बैंक की कतार में लगे लोगों की परेशानी होगी कम
RBI की नई गाइडलाइंस आ गई हैं.
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Source : Reuters
पूरा एक हफ्ता हो चुका है नोटबंदी को. लोग बैंक और एटीएम को घेरे बैठे हैं. इस उम्मीद में कि कुछ पैसे हाथ में आ जाएं. सरकार भी कोशिश कर रही है कि लोगों को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े. वो अलग बात है कि लोगों की दिक्कतें कम हो नहीं रहीं. खैर हम मुद्दे से नहीं भटकना चाहते. आपको एक जरूरी जानकारी देनी थी. और वो ये कि अब से नोट एक्सचेंज कराने के लिए आपको आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी अपने साथ टांगने की जरूरत नहीं है. ऐसा हम नहीं कह रहे. ऊपर से निर्देश आया है. ये जो बैंको के पप्पा हैं न, RBI. उन्होंने ऐसा कहा है.
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बस करना आपको ये होगा कि फॉर्म पर अपना नाम, नंबर और बाकी डिटेल लिखनी होगी. और लाइन में अदब से खड़े रहकर अपनी बारी का वेट करना होगा. जब आपकी बारी आएगी तो बैंक वाले आपसे फॉर्म में भरी डिटेल पूछेंगे. अगर वो मैच कर गई तो आपको नोट बदल कर दे देंगे. और नहीं मैच की तो आपको पता ही है क्या करेंगे. लाइन वाली बात हमने कही है, बैंक ने नहीं.
इस बारे में लक्षमी विलास बैंक के सीईओ का कहना है कि उन्होंने अपने कस्टमर्स को फोटोकॉपी वाले झंझट में फंसाया ही नहीं है. वो कस्टमर की KYC डिटेल के जरिए उन्हें नोट बदल कर दे रहे हैं. और जो उनके बैंक के कस्टमर नहीं हैं, उन्हें आईडी की फोटोकॉपी देनी पड़ रही है. वो भी अपने नाम, सिग्नेचर और वजह लिख कर.
कस्टमर्स की होशियारी से आगे निकली सरकार
इकॉनमी अफेयर्स के सेक्रेटरी शक्तिकांत दास नोटबंदी को लेकर लगातार नई-नई घोषणाएं कर रहे हैं. सोमवार को उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि मंगलवार से नोट एक्सचेंज करने वाले कस्टमर्स की उंगलियों में निशान लगाया जाएगा. ताकि एक बंदा कई दफा नोट न बदलवा सके. बड़े शहरों में तो ये आज से लागू हो जाएगा. खबर ये भी आई थी कि लोग अपनी ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बार-बार नोट बदल रहे हैं. ये लोग गरीबों को आईडी के साथ पैसे पकड़ा दे रहे हैं. और बदले में थोड़ा पैसा उनको दे रहे हैं. उंगली पर निशान लगने से अब ऐसा नहीं होगा. और सरकार ने बैंकों को इसके लिए खास इंक का इस्तेमाल करने को कहा है. उनके मुताबिक वोट डालने वाला इंक निशान लगाने के लिए काफी नहीं है. और एक बात. ये निशान आपके दांए हाथ की उंगली पर लगेगा. वो इसलिए कि कुछ स्टेट्स में इलेक्शन होने वाले हैं. इस निशान से बेफालतू में दिक्कतें न हों, इसलिए ये स्टेप लिया गया है. साथ ही सरकार ने धार्मिक स्थलों से मदद मांगी है. वहां लोग बतौर चंदा छोटे नोट ही दानपेटी में डालते हैं. बढ़िया है. लोग बच्चों की गुल्लक तोड़कर घर में धनिया-मिर्च ला रहे हैं और सरकार मंदिर-मस्जिद की गुल्लक साफ करने की कोशिश में लगी है.ये भी पढ़िये..बैंक से पैसे मिले एटीएम में डालने के लिए, और मैनेजर ले उड़ासब अफवाह है - जिसने मोदी जी का सूट खरीदा, उसने 6000 करोड़ नहीं जमा करवाए'कैश शो' से बेआबरू विदाई पर फूट फूटकर रोए हजार- पांच सौउनका क्या जिन देशों में नोट, सिक्के सब बंद हो रहे हैं?बाहुबली-2 काले धन से बन रही है क्या?एटीएम की कतार में हुआ प्यार की खबर झूठी हैडियर Paytm, 100 की नोट के लिए बैंक की लाइन में खड़ा होना कोई ड्रामा नहीं है

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