The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Gujarat Board found cases of mass cheating in hindi, sanskrit and english paper

96 बच्चों का एक ही बेस्ट फ्रेंड था, जिसने नकल के गुजरात मॉडल की पोल खोल दी

जो बच्चे पकड़े गए, वो अपने नाम की स्पेलिंग तक नहीं बता पा रहे थे.

Advertisement
pic
6 जून 2018 (अपडेटेड: 6 जून 2018, 08:23 AM IST)
Img The Lallantop
बिहार में नकल की ये फोटो तो सबको याद ही होगी.
Quick AI Highlights
Click here to view more
बड़े-बूढ़ों ने कहा है - अकल के लिए नकल की भी जरूरत होती है.
मगर नहीं, लौंडों को नहीं मानना है. वो तो कॉपी उतारेंगे तो नाम भी उस आदमी का लिख देंगे जिसका टेप रहे हैं. इन्हीं लड़कों के लिए वो शब्द बना है - टोपा. और इस बार ये प्रजाति पाई गई है गुजरात में. हर बार ऐसे काम बिहार और यूपी के लड़के ही नहीं करते हैं. गुजरात बोर्ड के 10वीं के कुछ स्टूडेंट्स ने ये कारनामा किया है. मामला सामूहिक नकल का है. पकड़ में ये तब आया जब कॉपी चेक हो रही थी. पाया गया कि कई स्टूडेंट्स की हिंदी, संस्कृत और इंग्लिश की कॉपी में काफी समानताएं हैं. ऐसे करीब 230 मामले पकड़ में आए. पर इनमें से 96 केस का मामला एकदम अनोखा था.
symbolic image
symbolic image

ये 96 मामले थे पंचमहल जिले के शेहरा के कवाली सेंटर के. सभी इंग्लिश के थे. इन 96 कॉपियों में इतिहास रचा गया था. माने जिस वजह से ये मामला पकड़ा गया, वो सुनकर आप हंसेंगे भी और भावुक भी हो सकते हैं. हुआ ये कि इंग्लिश के पेपर में एक सवाल था माई बेस्ट फ्रेंड पर निबंध लिखने का. सभी 96 बच्चों ने मन लगाकर ये निबंध लिखा. एकदम टिपटॉप. पर समस्या ये निकली कि सभी 96 बच्चों का बेस्ट फ्रेंड विक्रम निकला. अब चेक करने वाले कितना भी बेमन कॉपी चेक करें, एक ही बेस्ट फ्रेंड होगा तो शक तो होगा ही. शक होगा तो पड़ताल होगी. वही हुई और सभी धर लिए गए. मामला सामूहिक नकल का निकला. हिंदी और संस्कृत में जो बच्चे पकड़े गए, उन्होंने भी कुछ ऐसा ही कांड किया था. इनके में सारी गलतियां एक जैसी थीं. खैर अच्छा ही हुआ कि ये विक्रम काल्पनिक निकला. वरना पक्का ये लड़का आगे चलकर विधायक, सांसद बनता. माने एक साथ 96 लोगों का बेस्ट फ्रेंड होना आसान काम थोड़ी न है. राष्ट्रीय दोस्त की पदवी तो इस आदमी को दे ही देनी चाहिए.
अमित शाह और नरेंद्र मोदी. पूर्वोत्तर को लेकर भाजपा पिछले दिनों काफी गंभीर हुई है. असम और अरुणाचल में वो सत्ता में भी हैं.
पहले इस विक्रम का पता लगाओ यार.

नाम की स्पेलिंग तक नहीं बता पा रहे थे ये बच्चे
चलिए आज यूपी और बिहार वाले कुछ हल्का महसूस करेंगे. हर बार नकल की बात आती है तो इन पर ही नजरें गड़ा ली जाती हैं. वैसे ही जैसे क्लास में कुछ कांड होने पर पीछे बैठे लौंडों पर मास्टर साहब नजरें तरेरने लगते थे. खैर इस मामले में हद तो तब और हो गई जब इन बच्चों को गुजरात बोर्ड ने बुलाया और इनसे टेस्ट से जुड़ी चीजें पूछीं तो ये बाकी स्पेलिंग तो छोड़ो, अपने नाम की स्पेलिंग तक नहीं बता पा रहे थे. अब इतना नाश मारेंगे तो कार्रवाई तो होगी ही. सो गुजरात बोर्ड ने कर भी दी है. सभी को अगले 2-3 साल तक एग्जाम न देने की सजा दी गई है. इन सेंटरों पर तैनात शिक्षकों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है.


 
ये भी पढ़ें -
चंदू ने अपनी बचत प्रधानमंत्री राहत कोष को दे दी, लेकिन ये बहुत बुरी खबर है

बिहार की कल्पना कुमारी ने पाए 99.99 पर्सेंटाइल, मगर कुछ लोग 96 प्रतिशत क्यूं कह रहे हैं?

वीडियो: देखिए हिटमैन रोहित शर्मा की साउथ अफ्रीका में क्या तैयारी है

अकेली औरत के हज जाने वाले नियम पर PM मोदी सही हैं या ओवैसी?

क्या 100 करोड़ रुपए में बिका ‘आप’ का राज्यसभा टिकट?

इंडिया में पैदा हुए वो 5 बच्चे जो आगे चलकर इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेले

Advertisement

Advertisement

()