The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Gyanvapi masjid hindu petitioner write letter for out of court settlement

ज्ञानवापी के सर्वे के बीच हिंदू याचिकाकर्ता ने ऐसी क्या मांग की जिसने सबको चौंका दिया?

ज्ञानवापी परिसर विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने की बात कही गई है. याचिकाकर्ता राखी सिंह की तरफ से जितेंद्र सिंह बिसेन ने इसके लिए एक खुला पत्र लिखा है.

Advertisement
pic
18 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 18 अगस्त 2023, 02:49 PM IST)
Jitendra Singh Bisen wrote an open letter advocating out of court settlement of Gyanvapi Mosque dispute.
ज्ञानवापी मस्जिद मामले को कोर्ट के बाहर समझौता कर सुलझाने के लिए लिखा गया खुला पत्र. (फोटो क्रेडिट - इंडिया टुडे/पीटीआई)
Quick AI Highlights
Click here to view more

ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi Complex) विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने की बात कही गई है. याचिकाकर्ता राखी सिंह की तरफ से जितेंद्र सिंह बिसेन ने इसके लिए एक खुला पत्र लिखा है. उन्होंने दोनों पक्षों से अपील की है कि इस मामले कोर्ट के बाहर समझौता कर सुलझाया जाए. यह जानकारी तब सामने आई है, जब ज्ञानवापी परिसर का साइंटिफिक सर्वे चल रहा है.

न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक,  बिसेन ने दोनों पक्षों से कहा है कि इस  मामले को आपसी सहमति से इसे निपटा लिया जाए. जितेंद्र सिंह बिसेन विश्व वैदिक सनातन संघ के अध्यक्ष हैं. बिसेन ने बताया कि इस मामले की मुख्य याचिकाकर्ता राखी सिंह की सहमति से ये पत्र लिखा गया. उन्होंने कहा,

"अगर ये मामला आपसी सहमति से सुलझ जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता. इन हालातों में हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने देश और समाज की सुरक्षा का ध्यान रखें. और इस मामले को आपसी बातचीत के जरिए शांति से सुलझा लें."

बिसेन ने इस चिट्ठी में लिखा,

"इस मामले को आपसी सहमति के साथ शांतिपूर्ण तरीके से कोर्ट के बाहर सुलझाया जा सकता है. हम खुले और साफ दिल से इस बातचीत में आप सबका स्वागत करते हैं."

इधर, इंतेज़ामिया मस्जिद कमेटी के संयुक्त सचिव मोहम्मद यासिन ने बताया कि उन्हें बिसेन की ये चिट्ठी मिली है और इस पर एक बैठक में विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा,

“हमें मीडिया के ज़रिए ये चिट्ठी मिली है. हम कमेटी की बैठक में इस पर बात करेंगे. फिर सभी सदस्य मिलकर जो फैसला लेंगे उसे माना जाएगा.”

इधर, हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय को ये स्वीकार करना चाहिए कि वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान पर एक ऐतिहासिक गलती हुई है. उन्हें आगे आकर इसके लिए एक समाधान देना चाहिए.

एक इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ज्ञानवापी को अगर मस्जिद कहा जाएगा तो विवाद होगा. उन्होंने कहा था कि इसे ज्ञानवापी कहा जाना चाहिए. 

वीडियो: ज्ञानवापी सर्वे के दौरान उड़ रही 'अफवाहों' पर मुस्लिम पक्ष बोला- 'सर्वे का बहिष्कार कर देंगे'

Advertisement

Advertisement

()