The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Haryana Faridabad Aryan Mishra Murder Accused Anil Kaushik Police connections

पुलिस के संपर्क में रहा है आर्यन की हत्या का आरोपी अनिल कौशिक, एक-एक बात जान लीजिए

Aryan Mishra Murder: कुछ मामलों में शिकायतकर्ता पुलिस अधिकारी हैं. ऐसे मामलों में भी आरोपी को बिना पुलिस के ही कथित पशु तस्करों का पीछा करते देखा गया है. ऐसे उसकी संस्था के यूट्यूब चैनल पर अपलोड वीडियो से पता चलता है.

Advertisement
Haryana Faridabad Aryan Mishra Murder Accused Anil Kaushik Police connections
आरोपी अनिल कौशिक. (तस्वीर: X/Live For Nation)
pic
रवि सुमन
5 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 5 सितंबर 2024, 02:31 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

हरियाणा के फरीदाबाद (Faridabad) में गाय की रक्षा के नाम पर आर्यन मिश्रा (Aryan Mishra Murder) को गोली मार दी गई थी. इस मामले का आरोपी अनिल कौशिक (Anil Kaushik) कई तरीकों से पुलिस के संपर्क में रहा है. आरोपी कौशिक कई मामलों में सरकारी गवाह या शिकायतकर्ता या कथित गोतस्करी की जानकारी देने वाले इंसान के तौर पर पुलिस से जुड़ा रहा है. ऐसे ही फरीदाबाद में दर्ज FIR में आरोपी की संस्था ‘लाइव फॉर नेशन’ का नाम भी शामिल रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस से जुड़ीं ऐश्वर्या राज ने इस मामले को रिपोर्ट किया है. रिपोर्ट के अनुसार, जिन मामलों में शिकायतकर्ता के तौर पर पुलिस अधिकारियों का नाम है, उन मामलों में भी आरोपी की संस्था के यूट्यूब चैनल पर अपलोड वीडियो में उन्हें बिना पुलिस के ही कथित पशु तस्करों का पीछा करते दिखाया गया है. 

Aryan Mishra की मौत कैसे हुई?

23 अगस्त की रात आर्यन अपने दोस्तों के साथ नूडल्स खाने निकला था. आरोपियों ने बताया कि उन्हें सूचना दी गई थी कि कुछ गोतस्कर डस्टर और फॉर्च्यूनर गाड़ियों के जरिए शहर की रेकी कर रहे हैं. आर्यन भी डस्टर कार में ही था. आरोपियों ने जैसे ही तेज गति से जा रही कार देखी तो उसका पीछा किया. 30 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उन्होंने गोली चला दी. पुलिस ने एक सप्ताह के दौरान कौशिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.

ये भी पढ़ें: '...सरकार ने दिया मारने का अधिकार?', गोतस्करी के नाम पर मारे गए आर्यन के पिता ने पूछा सवाल

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा ने कहा है कि उन्हें अभी ये पता नहीं चल पाया है कि आरोपी कौशिक ‘गोरक्षक’ था या नहीं. फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि आरोपी पुलिस के संपर्क में थे.

हालांकि, 2023 से जिले में दर्ज FIR से पता चलता है कि कौशिक पुलिस के संपर्क में रहा है. इस साल फरवरी में एक हेड कांस्टेबल की शिकायत पर दर्ज की गई FIR में कौशिक का नाम कथित गोतस्करों के वाहन का पीछा करने वाले लोगों में से एक के रूप में दर्ज है. FIR में कहा गया है, 

Image embed

कौशिक ने पुलिस से नाकाबंदी करने को कहा

इस मामले में शिकायतकर्ता का कहना है कि अनिल कौशिक और उसके साथी वाहन का पीछा कर रहे थे. और उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपी कथित तौर पर उनके वाहनों पर पत्थर फेंक रहे थे. FIR में ये भी कहा गया है कि कौशिक ने पुलिस से इलाके में नाकाबंदी करने को कहा ताकि आरोपियों को पकड़ा जा सके.

FIR, IPC की धारा 147 और 149 (दंगा), 307 (हत्या का प्रयास), और हरियाणा गौवंश संरक्षण और गौसंवर्धन अधिनियम 2015 की धारा 5/13 (2), 17 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11-59-60 के तहत दर्ज की गई है.

दिसंबर 2023 में भी दर्ज हुआ था मामला

दिसंबर 2023 में मुजेसर पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह की शिकायत पर एक और FIR दर्ज हुई थी. इसमें कौशिक को पुलिस के "गवाह" के रूप में सूचीबद्ध किया गया है. FIR में कहा गया है,

Image embed

FIR में आगे लिखा है, 

Image embed

‘गोरक्षा दल फरीदाबाद’ के सदस्य पंकज जैन ने 5 जून को पल्ला थाने में एक FIR दर्ज कराई थी. इस मामले में भी अनिल कौशिक के संगठन का नाम आया. इसमें कहा गया कि कुछ अज्ञात लोगों ने गायों पर धारदार हथियारों से हमला किया था. जैन ने बताया, 

Image embed

Anil Kaushik- शिकायतकर्ता

आर्यन मिश्रा की हत्या से एक दिन पहले 22 अगस्त को सारन थाने में दर्ज FIR में शिकायतकर्ता खुद अनिल कौशिक है. FIR में कहा गया है कि 22 अगस्त को कौशिक को सूचना मिली कि प्याली चौक के पास कुछ लोग एक पिकअप ट्रक में गायों को भर रहे हैं. अनिल कौशिक ने अपनी शिकायत में कहा, 

Image embed

पुलिस PRO ने कहा है कि उन्हें इन घटनाओं की जानकारी नहीं है. 

वीडियो: 'उनको तो फरार कर रखी है...', आर्यन मिश्रा के घर वालों ने लल्लनटॉप को क्या बताया?

Advertisement

Advertisement

()