जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद क्या-क्या सस्ता हुआ?
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फोटो - thelallantop
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले कहा था कि सरकार चाहती है कि 99 फीसदी वस्तुएं जीएसटी की 18 प्रतिशत या निचली कर के दायरे में आ जाएं. जनता को लगा कितनी सही बात कह रहे हैं. कयास भी लगने लगे कि लग रहा है कुछ होगा.
फिर तारीख आई 22 दिसंबर. वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई. जनता को लगा मोदी जी के बयान के बाद बैठक हो रही है तो पक्का कुछ फायदा मिलेगा. न्यू ईयर गिफ्ट के तौर पर. तो ऐसा ही कुछ हुआ है. सरकार ने 28 फीसदी टैक्स स्लैब से 6 वस्तुओं को बाहर कर दिया है. इसके अलावा आम उपभोग के 33 उत्पादों पर लगने वाले 18 फीसदी टैक्स को भी कम कर दिया गया है.

पीएम मोदी ने पिछले दिनों इशारा किया था कि 28 प्रतिशत जीएसटी का दायरा छोटा किया जा सकता है.
काउंसिल की मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बताया कि अब 28 फीसदी टैक्स दायरे के अंदर सिर्फ 28 वस्तुएं रह गई हैं. ये नई दरें 1 जनवरी 2019 से लागू होंगी. तो ये कौन सी वस्तुएं हैं. वो भी जान लेते हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यों का डेटा को देखने पर पता चलता है कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल बेतहर प्रदर्शन कर रहे हैं.
जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय कुछ इस प्रकार हैं -
पुडुचेरी के सीएम वी नारायणसामी ने कहा कि हमारी मांग से सरकार सहमत है.
बैठक के बाद कई प्रोडक्ट्स पर से टैक्स घटने का श्रेय लेने को भी होड़ मच गई. पुदुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने 28 फीसद टैक्स के दायरे को कम करने को कांग्रेस की मांग बताया. वो बात अलग है किक कांग्रेस शासित राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए अधिकारियों ने बैठक में इसका विरोध किया. इन राज्यों से आए अधिकारियों ने काउंसिल को बताया कि स्लैब रेट घटाने के पीछे राजनीतिक लाभ हासिल करने की योजना है. पिछले दिनों इन तीनों राज्यों में कांग्रेस ने बीजेपी को हराते हुए सत्ता में वापसी की थी. जबकि नारायणसामी ने मीडिया से कहा कि ये कांग्रेस की ही मांग थी कि लग्जरी उत्पादों को छोड़कर अन्य सभी उत्पादों पर जीएसटी की दर कम करके 18 प्रतिशत या उससे नीचे की जाए. सरकार ने इस पर अपनी सहमति भी दी है.
फिर तारीख आई 22 दिसंबर. वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई. जनता को लगा मोदी जी के बयान के बाद बैठक हो रही है तो पक्का कुछ फायदा मिलेगा. न्यू ईयर गिफ्ट के तौर पर. तो ऐसा ही कुछ हुआ है. सरकार ने 28 फीसदी टैक्स स्लैब से 6 वस्तुओं को बाहर कर दिया है. इसके अलावा आम उपभोग के 33 उत्पादों पर लगने वाले 18 फीसदी टैक्स को भी कम कर दिया गया है.

पीएम मोदी ने पिछले दिनों इशारा किया था कि 28 प्रतिशत जीएसटी का दायरा छोटा किया जा सकता है.
काउंसिल की मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बताया कि अब 28 फीसदी टैक्स दायरे के अंदर सिर्फ 28 वस्तुएं रह गई हैं. ये नई दरें 1 जनवरी 2019 से लागू होंगी. तो ये कौन सी वस्तुएं हैं. वो भी जान लेते हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यों का डेटा को देखने पर पता चलता है कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल बेतहर प्रदर्शन कर रहे हैं.
जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय कुछ इस प्रकार हैं -
- जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की नई प्रणाली एक जनवरी 2019 से लागू की जाएगी.
- 6 वस्तुओं को 28 प्रतिशत कर दायरे से बाहर किया गया.
- अब सिर्फ 28 उत्पाद ही 28 फीसदी जीएसटी के दायरे में रह गए हैं.
- 33 वस्तुओं को 18 प्रतिशत के कर दायरे से बाहर किया गया है.
- एसी और डिशवॉशर पर अभी भी 28 फीसदी जीएसटी लगेगा.
- 100 रुपए तक के मूवी टिकट्स पर अब 12 % टैक्स लगेगा. अभी तक इस पर 18 प्रतिशत टैक्स लगता था.
- 100 रुपए से ज्यादा के मूवी टिकट जिन पर 28 प्रतिशत टैक्स लगता था अब 18 प्रतिशत लगेगा.
- वीडियो गेम और स्पोर्ट्स के कुछ सामानों पर 28 की जगह 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा.
- बैंकों द्वारा जन धन खातों को दी जाने वाली सेवा को जीएसटी से मुक्त रखा गया है.
- कम्प्यूटर एसेसरीज और पावर बैंक को 28 प्रतिशत के दायरे से निकालकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है.
- इकॉनमी क्लास की धार्मिक हवाई यात्रा मतलब हज और कैलाश मानसरोवर आदि पर 5 प्रतिशत और बिजनेस क्लास पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.
- टायर्स और नॉर्मल साइज के टीवी पर पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत हुआ है.
- दिव्यांग लोगों के उपयोग के उपकरणों पर जीएसटी में कटौती कर 5 प्रतिशत कर दिया गया है.
- सीमेंट और ऑटो पार्ट्स पर से जीएसटी नहीं कम किया गया है.
- सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट को 28% के GST दायरे से बाहर नहीं किया जाएगा. वहीं विमान और लग्जरी गाड़ियों पर टैक्स कटौती की भी उम्मीद नहीं है.
- जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक जनवरी, 2019 में होगी.

पुडुचेरी के सीएम वी नारायणसामी ने कहा कि हमारी मांग से सरकार सहमत है.
बैठक के बाद कई प्रोडक्ट्स पर से टैक्स घटने का श्रेय लेने को भी होड़ मच गई. पुदुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने 28 फीसद टैक्स के दायरे को कम करने को कांग्रेस की मांग बताया. वो बात अलग है किक कांग्रेस शासित राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए अधिकारियों ने बैठक में इसका विरोध किया. इन राज्यों से आए अधिकारियों ने काउंसिल को बताया कि स्लैब रेट घटाने के पीछे राजनीतिक लाभ हासिल करने की योजना है. पिछले दिनों इन तीनों राज्यों में कांग्रेस ने बीजेपी को हराते हुए सत्ता में वापसी की थी. जबकि नारायणसामी ने मीडिया से कहा कि ये कांग्रेस की ही मांग थी कि लग्जरी उत्पादों को छोड़कर अन्य सभी उत्पादों पर जीएसटी की दर कम करके 18 प्रतिशत या उससे नीचे की जाए. सरकार ने इस पर अपनी सहमति भी दी है.

