हरियाणाः तेज रफ्तार ट्रक ने आंदोलनकारी महिला किसानों को कुचला, 3 की मौत
सिंघू बॉर्डर जा रहे किसानों पर 'लाठीचार्ज' को किसान नेता ने बताया BJP की साजिश.
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हरियाणा के बहादुरगढ़ में ट्रक ने सड़क के डिवाइडर पर बैठी महिला किसानों को कुचल दिया. (फोटो-आजतक)
किसान आंदोलन (Farmers Protest) में हिस्सा लेकर घर जा रही महिलाओं पर ट्रक चढ़ाने की दिल-दहलाने वाली घटना सामने आई है. मामला हरियाणा के बहादुरगढ़ का है. गुरुवार 28 अक्टूबर की सुबह तकरीबन 6 बजे एक ट्रक ने महिला किसानों को कुचल दिया. हादसे में 3 बुजुर्ग महिलाओं की मौत हो गई जबकि तीन की हालत गंभीर है.
किसान आंदोलन में हिस्सा लेकर लौट रही थीं
घटना बहादुरगढ़ के झज्जर रोड फ्लाईओवर के नीचे हुआ. आजतक संवाददाता मनजीत सहगल के अनुसार, ये महिलाएं यहां किसान आंदोलन में हिस्सा लेने आई थीं. डिवाइडर पर बैठी हुई थीं. उसी समय एचआर 55 N-2287 नंबर के एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया. 2 महिलाओं की मौत मौके पर ही हो गई जबकि एक महिला ने हॉस्पिटल में दम तोड़ा. मृतक महिलाओं के नाम हैं - छिंदर कौर (60 साल), अमरजीत कौर (58 साल) और गुरमेल कौर (60 साल). ये महिलाएं पंजाब के मानसा जिले की रहने वाली थीं. घायलों को बहादुरगढ़ से पीजीआईएमसी रोहतक रेफर किया गया है.
बता दें कि किसान रोटेशन के तहत आंदोलन में शामिल होते हैं. ये महिला आंदोलनकारी अपनी बारी के तहत आंदोलन में शामिल होने के बाद वापस घर जा रही थीं. इन सभी को ऑटो में बैठकर रेलवे स्टेशन जाना था. लेकिन उससे पहले ही हादसा हो गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है. ट्रक में डस्ट भरा था. हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया.
दिल्ली में लाठीचार्ज को बताया BJP की साजिश
इससे पहले, दिल्ली में किसानों पर बुधवार 27 अक्टूबर की शाम को लाठीचार्ज की खबर आई. हालांकि इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. खबरें आईं कि सिंघु बॉर्डर की तरफ जा रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. जबकि किसान यूनियन का कहना है कि जिन पर लाठीचार्ज हुआ, वो किसान नहीं हैं. साथ ही ये भी कहा कि उनका किसान आंदोलन से कोई लेनादेना नहीं है. किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं ने इसे बीजेपी की साजिश बताया है.
किसान नेता दर्शनपाल ने फेसबुक पर बयान जारी करके कहा कि,
"हिंद किसान मजदूर यूनियन के कुछ लोग उत्तराखंड और यूपी से कुछ गाड़ियों में सवार होकर सिंघु बॉर्डर आ रहे थे. उन्हें पुलिस ने रास्ते में रोका. वो लखबीर सिंह के परिवार के साथ सिंघु बॉर्डर पर आकर हवन करना चाहते थे. जो संगठन इस काम को करना चाहता है, वो बीजेपी-RSS से जुड़ा है. कुछ मीडिया संगठन कह रहे हैं कि किसानों पर लाठीचार्ज हुआ है. ये बात गलत है कि ये लोग किसान हैं. ये संगठन किसानों से जुड़ा हुआ नहीं है. मैं पुलिस से मांग करता हूं कि इनके खिलाफ एक्शन ले. ये लोग किसान आंदोलन और बॉर्डर पर माहौल खराब करना चाहते हैं. मैं किसानों से मांग करता हूं कि वो भारी संख्या में बॉर्डर की तरफ आएं."असल में हिंद मजदूर किसान समिति नाम के संगठन के सैकड़ों लोग सिंघु बॉर्डर पर उस जगह जाना चाहते थे, जहां लखविंदर सिंह की हत्या कर दी गई थी. बता दें कि कुछ दिन पहले निहंगों ने बेरहमी से लखबीर सिंह की हत्या कर दी थी. उसके हाथ-पैर भी काट दिए थे. शव को बैरिकेड पर लटका दिया था. हिंद मजदूर किसान समिति के लोगों का कहना था कि वो लखविंदर की आत्मा की शांति के लिए उनके परिवार के साथ वहां हवन करना चाहते थे. संगठन में ज्यादातर लोग यूपी और उत्तराखंड के थे. जब इन्होंने सिंघु बॉर्डर की उस जगह पर जाने की कोशिश की तो पुलिस ने रोक दिया. प्रदर्शनकारियों ने जब आगे बढ़ने की जिद की तो पुलिस ने कथित तौर पर बल प्रयोग किया. दावा किया जा रहा है कि करीब 12-15 लोगों को चोटें आई हैं. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. फिलहाल सिंघु बॉर्डर पर माहौल तनावपूर्ण है.

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