गुजरात के स्पीकर ने गिन लिया है, नोबेल जीतने वाले लोगों में कितने 'ब्राह्मण' थे
गुजरात के स्पीकर ने घनघोर जातीय दंभ और रेसिज़्म से भरी बातें कही हैं.
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गुजरात विधानसभा स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी वडोदरा के रावपुरा से विधायक हैं. वो विजय रूपाणी सरकार में खेल मंत्री रह चुके हैं. फोटो: फेसबुक पेज
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'अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी समेत नौ में से आठ नोबेल जीतने वाले ब्राह्मण थे.'
'आंबेडकर ने संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने का श्रेय एक ब्राह्मण को दिया था.'
'पिछले महीने दिल्ली में लगी आग से 11 लोगों को एक ब्राह्मण ने बचाया.'
'ब्राह्मणों का DNA अलग होता है.'
'चीन और जापान के लोगों को देखकर आप नहीं बता सकते कि उनकी आंखें खुली हैं या बंद.'
घनघोर जातीय दंभ और रेसिज़्म से भरी ये बातें गुजरात विधानसभा के स्पीकर ने कही हैं. नाम है राजेंद्र त्रिवेदी. कहां बोल रहे थे? मेगा 'ब्राह्मण' बिजनेस समिट में. ऐसे जातिवादी सम्मेलनों और संगठनों की हमारे देश में भरमार है.
राजेंद्र त्रिवेदी ने दावा किया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए बीएन राऊ को श्रेय दिया था जो कि ब्राह्मण थे. 3 जनवरी को गुजरात के अहमदाबाद में समिट के दूसरे एडीशन के उद्घाटन में उन्होंने ये सब बोला. इस कार्यक्रम में सीएम विजय रूपाणी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल और दूसरे बीजेपी नेता भी थे.
त्रिवेदी ने कहा,
अपने ब्राह्मणत्व पर इतराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले महीने दिल्ली में लगी आग के दौरान एक 'ब्राह्मण' व्यक्ति राजेश शुक्ला ने 11 लोगों की ज़िंदगी बचाई थी.
वाह त्रिवेदी जी वाह!

इससे पहले 2018 में इसी कार्यक्रम के पहले संस्करण में त्रिवेदी ने आंबेडकर को ब्राह्मण कहा था. फोटो: फेसबुक
एक्सक्लूसिव ब्राह्मण DNA
त्रिवेदी ने कहा,
कुछ और ना आता हो इनको लेकिन रेसिज़्म निभाना आता है. राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा,
इस मेगा ब्राह्मण समिट का मकसद ब्राह्मणों की कंपनियों का उत्साह बढ़ाना है. 'अपने लोगों' को इस दिशा में शिक्षित करने के लिए यहां 150 स्टाल लगाए गए हैं.
लोकसभा स्पीकर ने भी कुछ ऐसा कहा था
गुजरात विधानसभा स्पीकर के 'विचार' लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के विचारों से काफी मिलते हैं. बिड़ला के ऐसे ही एक बयान पर विवाद हुआ था. सितंबर, 2019 में उन्होंने राजस्थान के कोटा में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा में बोलते हुए कहा,
इस तरह की जातिवादी और रेसिस्ट बातें करने वाले गुजरात स्पीकर का दंभ देखकर यही लगता है,
राजस्थान सीएम अशोक गहलोत और ओम बिड़ला ने जिस इलाके का दौरा किया, वहां इतने बुरे हालात हैं
'आंबेडकर ने संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने का श्रेय एक ब्राह्मण को दिया था.'
'पिछले महीने दिल्ली में लगी आग से 11 लोगों को एक ब्राह्मण ने बचाया.'
'ब्राह्मणों का DNA अलग होता है.'
'चीन और जापान के लोगों को देखकर आप नहीं बता सकते कि उनकी आंखें खुली हैं या बंद.'
घनघोर जातीय दंभ और रेसिज़्म से भरी ये बातें गुजरात विधानसभा के स्पीकर ने कही हैं. नाम है राजेंद्र त्रिवेदी. कहां बोल रहे थे? मेगा 'ब्राह्मण' बिजनेस समिट में. ऐसे जातिवादी सम्मेलनों और संगठनों की हमारे देश में भरमार है.
राजेंद्र त्रिवेदी ने दावा किया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए बीएन राऊ को श्रेय दिया था जो कि ब्राह्मण थे. 3 जनवरी को गुजरात के अहमदाबाद में समिट के दूसरे एडीशन के उद्घाटन में उन्होंने ये सब बोला. इस कार्यक्रम में सीएम विजय रूपाणी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल और दूसरे बीजेपी नेता भी थे.
त्रिवेदी ने कहा,
क्या आप जानते हैं कि 60 देशों के संविधान को पढ़ने के बाद हमारे संविधान का मसौदा तैयार किया गया था? क्या आप जानते हैं कि डॉ. आंबेडकर को मसौदा किसने सौंपा था? जब भी संविधान का ज़िक्र होता है तो हम लोग सम्मान के साथ डॉ. आंबेडकर का नाम लेते हैं. हालांकि, उन्होंने खुद कहा था कि संविधान का मसौदा बीएन राऊ ने तैयार किया था जो कि ब्राह्मण थे. इतिहास बताता है कि ब्राह्मण हमेशा पीछे रहते हैं और दूसरों को आगे बढ़ातें हैं. ये राऊ ही थे जिन्होंने आंबेडकर को अपने से आगे रखा. हमें डॉ. आंबेडकर पर गर्व है क्योंकि उन्होंने 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में अपने भाषण में इसे स्वीकार किया. मैं आंबेडकर को कोट करता हूं, ''जो श्रेय मुझे दिया जाता है वो असल में मेरा नहीं है. ये श्रेय बीएन राऊ का है.''त्रिवेदी यहीं नहीं रुके
अपने ब्राह्मणत्व पर इतराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले महीने दिल्ली में लगी आग के दौरान एक 'ब्राह्मण' व्यक्ति राजेश शुक्ला ने 11 लोगों की ज़िंदगी बचाई थी.
वाह त्रिवेदी जी वाह!

इससे पहले 2018 में इसी कार्यक्रम के पहले संस्करण में त्रिवेदी ने आंबेडकर को ब्राह्मण कहा था. फोटो: फेसबुक
एक्सक्लूसिव ब्राह्मण DNA
त्रिवेदी ने कहा,
हम ब्राह्मण पैदा होते हैं और हमारे अंदर ब्राह्मण डीएनए होता है. हम किसी से दुश्मनी नहीं रखते हैं और हम निवेदन करते हैं कि कोई हमसे भी दुश्मनी ना रखे. सबको आशीर्वाद देना और पूरे विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना करना ब्राह्मणों का जन्मसिद्ध अधिकार है.'काले-गोरे का भेद नहीं...'
कुछ और ना आता हो इनको लेकिन रेसिज़्म निभाना आता है. राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा,
दोस्तों, अगर आप अफ्रीका गए हों तो आपने ज़रूर लोगों का रंग और रूप देखा होगा. आपने चीन के लोगों को देखा होगा. आप ये तक नहीं बता सकते कि उनकी आंखें खुली हैं या बंद हैं. यही जापानियों के साथ भी है. लेकिन जब आप लौटकर हिंदुस्तान आते हैं और पंजाब, हरियाणा वगैरह जाते हैं, आप कद्दावर लोगों को देखते हैं. आपने देखा होगा कि पहाड़ों की गाय छोटी होती हैं. ज़मीनी इलाकों की गायों को देखिए. दुनिया में देश और राज्य के हिसाब से अंतर हैं. ये विविधता क्लाइमेट और सबके डीएनए की वजह से है.कुछ भी हो, एक रेसिस्ट तो है आपमें!
इस मेगा ब्राह्मण समिट का मकसद ब्राह्मणों की कंपनियों का उत्साह बढ़ाना है. 'अपने लोगों' को इस दिशा में शिक्षित करने के लिए यहां 150 स्टाल लगाए गए हैं.
लोकसभा स्पीकर ने भी कुछ ऐसा कहा था
गुजरात विधानसभा स्पीकर के 'विचार' लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के विचारों से काफी मिलते हैं. बिड़ला के ऐसे ही एक बयान पर विवाद हुआ था. सितंबर, 2019 में उन्होंने राजस्थान के कोटा में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा में बोलते हुए कहा,
समाज में ब्राह्मणों का हमेशा से उच्च स्थान रहा है. यह स्थान उनकी त्याग, तपस्या का परिणाम है. यही वजह है कि ब्राह्मण समाज हमेशा से मार्गदर्शक की भूमिका में रहा है.
This celebration of Indian caste system is not only condemnable but also cringe-worthy!
It's a joke on us that a casteist like him is our Loksabha speaker.
He should publicly apologise for this attitude. https://t.co/Wu2ZPKht3G
— Jignesh Mevani (@jigneshmevani80) September 10, 2019
इस तरह की जातिवादी और रेसिस्ट बातें करने वाले गुजरात स्पीकर का दंभ देखकर यही लगता है,
सब मर जाएंगे. बस त्रिवेदी बचेगा.वैसे ये बहुत बड़ा झूठ है.
राजस्थान सीएम अशोक गहलोत और ओम बिड़ला ने जिस इलाके का दौरा किया, वहां इतने बुरे हालात हैं

