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सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले को पता है क्या सजा मिली है?

साल 2022 में एक कार्यक्रम के दौरान हादी मतर नाम के युवक ने चाकू से सलमान रुश्दी पर हमला किया था. इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. बाद में पता चला था कि उनकी एक आंख की रोशनी चली गई. फरवरी 2025 में जूरी ने हत्या के प्रयास और हमला करने के आरोप में उसे दोषी ठहराया था.

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Salman Rushdie Attack Case
सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले को 25 साल की सजा. (India Today)
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राघवेंद्र शुक्ला
16 मई 2025 (पब्लिश्ड: 10:33 PM IST)
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मशहूर लेखक सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) पर हमला करने वाले शख्स को 25 साल की सजा सुनाई गई है. साल 2022 में एक कार्यक्रम में हादी मतर (Hadi Matar) नाम के युवक ने चाकू से सलमान रुश्दी पर हमला किया था. इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. बाद में पता चला था कि उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी. 27 साल के हादी मतर को फरवरी 2025 में जूरी ने हत्या के प्रयास और हमला करने के आरोप में दोषी ठहराया था. 

‘द हिंदू’ में छपी रिपोर्ट के अनुसार, वेस्टर्न न्यूयॉर्क कोर्ट ने मतर को रुश्दी पर हमला करने के लिए 25 साल और मंच पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति को घायल करने का दोषी मानते हुए 7 साल की सजा सुनाई है. दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी क्योंकि हमला एक ही घटना का हिस्सा था. 

भारत के एक मुस्लिम कश्मीरी परिवार में जन्मे सलमान रुश्दी ने साल 1988 में एक उपन्यास लिखा था- द सैटेनिक वर्सेज (The Satanic Verses). उपन्यास में पैगंबर मुहम्मद के बारे में लिखी गई बातों के लिए इसकी इस्लाम जगत में खूब निंदा की गई. इसी बीच ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खुमैनी ने रुश्दी की हत्या करने का फतवा जारी कर दिया था. हादी मतर ने इसी फतवे को मानते हुए रुश्दी पर हमला किया था.

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सलमान रुश्दी ने लिखी ‘द सैटनिक वर्सेस’ (Photo: The Guardian)

साल 2022 में रुश्दी न्यूयॉर्क में एक साहित्यिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. इसी दौरान हादी मतर ने मंच पर चढ़कर उन पर चाकू से कई वार किए. 

सजा सुनाए जाने से पहले मतर ने कोर्ट में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में एक बयान दिया. इसमें उसने रुश्दी को ‘ढोंगी’ बताया और कहा, “वह सिर्फ लोगों का अपमान करना चाहते हैं. वह एक बदमाश हैं और मैं उनसे सहमत नहीं हूं.”

77 साल के सलमान रुश्दी इस फैसले के वक्त अदालत में मौजूद नहीं थे. उन्होंने एक ‘विक्टिम इम्पैक्ट स्टेटमेंट’ अदालत को भेजा था. सुनवाई के दौरान रुश्दी ने खुद गवाही दी थी और बताया था कि कैसे हमले के दौरान उन्होंने सोचा कि वह मरने वाले हैं.

हमले के बाद सलमान रुश्दी को 17 दिन अस्पताल में और तीन हफ्ते तक न्यूयॉर्क के रिहैब सेंटर में रहना पड़ा था. उन्होंने अपने अनुभवों को साल 2024 में आई किताब ‘Knife’ में साझा किया है.

रुश्दी ने मिडनाइट्स चिल्ड्रन, द मूर्स लास्ट साइ और विक्ट्री सिटी जैसी मशहूर किताबें लिखी हैं.

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