की मां की मौत हो चुकी थी. वोसेक्रेड हार्ट स्कूल कि स्टूडेंट थी और हरियाणा लॉन टेनिस असोसिएशन में टेनिस सीखतीथी. असोसिएशन का हेड था राठौड़, जो अपने घर में ही असोसिएशन का ऑफिस चलाता था. अगस्त1990 में उसने अपने ऑफिस में रुचिका का यौन शोषण किया. उस वक़्त उसकी सहेली आराधनावहां मौजूद थी.जब रुचिका का परिवार पुलिस के पास गया, तो उसे स्कूल से निकाल दिया गया. राठौड़ कीबेटी भी उसी की क्लास में पढ़ती थी. स्कूल से निकालने की वजह फीस न देना बताई गई.बाद में कोर्ट में कहा गया कि रुचिका को बुरे चरित्र की लड़की होने की वजह से स्कूलसे निकाला गया था.रुचिका के छोटे भाई आशू के खिलाफ फर्जी केस बनाकर उसे पुलिस ने धर लिया. बाद मेंउसने कोर्ट में बताया कि पुलिस ने उस पर गाड़ी चोरी का आरोप लगाकर उसे धर लिया था,जिसके बाद उसे जमीन पर लेटाकर उसकी टांगों पर रोलर चलाया गया. रोलर में 4 पुलिसवाले बैठे थे. राठौड़ ने से टॉर्चर करते हुए उससे कहा कि वो अपने बहन और पिता से कहेकि वो केस वापस ले लें.एसपीएस राठौड़'उसके बाद वो लोग मुझे हथकड़ी में बांधकर मेरे घर ले गए और पिता और बहन को दिखातेहुए बोले कि अगर उन्होंने कंप्लेंट वापस नहीं ली तो उनका भी यही हाल होगा.'कोर्ट में राठौड़ की पत्नी ने बताया कि रुचिका के पिता सुभाष का किसी औरत से अफेयरचल रहा था. वो बच्चों पर ध्यान नहीं देते थे, जिसकी वजह से उनके बच्चे बिगड़ गए थे.2012 में पंचकुला के CBI कोर्ट ने दो केस बंद किए. पहला आशू का मर्डर अटेम्पट औरदूसरा जाली डॉक्यूमेंट बनाना. सुभाष इतनी बुरी तरह टूट गए कि उन्होंने न्याय केरखवालों से हर तरह की उम्मीद छोड़ दी. उन्होंने कहा था, 'हमारे साथ धोखा हुआ है.हमें वक़्त ने 20 साल पीछे भेज दिया है.'लेकिन रुचिका की सहेली आराधना के मां-बाप ने हिम्मत नहीं हारी. आनंद प्रकाश और मधुप्रकाश लड़ते रहे.आराधना के पेरेंट्स आनंद और मधु प्रकाशआनंद ने बताया था:राठौड़ ने मेरे खिलाफ 9 से भी ज्यादा चार्जशीट दाखिल करवाईं. सरचार्ज नोटिस भी थे.मुझे नौकरी से दो साल से लिए सस्पेंड किया गया, मगर मुझे इससे और लड़ने की प्रेरणामिलती रही. उसकी ताकत की वजह से मुझे स्टेट गवर्नमेंट ने प्रीमेच्योर रिटायरमेंट देदिया. मैं इसके खिलाफ हाई कोर्ट गया. केस अब भी चल रहा है.रुचिका की सुसाइड की वजह राठौड़ था, ये कभी साबित नहीं हो पाया.राठौड़ को दोषी साबित हुए दो साल हो गए हैं. रिटायरमेंट को 16 साल हो गए हैं. अबहरियाणा सरकार उसे गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में बुलाकर जनता को क्या संदेश दे रहीहै? ये वही आदमी है, जिसने पुलिस फ़ोर्स में होते हुए एक नाबलिग लड़की का यौन शोषणकिया. फिर अपनी पूरी ताकत लगाकर उनके घर को उजाड़ दिया.17 जनवरी को ADGP अंबाला रेंज आरसी मिश्रा ने कहा था, रेप तो समाज का हिस्सा हैं.जब सरकार का रेप जैसे जघन्य अपराधों की तरफ ये रवैया है, तो फिर हम क्यों ये बातसोचने में अपना दिमाग खपाते हैं कि रेप कम क्यों नहीं होते?--------------------------------------------------------------------------------ये आर्टिकल सबसे पहले डेली ओ पर लगा था. वेबसाइट की इजाज़त से हम इसका अनुवाद करआपको पढ़वा रहे हैं.