हरियाणा: हिंसा के बाद पलायन कर रहे मुस्लिम मजदूरों के लिए आगे आई ट्रेड यूनियन, खाप महापंचायत
हिसार में हुई खाप महापंचायत में मोनू मानेसर की गिरफ्तारी की मांग की गई.

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) की हरियाणा शाखा ने मानेसर से मुसलमान कारीगरों के कथित पलायन का विरोध किया है. उन्होंने 10 अगस्त को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया. CITU ने औद्योगिक संघों से इसके लिए कदम उठाने की मांग की. नूह और आसपास के इलाकों में 31 जुलाई को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से मानेसर से कई मुसलमान कारीगरों ने पलायन किया है.
द हिन्दू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मानेसर के औद्योगिक मॉडल टाउनशिप के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) में कारीगरों की कमी हो गई है. धार्मिक हिंसा के डर और अनिश्चितता के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अपने घर वापस जा रहे हैं. CITU के हरियाणा चैप्टर के उपाध्यक्ष सतवीर सिंह ने कहा,
"गुरुग्राम हरियाणा का औद्योगिक केंद्र है. यहां शांति को भंग करने की किसी तरह भी की कोशिश इसके विकास को नुकसान पहुंचाएगी."
सतवीर सिंह ने आगे कहा,
सरकारी नीतियों का विरोध"इलाके के औद्योगिक संघों को इस पलायन के खिलाफ बोलना चाहिए. उन्हें इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. वरना यहां हालात बहुत खराब हो सकते हैं. जो लोग डर और अनिश्चितता के चलते अपने-अपने घर वापस चले गए हैं, संघों को उन कारीगरों को भरोसा दिलाना के लिए काम करना चाहिए."
ये विरोध प्रदर्शन CITU के देशभर में हुए प्रदर्शनों का हिस्सा था. CITU केंद्र सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है. किसान संयुक्त मोर्चा भी इन प्रदर्शनों का समर्थन कर रहा है.
यूनियन की मुख्य मांग है कि लेबर कोड्स को हटाया जाए. इसके साथ ही श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए. उनकी एक मांग ये भी है कि सरकारी विभागों में जो पद खाली हैं, उन्हें भरा जाए. और कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को खत्म किया जाए.
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के उप महासचिव अनिल पवार ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग को इन विवादों को सुलझाना चाहिए. ये दोनों के लिए अच्छा होगा.
मोनू मानेसर को गिरफ्तार किया जाए - खाप महापंचायतवहीं करीब 30 खाप पंचायतों ने मोनू मानेसर को गिरफ्तार करने की मांग की है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा की खाप पंचायतों, संयुक्त किसान मोर्चा और अलग-अलग किसान यूनियंस ने 10 अगस्त को ही हिसार में एक महापंचायत बुलाई.
इस महापंचायत ने नूह में हुई हिंसा से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किए. यहां मौजूद सदस्यों ने शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया. उन लोगों को चेतावनी भी दी जो मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काऊ नारों और भाषा का इस्तेमाल करते हैं. कहा गया कि इससे राज्य में अशांति पैदा होती है.
महापंचायत ने बिट्टू बजरंगी और मोनू मानेसर को गिरफ्तार करने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि दोनों ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. और जुलूस निकालने से पहले उन्हें चुनौती दी थी.
वीडियो: मोनू मानेसर और बिट्टू बजरंगी के जवाब में भड़काऊ बयान देने वाले जाबिर पर कार्रवाई होगी?

