बच्चों की मौत पर मीडिया ने सवाल किया, गुजरात के सीएम मुंह फेरकर चल दिए
राजकोट के सरकारी अस्पताल में पिछले एक महीने में 134 बच्चों की मौत की खबर है.

राजस्थान के कोटा में बच्चों की मौत पर बवाल मचा हुआ है. कोटा के सरकारी अस्पताल में मरने वाले बच्चों की संख्या हर दिन बढ़ रही है. इसे लेकर बयानबाजी चल रही है. वहीं गुजरात से भी सैकड़ों बच्चों के मौत की खबर सामने आ रही है. राजकोट के एक सरकारी अस्पताल में पिछले एक महीने में 134 बच्चों की मौत की खबर है. हालांकि बच्चों की मौत की वजह कुपोषण, जन्म से ही बीमारी, वक्त से पहले जन्म, मां का खुद कुपोषित होना बताया जा रहा है.
इस मामले की जानकारी के लिए हमने इंडिया टुडे कि रिपोर्टर गोपी मनियार से बात की. उन्होंने बताया कि राजकोट के सिविल अस्पताल में मरने वाले सभी बच्चे नवजात थे. यहां के NICU में ढाई किलो से कम वजन वाले बच्चों को बचाने की कोई व्यवस्था नहीं और न ही क्षमता है.
इस मामले में जब गुजरात के सीएम विजय रूपाणी से सवाल किया गया, तो बिना कुछ बोले ही चल दिए.
#WATCH: Gujarat Chief Minister Vijay Rupani walks away when asked about reports of deaths of infants in hospitals in Rajkot and Ahmedabad. pic.twitter.com/pzDUAI231Z
— ANI (@ANI) January 5, 2020
इस बात के लिए उनकी आलोचना हो रही है कि उन्होंने बच्चों की मौत से जुड़े सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया. उनका वीडियो वायरल हो रहा है.
वहीं डिप्टी सीएम और हेल्थ मिनिस्टर नितिन पटेल का कहना है कि सरकार पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वो निराधार हैं. गुजरात में बच्चों की मौत का आंकड़ा साल-दर-साल कम हो रहा है. उनका कहना है कि राजस्थान से लोग गुजरात इलाज करवाने के लिए सिर्फ इसलिए आते हैं, क्योंकि यहां पर स्वास्थ्य सुविधा बेहतर है.
इसके पहले कोटा में हुई बच्चों की मौत पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने भी कहा था कि हर साल बच्चों की मौत होती है, ये कोई नई बात नहीं है. इस बयान के बाद उन्हें विपक्ष ने जमकर घेरा था. इसके पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बिहार के मुज़फ्फरपुर में हुई बच्चों की मोत पर काफी बवाल हुआ था.
वीडियो देखें : कोटा के सरकारी अस्पताल में बच्चों की मौत पर सीएम गहलोत ने जो कहा, उससे बहुत गुस्सा आएगा

