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हमास चीफ इस्माइल हानिया की ईरान में हत्या, इजरायल पर लगा आरोप

Ismail Haniyeh Assassination: Iran के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की तरफ से कहा गया है कि तेहरान स्थित आवास में Ismail Haniyeh को मार दिया गया है.

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31 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 31 जुलाई 2024, 11:18 AM IST)
hamas chief ismail haniyeh killed in israel air strike in tehran iran
Ismail Haniyeh की एक पुरानी तस्वीर. (फाइल फोटो: AP)
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Hamas leader Ismail Haniyeh killed: फिलिस्तीन के उग्रवादी समूह हमास ने कहा है कि 31 जुलाई की सुबह उसके पॉलिटिकल चीफ इस्माइल हानिया की ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या (Ismail Haniyeh Killed) कर दी गई. हमास ने इस हमले की जिम्मेदारी इजरायल पर डाली है. एक बयान में हानिया की मौत पर शोक जताते हुए समूह ने कहा कि हानिया की मौत एक छल भरे जायनवादी हमले के चलते हुई है. ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने भी हानिया की मौत की पुष्टि की है.

ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने हानिया की मौत के संबंध में और जानकारी दी है. IRG की तरफ से कहा गया है कि हमले के वक्त हानिया के साथ एक बॉडीगार्ड भी मौजूद था. IRG ने बताया कि हानिया राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह के लिए ईरान में थे. IRG ने कहा है कि वो इस हमले की जांच कर रहा है.

इस्माइल हानिया फिलिस्तीन के उग्रवादी समूह हमास के राजनीतिक प्रमुख थे. बहुत लंबे समय से वो कतर में रह रहे थे. इजरायल-हमास युद्ध के संबंध में वो एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे.

ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की तरफ से कहा गया है कि इस हमले में हानिया के साथ मौजूद बॉडीगार्ड की भी मौत हुई है. इधर, इजरायल की तरफ से इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में अभी तक कोई बयान नहीं आया है.

हानिया की मौत के चार घंटे पहले ही इजरायल ने दावा किया था कि उसने लेबनान में हिजबुल्ला के टॉप मिलिट्री कमांडर फुआद शूकुर को एक एयरस्ट्राइक में मार गिराया है. इजरायल की तरफ से कहा गया कि यह कार्रवाई उस रॉकेट हमले के जवाब में की गई, जिसमें 12 बच्चों की जान गई थी.

गाजा शहर की इस्लामिक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान इस्माइल हानिया एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट थे. वो 1987 में हमास में शामिल थी. इसी दौरान हमास का गठन हुआ था. देखते ही देखते वो हमास नेताओं के करीबी बनते गए. हानिया इस पक्ष में थे कि हमास को राजनीति में एंट्री करनी चाहिए.

शुरुआत में हमास का नेतृत्व इस पक्ष में नहीं था कि समूह राजनीति में हिस्सा ले. हालांकि, बाद में समूह इस राह पर आगे बढ़ा. साल 2006 में समूह ने फिलिस्तीन में हुआ चुनाव जीता और हानिया फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री बने. 

इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…

वीडियो: दुनियादारी: इजरायल की आजादी का भारत से क्या कनेक्शन था?

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