हरियाणा: ED को छापेमारी में ऐसा क्या मिला? जो कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार अरेस्ट हो गए?
Haryana Illegal Mining Case ED Action: 55 साल के सुरेंद्र पंवार सोनीपत से विधायक हैं और खनन कारोबार से जुड़े रहे हैं. वो हरियाणा के साथ राजस्थान में भी खनन का बिजनेस करते हैं. ED ने उनपर ये कार्रवाई क्यों की है?

कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार को ED ने अरेस्ट कर लिया है (Congress MLA Surendra Panwar Arrested). उन्हें यमुनानगर समेत राज्य के अलग-अलग इलाकों में अवैध खनन से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया है (Illegal Mining Money Laundering). दो दिन पहले एजेंसी ने महेंद्रगढ़ से कांग्रेस विधायक राव दान सिंह के परिसरों की भी तलाशी ली थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED ने 19 जुलाई की रात को सुरेंद्र पंवार को उनके घर से अरेस्ट किया और अगली सुबह यानी 20 जुलाई को उनके बेटे को भी अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई.
55 साल के सुरेंद्र पंवार सोनीपत से विधायक हैं और खनन कारोबार से जुड़े रहे हैं. वो हरियाणा के साथ राजस्थान में भी खनन का बिजनेस करते हैं. 2019 में उन्होंने BJP की कविता जैन को हराकर सोनीपत विधानसभा सीट जीती थी. उन्हें हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा का करीबी भी माना जाता है.
क्या है मामला?हरियाणा पुलिस के पास यमुनानगर और आसपास के जिलों में कथित अवैध खनन को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं. आरोप लगाए गए कि लीज की अवधि खत्म होने और कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद वहां बोल्डर, बजरी और रेत का अवैध खनन जारी है. इन FIR में मामले की जांच की मांग की गई थी.
जांच के सिलसिले में ED ने इस साल जनवरी में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत सोनीपत में सुरेंद्र पंवार और उनके सहयोगियों के परिसरों पर रेड मारी थी. करनाल में BJP नेता मनोज वाधवा, यमुनानगर से पूर्व INLD विधायक दिलबाग सिंह और उनके सहयोगियों के आवासों की भी तलाशी ली गई.
दो लोगों को अरेस्ट कियाED सूत्रों ने बताया कि तलाशी के बाद इन ठिकानों से अवैध विदेशी हथियार, 300 कारतूस, 100 से अधिक शराब की बोतलें और 5 करोड़ रुपए नकद मिले. साथ ही 4 से 5 किलोग्राम सोने के बिस्किट भी बरामद किए गए. इस सब के अलावा रेड में दिलबाग सिंह की भारत और विदेश में कई संपत्तियों के बारे में भी पता चला. तब दिलबाग सिंह और उनके एक सहयोगी को अरेस्ट किया गया था.
ED सूत्रों से पता चला कि सुरेंद्र पंवार के आवास से कथित मनी लॉन्ड्रिंग का संकेत देने वाले कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए. जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया.
इसके अलावा ED 'ई-रवाना' स्कीम में कथित धोखाधड़ी की भी जांच कर रही है. ये एक ऑनलाइन पोर्टल है जिसे हरियाणा सरकार कथित तौर पर रॉयल्टी और टैक्स को आसान बनाने और खनन क्षेत्रों में टैक्स चोरी को रोकने के लिए 2020 में लाई थी.
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